मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत और दूसरी लागत के बीच स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में फेस्टिव सेल का इंतजार करना कितना सही है, जानिए।
मेमोरी चिप की बढ़ती लागत के बीच स्मार्टफोन खरीदने का सही समय समझें
भारत में स्मार्टफोन खरीदने वाले यूजर्स के लिए फेस्टिव सीजन लंबे समय से बड़े डिस्काउंट और ऑफर्स का इंतजार करने का समय रहा है। हालांकि, 2026 में स्मार्टफोन बाजार का गणित कुछ अलग नजर आ रहा है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत, रुपये की कमजोरी और सप्लाई से जुड़ी लागत का असर स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ रहा है। ऐसे में अगर कोई यूजर पहले से ही नया प्रीमियम फोन, खासकर फोल्डेबल खरीदने का मन बना चुका है, तो उसके लिए सिर्फ फेस्टिव सेल का इंतजार करना जरूरी नहीं हो सकता है।
IDC के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत कम हुई। इसके बावजूद इसी दौरान फोन की औसत बिक्री कीमत 14.4 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 315 डॉलर पहुंच गई। यानी बाजार में फोन कम बिक रहे हैं, लेकिन जो फोन खरीदे जा रहे हैं, उन पर ग्राहक पहले की तुलना में ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बढ़ने की एक बड़ी वजह मेमोरी की बढ़ती लागत है। AI के लिए बनाए जा रहे डेटा सेंटर में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते चिप मैन्युफैक्चरर इस सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिसका असर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी की लागत पर भी पड़ रहा है।
IDC ने भी बढ़ती मेमोरी लागत को स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव डालने वाले मुख्य कारणों में शामिल किया है। इसका असर सभी फोन पर एक जैसा नहीं है। खासकर सस्ते फोन के लिए बढ़ती कंपोनेंट लागत को संभालना ज्यादा मुश्किल हो रहा है। वहीं, भारतीय बाजार में ग्राहक धीरे-धीरे ज्यादा कीमत वाले फोन की तरफ बढ़ रहे हैं।
फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार का प्रीमियम सेगमेंट है। इनमें साधारण स्मार्टफोन की तुलना में फ्लेक्सिबल डिस्प्ले, खास हिंज सिस्टम, ज्यादा मेमोरी और हाई-एंड प्रोसेसर जैसे महंगे कंपोनेंट इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में अगर इन कंपोनेंट की लागत बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले प्रोडक्ट साइकल में फोल्डेबल फोन की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
Counterpoint Research के अनुमान के मुताबिक, 2026 में दुनियाभर में फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट 21 प्रतिशत बढ़ सकती है। यानी पूरे स्मार्टफोन बाजार पर दबाव के बावजूद फोल्डेबल कैटेगरी में मांग बनी हुई है। यही वजह है कि अगर कोई यूजर Samsung Galaxy Z Fold या Galaxy Z Flip सीरीज के साथ-साथ भारत में उपलब्ध अन्य फोल्डेबल स्मार्टफोन खरीदने की योजना पहले से बना चुका है, तो उसके लिए मौजूदा कीमत पर खरीदना विचार करने लायक ऑप्शन हो सकता है। यहां बात किसी एक दिन मिलने वाली सेल या डिस्काउंट की नहीं, बल्कि आने वाले समय में कंपोनेंट लागत और प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ने वाले दबाव की है।
फेस्टिव सेल के दौरान स्मार्टफोन पर बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और दूसरे फायदे मिलना सामान्य है। लेकिन मौजूदा बाजार में यह मान लेना कि फेस्टिव सीजन में हर प्रीमियम फोन की कीमत काफी नीचे चली जाएगी, जरूरी नहीं है। खासकर तब, जब फोन बनाने की लागत ही बढ़ रही हो। ऐसे में डिस्काउंट का एक हिस्सा बढ़ी हुई लागत को बैलेंस करने में इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए अगर किसी यूजर को फोल्डेबल स्मार्टफोन खरीदना ही है और मौजूदा कीमत उसके बजट में है, तो सिर्फ बड़ी सेल का इंतजार करना हमेशा सबसे बेहतर रणनीति नहीं हो सकती। Samsung की मौजूदा फोल्डेबल रेंज इसका एक उदाहरण है। कंपनी का नया Galaxy Z Fold 8 भारत में 1,79,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर आता है।
फेस्टिव सेल में एक्स्ट्रा ऑफर मिल सकता है, लेकिन दूसरी तरफ कंपोनेंट लागत में लगातार दबाव आने पर आने वाली पीढ़ियों के फोन की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए मौजूदा कीमत पर नया फोल्डेबल या साधारण फोन खरीदना उन ग्राहकों के लिए खास तौर पर विचार करने लायक है, जिन्हें अभी अपग्रेड करना है।
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