क्या आप भी इस्तेमाल करते हैं ईयरफोन? 1 अरब युवाओं और बच्‍चों के कान खतरे में, आज ही हो जाएं अलर्ट

हेडफोन और ईयरबड्स के इस्‍तेमाल और तेज म्‍यूजिक की वजह से लोगों की सुनने की क्षमता खत्‍म हो सकती है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 नवंबर 2022 20:06 IST
ख़ास बातें
  • नई स्‍टडी में चौंकाने वाली जानकारी आई है
  • रिसर्चर्स ने कहा, सरकारों को कदम उठाने की जरूरत है
  • दुनिया भर में 43 करोड़ से ज्‍यादा लोग हैं बहरेपन का शिकार

अमेरिका के साउथ कैरोलिना की मेडिकल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स समेत एक इंटरनेशनल टीम ने कहा है कि दुनिया भर की सरकारों को जल्‍द जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।

स्‍मार्टफोन्‍स के साथ जिस गैजेट का इस्‍तेमाल दुनिया में सबसे ज्‍यादा बढ़ा है, वह हैं हेडफोन। मॉर्निंग वॉक से लेकर रात को सोने तक लोगों के कानों में ईयरफोन अब आम हो गए हैं। सुनना हो म्‍यूजिक या फ‍िर देखनी हो मूवी, हर कोई पर्सनल एंटरटेनमेंट चाहता है, जिसे पूरा करे हैं हेडफोन, ईयरबड्स या फ‍िर ईयरफोन। इनके नाम और डिजाइन भले अलग हों, लेकिन मकसद एक है, लोगों को बेहतर साउंड उपलब्‍ध कराना। हालांकि इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। बीएमजे ग्लोबल हेल्थ जर्नल (BMJ Global Health) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दुनियाभर में एक अरब से ज्‍यादा किशोर और युवा बहरेपन का शिकार होने के कगार पर हैं।  हेडफोन और ईयरबड्स के इस्‍तेमाल और तेज म्‍यूजिक की वजह से उनके सुनने की क्षमता खत्‍म हो सकती है। 

अमेरिका के साउथ कैरोलिना की मेडिकल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स समेत एक इंटरनेशनल टीम ने कहा है कि दुनिया भर की सरकारों को जल्‍द जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। स्‍टडी के लेखकों का कहना है कि सरकारों, इंडस्‍ट्री और सिविल सोसायटी को सुनने की सेफ प्रैक्टिस को बढ़ावा देना चाहिए। रिसर्चर्स ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया भर में 43 करोड़ से ज्‍यादा लोग वर्तमान में इस मुसीबत का सामना कर रहे हैं।   

इसके अलावा, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की स्टडी में भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। बताया गया है कि लगभग 52 लाख किशोर और 17 लगभग 2.6 करोड़ युवाओं की सुनने की क्षमता खत्म हो गई है। इसकी वजह जरूरत से ज्‍यादा शोर को बताया गया है। कहा गया है युवा के कान पर्सनल लिसनिंग डिवाइसेज (पीएलडी) के इस्‍तेमाल के कारण कमजोर होते हैं। इनमें  स्मार्टफोन, हेडफोन और ईयरबड्स आदि शामिल हैं। 

पूर्व में हुए शोध बता चुके हैं कि पर्सनल लिसनिंग डिवाइसेज इस्‍तेमाल करने वाले यूजर्स आमतौर पर 105 डेसिबल (डीबी) के आसपास के लेवल पर म्‍यूजिक सुनते हैं, जबकि वयस्कों के लिए इसकी लिमिट 80 डेसिबल और बच्चों के लिए 75 डेसिबल है, फ‍िर चाहे कुछ देर के लिए ही म्‍यूजिक क्‍यों ना सुनना हो। 

सभी रिसर्च हम सभी के लिए अलर्ट जारी करती है, क्‍योंकि आजकल हर कोई ईयरफोन्‍स का इस्‍तेमाल करता है। आप बेशक म्‍यूजिक सुनिए, लेकिन बहुत लाउड नहीं। कम से कम आवाज में ही साउंड कानों तक पहुंचना चाहिए। जिन लोगों को लगता है कि उन्‍हें कोई समस्‍या नहीं है, उन्‍हें यह समझना होगा कि तेज साउंड में सुनना भविष्‍य में परेशानी की वजह बन सकता है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco M8 Power 5G सेल भारत में शुरू, खरीदें 3000 रुपये डिस्काउंट के साथ, 8000mAh बैटरी
  2. Redmi Note 17 5G vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: ₹30K में कौन सा फोन है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO Z11 में मिलेगा MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  2. सपनों की उड़ान! उत्तराखंड के रवि टाम्टा ने बनाई उड़ने वाली कार, टेस्ट फ्लाइट का वीडियो वायरल
  3. 43, 50, 55 और 65 इंच प्रीमियम डिस्प्ले वाले Vu Glo Mini-LED TV भारत में लॉन्च, Rs 42,500 से कीमत शुरू
  4. Poco M8 Power 5G सेल भारत में शुरू, खरीदें 3000 रुपये डिस्काउंट के साथ, 8000mAh बैटरी
  5. Amazon Great Freedom Sale: 32 इंच स्मार्ट टीवी पर बंपर डिस्काउंट, ₹10000 से भी कम है कीमत
  6. स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए Huawei ने भारत में लॉन्च किए 2 नए टैबलेट, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स
  7. Skullcandy के लेटेस्ट वायरलैस हेडफोन Bose साउंड, ANC फीचर के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  8. Vu Glo Mini-LED TV भारत में लॉन्च: 65-इंच तक साइज और गेमिंग फीचर्स, कीमत ₹42 हजार से शुरू
  9. Moto Pad 70 Groove Sale: 9 स्पीकर सिस्टम वाले टैबलेट की सेल शुरू, ऐसे मिलेगा ₹4 हजार का डिस्काउंट
  10. इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.