क्‍या सचमुच एलियंस ने हमें भेजा था 'Wow! सिग्‍नल? वैज्ञानिकों ने खोज निकाली वह जगह

आधी सदी पहले आए इस सिग्‍नल के सोर्स को लेकर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि यह 1800 प्रकाश-वर्ष दूर सैजिटेरीअस तारामंडल में स्थित एक सूर्य जैसे तारे से आया होगा।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 25 मई 2022 12:48 IST
ख़ास बातें
  • साल 1977 में आया था रेडियाे सिग्‍नल
  • एक रेडियो टेलीस्‍कोप को मिला था सिग्‍नल
  • अब इसके सोर्स को लेकर अनुमान लगाया गया है

माना जाता है कि हमारी आकाशगंगा में एक ऐसी बुद्धिमान सभ्यता है, जो खुद के बारे में बताना चाहती है।

एलियंस हमारी दुनिया के लिए हमेशा से रहस्‍य और उत्‍सुकता बने हुए हैं। ऐसे दावों की कमी नहीं है, जिनमें एलियंस के होने की बात कही जाती है। रिसर्चर्स इन दावों की पड़ताल में जुटे हुए हैं। इन्‍हीं में से एक है वो ब्रॉडकास्‍ट, जिसे ‘एलियन ब्रॉडकास्‍ट' कहा जाता है। यह बात साल 1977 की है। अमेरिका में एक रेडियो टेलीस्कोप को नैरोबैंड रेडियो सिग्नल मिला। इसे वाव (Wow) सिग्‍नल के रूप में जाना जाता है। इस सिग्‍नल ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था क्‍योंकि साइंटिस्‍ट इसकी उत्पत्ति का पता नहीं लगा पाए थे। कहा जा रहा है कि अब वैज्ञानिकों को इसका जवाब मिल गया है। 

आधी सदी पहले आए इस सिग्‍नल के सोर्स को लेकर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि यह 1800 प्रकाश-वर्ष दूर सैजिटेरीअस तारामंडल में स्थित एक सूर्य जैसे तारे से आया होगा। खगोलशास्त्री अल्बर्टो कैबलेरो ने लाइव साइंस को बताया कि "वाव! सिग्नल को सबसे बेस्‍ट SETI कैंडिडेट रेडियो सिग्नल माना जाता है, जिसे हमारे टेलीस्‍कोपों ने पिक किया है। नासा के अनुसार, SETI या दूसरे ग्रहों की खोज वह क्षेत्र है, जिसके तहत 20वीं सदी के मध्य से ऐसे संदेशों को सुना जा रहा है। 

यह सिग्‍नल 15 अगस्त 1977 को ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में बिग ईयर टेलीस्कोप ऑब्‍जर्वेट्री ने रिसीव किया था। इसे वाव नाम मिला। खगोलशास्त्री जेरी एहमैन ने इसे यह नाम दिया था। बताया जाता है कि करीब 1 मिनट और 12 सेकंड तक यह सिग्‍नल दिखाई दिया था। 

अब एक स्‍टडी में खगोलविद अल्बर्टो कैबलेरो ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के गैया डेटा को स्कैन किया। इसमें 1 अरब से ज्‍यादा तारों का डेटा है। रिसर्चर्स ने उस क्षेत्र के तारों पर फोकस किया, जहां से सिग्‍नल आने की उम्‍मीद थी। उनका मानना है कि वाव सिग्‍नल के लिए सबसे संभावित तारा सूर्य के जैसा है। उसका क्षेत्र 2MASS 19281982-2640123 मालूम होता है। अल्बर्टो कैबलेरो ने कहा है कि यह तारा रेडियो सिग्‍नल के तौर पर उत्‍तर देने के लिए बहुत दूर है, लेकिन इसके चारों ओर स्थित एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए इसका अध्ययन किया जा सकता है।

माना जाता है कि हमारी आकाशगंगा में एक ऐसी बुद्धिमान सभ्यता है, जो खुद के बारे में बताना चाहती है। संभवत: उसी ने सिग्‍नल ने ब्रॉडकास्‍ट किया था। इससे पहले अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने बताया था कि रिसर्चर्स ने बार-बार उस जगह पर खोज की, जहां सिग्‍नल मिला था, लेकिन उन्‍हें कुछ हाथ नहीं लगा। वाव! सिग्नल को लेकर सबसे ज्‍यादा संभावना है कि यह किसी तरह की प्राकृतिक घटना से आया है, एलियंस से नहीं। वैज्ञानिक इस बात को भी खारिज कर चुके हैं कि यह सिग्‍नल किसी धूमकेतु से आया था। 
Advertisement

इस सिग्नल को जेरी एहमन ने डिकोड किया था। सिग्नल को डिकोड करने के बाद उन्होंने एक खास कूट साइन- 6EQUJ5 पर लाल रंग से घेरा बनाकर उसके पास Wow! लिख दिया था। 

अब नई फाइंडिंग्‍स के अनुसार, जिस तारे से यह सिग्‍नल आया हो सकता है, वह हमारे सूर्य के समान व्यास, तापमान और चमक वाला है और 1,800 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। कैबलेरो का मानना है कि रहने लायक ग्रहों और सभ्यताओं की तलाश के लिए सूर्य जैसे तारे पर ध्यान केंद्रित करना एक अच्छा विचार होगा।
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: wow signal, Aliens, Scientist, Sagittarius, Ohio State University
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. TVS के Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर का शुरुआती प्राइस 49,999 रुपये हुआ, कंपनी ने दिया BaaS का ऑप्शन
  2. Motorola Edge 70 Fusion+ हुआ लॉन्च, 5,200mAh की बैटरी, जानें प्राइस, फीचर्स
  3. Hisense ने लॉन्च की MiniLED TV सीरीज, 165Hz रिफ्रेश रेट और Dolby Atmos ऑडियो के साथ आए नए मॉडल
  4. Huawei ने लॉन्च किए 98-इंच साइज तक के 4 MiniLED TV, 288Hz रिफ्रेश रेट और भरपूर गेमिंग फीचर्स
  5. 6000mAh बैटरी वाले Samsung Galaxy M17e की कीमत हुई लीक, 17 मार्च को भारत में होना है लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. पूरे परिवार को मिलेगी डिजिटल स्कैम से सुरक्षा! जानें क्या है Trucaller का नया Family Protection फीचर
  2. Lava Bold 2 5G हुआ भारत में लॉन्च, 5,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. iQOO Z11 का टीजर जारी, डिजाइन का हुआ खुलासा, जानें कैसे होंगे फीचर्स
  4. Hisense ने लॉन्च की MiniLED TV सीरीज, 165Hz रिफ्रेश रेट और Dolby Atmos ऑडियो के साथ आए नए मॉडल
  5. Meta ने हटाए 1.5 लाख से ज्यादा Instagram और Facebook अकाउंट, जानें क्या है वजह
  6. एक बार चार्ज करो और महीने भर भूल जाओ! आ रहा है 30,000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन
  7. iQOO Z11X 5G vs Oppo A6 5G vs Poco M8 5G: जानें 20K में कौन सा है बेस्ट?
  8. Xiaomi ने Mijia फ्रंट ओपनिंग सूटकेस किया लॉन्च, एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक में करेगा मदद, जानें खासियतें
  9. Huawei Vision Smart Screen 6 टीवी 65,75,85,98 इंच डिस्प्ले के साथ लॉन्च, जानें खासियतें
  10. घर पर मिलेगी कार मैकेनिक से लेकर, पेंटर, AC और बढ़ई की सर्विस, सरकार की ये ऐप दे रही सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.