भारत में गलत कारोबारी तरीकों के लिए लगी 1,338 करोड़ रुपये की पेनल्टी को चुनौती देगा Google

देश में एंड्रॉयड-बेस्ड स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों से शिकायतें मिलने के बाद CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 23 दिसंबर 2022 17:56 IST
ख़ास बातें
  • CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था
  • कॉम्पिटिशन एक्ट का सेक्शन 4 दबदबे की स्थिति के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है
  • गूगल पर कुछ अन्य देशों में भी इस तरह के आरोप लगे हैं

कंपनी का मानना है कि CCI ने OEM, डिवेवलपर्स और यूजर्स की ओर से प्रमाण पर ध्यान नहीं दिया है

इंटरनेट सर्च इंजन Google ने एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस इकोसिस्टम में गलत कारोबारी तराकों के लिए उसके दोषी पाए जाने के कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के ऑर्डर को अपीलेट ट्राइब्यूनल NCLAT में चुनौती दी है। CCI ने अक्टूबर में गूगल पर एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइसेज को लेकर कई मार्केट्स में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए 1,337.76 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। 

CCI ने गूगल को गलत कारोबारी तरीकों को बंद करने का भी ऑर्डर दिया था। गूगल के प्रवक्ता ने कहा, "हमने एंड्रॉयड पर CCI के ऑर्डर के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि यह हमारे उन भारतीय यूजर्स और कारोबारों के लिए बड़ा धक्का है जो एंड्रॉयड के सिक्योरिटी फीचर्स पर विश्वास करते हैं। हम NCLAT में अपना पक्ष रखने का इंतजार कर रहे हैं। हम अपने यूजर्स और पार्टनर्स के लिए प्रतिबद्ध हैं।" सूत्रों ने कहा कि गूगल ने इस ऑर्डर पर रोक लगाने की मांग की है। कंपनी का मानना है कि CCI ने OEM, डिवेवलपर्स और यूजर्स की ओर से प्रमाण पर ध्यान नहीं दिया है। 

गूगल को उम्मीद है कि NCLAT इस प्रमाण पर ध्यान देगा। देश में एंड्रॉयड-बेस्ड स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों से शिकायतें मिलने के बाद CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। एंड्रॉयड एक ओपन सोर्स मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) की ओर से इंस्टॉल किया जाता है। गलत कारोबारी तरीकों के आरोप दो एग्रीमेंट्स - मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और एंटी फ्रेगमेंटेशन एग्रीमेंट, जो Android OS के लिए OEM और गूगल के बीच किए जाते हैं। 

कंपनी के खिलाफ CCI के फैसले में कहा गया है कि पूरे Google Mobile Suite का प्री-इंस्टालेशन अनिवार्य करना और इसे अन-इंस्टॉल करने का विकल्प नहीं होना डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक अनुचित शर्त है और यह कॉम्पिटिशन कानून का उल्लंघन करती है। कॉम्पिटिशन एक्ट का सेक्शन 4 दबदबे वाली स्थिति के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। गूगल ने ऑनलाइन सर्च मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है जिससे इस सेगमेंट के अन्य ऐप्स को मार्केट का एक्सेस नहीं मिल रहा। इसके साथ ही गूगल ने Android OS के लिए ऐप स्टोर मार्केट में अपने दबदबे का फायदा उठाकर ऑनलाइन सर्च में पोजिशन मजबूत की है।  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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ये भी पढ़े: Smartphone, Android, Google, CCI, Market, Penalty, Court, developers, Users, Order, Appeal

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