आज के चंद्र ग्रहण को ब्लड मून भी कहा जाता है। ऐसा ग्रहण लगभग 100 साल बाद लगने जा रहा है। इसलिए यह एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है।
आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो एक अद्भुत घटना होगी।
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चंद्र ग्रहण 2026: आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो एक अद्भुत घटना होगी। भारत में यह ग्रहण बहुत ही खास होगा। क्योंकि भारतीय परंपराओं में ग्रहण का अपना महत्व होता है। यह सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं मानी जाती है। इससे कई तरह की मान्यताएं भी जुड़ी हुई होती हैं। आज के चंद्र ग्रहण को ब्लड मून भी कहा जाता है। आज का चंद्र ग्रहण एक दुर्लभ योग में जन्म लेगा क्योंकि कहा जा रहा है कि चंद्र ग्रहण होली पर आया है। ऐसा ग्रहण लगभग 100 साल बाद लगने जा रहा है इसलिए यह एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। भारत में कितने बजे से लगेगा चंद्र ग्रहण, कैसे देख सकेंगे लाइव, कौन सी रखनी होंगीं सावधानियां, आपको विस्तार से यहां बताने जा रहे हैं।
भारत में चंद्र ग्रहण दोपहर बाद शुरू होगा। चंद्र ग्रहण के शुरू होने का समय 3.20PM बताया गया है। 3 मार्च यानी आज, मंगलवार को यह ग्रहण 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा। ग्रहण लम्बे समय तक रहेगा और इसका अंत सायं को 6.47PM पर बताया गया है।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखने में कुछ समय का अंतर मिलेगा।
दिल्ली में ग्रहण शाम 6:26 से 6:46 बजे तक देखा जा सकेगा। प्रयागराज में शाम 6:08 बजे से 6:46 बजे तक ग्रहण दिखेगा। कानपुर में शाम को 6:14 बजे से 6:46 बजे तक ग्रहण देख सकते हैं। पटना और रांची में शाम को 5:55 बजे से ग्रहण दिखने लगेगा। कोलकाता में शाम 5:43PM से 6:46 बजे तक। चेन्नई में शाम 06:21 बजे से लेकर शाम 06:46 तक यह दिखेगा। वहीं, हैदराबाद में शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक ग्रहण देखा जा सकेगा। यानी ग्रहण के खत्म होने का समय वही रहेगा, जबकि शुरुआत में कुछ अंतर रहेगा।
चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा इसलिए यहां सूतक भी लगेगा। सूतक के दौरान कई तरह की सावधानियां हिंदू परंपरा में रखी जाती हैं। मंदिरो के कपाट बंद हो जाते हैं और खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाता है। पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। सूतक 3 मार्च की सुबह 6:23 बजे से शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूतक के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश और शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
चंद्र ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है जब चांद पर ग्रहण लगता है, यानी किसी खगोलीय पिंड की छाया जब चांद पर पड़ती है। चंद्र ग्रहण में जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है।
आज का चंद्र ग्रहण ब्लड मून के नाम से भी जाना जाता है। आज पूर्णिमा का चंद्रमा आकाश में दिखाई देगा। ऐसे में पृथ्वी की छाया पूरे चांद पर पड़ेगी। लेकिन यह छाया पड़ने के कारण केवल पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली रोशनी ही चंद्रमा तक पहुंचती है। इस दौरान लाल रंग की तरंगें चंद्रमा पर पड़ती हैं। इसी वजह से चंद्रमा का रंग गहरा लाल या तांबे जैसा हो जाता है, इसे ही ब्लड मून कहा जाता है।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी