जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप का कमाल! वैज्ञानिकों को मिली एक और सुदूर आकाशगंगा, तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के एक हफ्ते पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जब एक अन्‍य टीम ने GLASS-z13 नाम की आकाशगंगा को स्‍पॉट किया था।

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प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 2 अगस्त 2022 18:15 IST
ख़ास बातें
  • करीब 35 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है आकाशगंगा
  • हालांकि अभी इसकी पुष्टि होना बाकी है
  • प्रीप्रिंट डेटाबेस arXiv पर पोस्ट किया गया है रिसर्च पेपर

रिसर्चर्स ने अपने निष्‍कर्षों को 26 जुलाई को प्रीप्रिंट डेटाबेस arXiv पर पोस्ट किए गए एक पेपर में दर्शाया है।

अंतरिक्ष में तैनात हो चुकी अबतक की सबसे बड़ी दूरबीन ‘जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप' (James Webb Space Telescope) दुनिया को अपनी तस्‍वीरों से हैरान कर रहा है। टेलीस्कोप इस्‍तेमाल करने वाले खगोलविदों को लगता है कि उन्‍होंने आज तक की सबसे दूर स्थित आकाशगंगा को देखा है। करीब 35 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित यह आकाशगंगा फ‍िलहाल एक लाल धब्‍बे जैसी नजर आती है। हालांकि इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है। रिसर्च अभी अपने शुरुआत में है। इसके प्रकाश के स्‍पेक्‍ट्रा की स्‍टडी करके आकाशगंगा की मौजूदगी को कन्‍फर्म किया जाएगा। खास बात यह है कि इसने जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के एक हफ्ते पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जब एक अन्‍य टीम ने GLASS-z13 नाम की आकाशगंगा को स्‍पॉट किया था।  

लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर्स ने अपने निष्‍कर्षों को 26 जुलाई को प्रीप्रिंट डेटाबेस arXiv पर पोस्ट किए गए एक पेपर में दर्शाया है। उन्‍होंने पाया है कि नई खोजी गई आकाशगंगा में 16.7 की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रेडशिफ्ट है। इसका मतलब है कि इसकी रोशनी लगभग 18 गुना ज्‍यादा लाल हो गई है। इन फाइंडिग्‍स को अभी तक रिव्‍यू नहीं किया गया है। 

गौरतलब है कि पिछले महीने 12 जुलाई को इस टेलीस्‍कोप से ली गई पहली तस्‍वीर दुनिया के सामने आई थी। इसमें सुदूर ब्रह्मांड को बेहतरीन तरीके से दिखाया गया था। SMACS 0723 नाम का यह गैलेक्‍सी क्‍लस्‍टर जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के पहले डीप फील्‍ड के रूप में जाना गया था। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने पिछले साल दिसंबर में इस टेलीस्‍कोप को लॉन्‍च किया था। जेम्‍स वेब के निर्माण में 10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) की लागत आई है। अबतक यह टेलीस्‍कोप खुद को अंतरिक्ष में सेट कर रहा था। यह काम अब पूरा हो गया है। 

स्‍पेस में तैनात अबतक की सबसे बड़ी दूरबीन से ली गई तस्‍वीरें दुनियाभर में छाई हुई हैं। हालांकि अपने मिशन के शुरुआती दौर में यह टेलीस्‍कोप डैमेज हो गया है। इस साल मई में जानकारी सामने आई थी कि टेलीस्‍कोप के प्राइमरी मिररों को उल्‍कापिंडों के टकराने से नुकसान हुआ था। जितना सोचा जा रहा था, यह नुकसान उससे ज्‍यादा मालूम पड़ता है। नासा की रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी से जून के बीच इस टेलीस्‍कोप पर सूक्ष्‍म उल्‍कापिंडों के 6 हमलों में 5 बार ना के बराबर नुकसान हुआ। लेकिन एक उल्‍कापिंड ने टेलीस्‍कोप को नुकसान पहुंचाया है। यह घटना 22 से 24 मई के बीच हुई। 
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