हजारों वर्ष पहले ही मिस्र में किया जा चुका था ब्रेन कैंसर का इलाज! 4,000 साल पुराने स्कल की हुई जांच

इससे पता चलता है कि मिस्र के डॉक्टर न केवल कैंसर का निदान और इलाज करने में सक्षम थे, बल्कि वे जटिल सर्जिकल प्रोसेस को अंजाम देने में भी सक्षम थे।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 2 जून 2024 20:25 IST
ख़ास बातें
  • रिसर्च से पता चलता है प्राचीन मिस्र के सर्जरी मैथड का एडवांसमेंट
  • रिसर्चर्स ने जांचने के लिए 4,000 साल पुरानी खोपड़ियों को चुना
  • इससे पता चलता है कि मिस्र के डॉक्टर कैंसर का निदान और इलाज कर सकते थे

रिसर्च महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्राचीन मिस्र चिकित्सा के एडवांसमेंट के बारे में नए तथ्यों को उजागर करती है।

Photo Credit: Frontiers in Medicine

रिसर्चर्स द्वारा Micro-CT स्कैनिंग और माइक्रोस्कोपिक बोन सरफेस एनालिसिस का इस्तेमाल करके मिस्र की दो प्राचीन खोपड़ियों की जांच की गई है। स्टडी से पता चला कि एक खोपड़ी में जानलेवा कैंसर के घाव थे और दूसरी खोपड़ी में स्कल फ्रैक्चर ठीक होने का सबूत था। दिलचस्प बात यह है कि कैंसर से लैस इन इंसानी खोपड़ियों में पेरिमॉर्टम कट के निशान भी दिखे, जिससे पता चलता है कि इन व्यक्तियों की सर्जरी या शव परीक्षण हुआ हो सकता है।

Frontiers in Medicine जर्नल में पब्लिश की गई रिसर्च का मानना ​​है कि ये दो खोपड़ियां प्राचीन मिस्र के एडवांस सर्जरी मैथड  के बारे में बताती है। इससे अंदेशा लगाया गया है कि स्कल के फ्रैक्चर वाला व्यक्ति बच गया होगा। यदि ऐसा है तो यह बताता है कि मिस्र के डॉक्टर सिर की गंभीर चोटों का इलाज करने में सक्षम थे। कैंसर के साथ खोपड़ी पर कटे निशानों की व्याख्या करना अधिक कठिन है, लेकिन वे संकेत दे सकते हैं कि मिस्रवासी ट्यूमर को हटाने के लिए किसी प्रकार की सर्जरी कर रहे थे।

यह रिसर्च महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्राचीन मिस्र चिकित्सा के एडवांसमेंट के बारे में नए तथ्यों को उजागर करती है। इससे पता चलता है कि मिस्र के डॉक्टर न केवल कैंसर का निदान और इलाज करने में सक्षम थे, बल्कि वे जटिल सर्जिकल प्रोसेस को अंजाम देने में भी सक्षम थे।

ट्युबिंगन विश्वविद्यालय के एक रिसर्चर और पेपर के पहले लेखक, तातियाना टोंडिनी ने कहा, "हम अतीत में कैंसर की भूमिका के बारे में जानना चाहते थे, प्राचीन काल में यह बीमारी कितनी प्रचलित थी और प्राचीन समाज इस विकृति के साथ कैसे प्रतिक्रिया करते थे।"

रिसर्चर्स का कहना है कि इनमें से एक खोपड़ी में उन्हें एक बड़ा घाव मिला है जो ऊतकों की असामान्य वृद्धि का संकेत देता है। खोपड़ी के चारों ओर कई अन्य छोटे घाव भी थे जो बताते हैं कि इसे मेटास्टेसिस हो गया था। टीम ने इनमें से प्रत्येक घाव के चारों ओर चाकू के निशान भी देखें जैसे कि किसी ने जानबूझकर इन कैंसरयुक्त वृद्धि को काटने की कोशिश की हो।
Advertisement

न्यूजवीक के अनुसार, जिन खोपड़ियों की उन्होंने जांच की, वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के डकवर्थ कलेक्शन की हैं। पहला, 2687 और 2345 ईसा पूर्व के बीच का, 30 से 35 साल के पुरुष का था, जबकि दूसरा 663 और 343 ईसा पूर्व के बीच का, 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिला का था।

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus 13s की गिरी कीमत, 50MP कैमरा वाले फोन को इतने सस्ते में खरीदें
#ताज़ा ख़बरें
  1. HMD जल्द लॉन्च करेगा 6000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन? लीक हुई Crest 2 Pro की डिटेल्स
  2. देसी WhatsApp राइवल Arattai में नया फीचर, फोटो से बनेंगे स्टिकर
  3. ड्राइविंग के दौरान चैट होगी और आसान, आ रहा है WhatsApp CarPlay ऐप!
  4. Instagram पर पैसे देने वाले चोरी-छिपे देख सकेंगे Story? पेड सब्सक्रिप्शन ला रहा है Meta
  5. OnePlus Nord 6 में मिलेगा 50MP कैमरा, कंपनी ने किया खुलासा, जानें सबकुछ
  6. 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
  7. Xiaomi ने लॉन्च किया गजब कूकर, बिना गैस बनेंगे चावल, नहीं रहेगा कोई भी डर
  8. Oppo Find X9 Ultra होगा 21 अप्रैल को ग्लोबल स्तर पर लॉन्च, जानें सबकुछ
  9. Google Maps आपकी हर लोकेशन सेव कर रहा है? ऐसे बंद करें ट्रैकिंग और डिलीट करें डेटा
  10. OnePlus Nord 6 India Launch: हाई-एंड गेमिंग से लेकर 9000mAh बैटरी तक, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.