Google का दावा: लाखों रुपये वाले iPhone से ज्यादा सुरक्षित हैं Android स्मार्टफोन!

Google ने साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के दौरान YouGov के साथ साझेदारी में एक सर्वे किया।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 2 नवंबर 2025 08:00 IST
ख़ास बातें
  • एंड्रॉयड सिक्योरिटी सिस्टम iOS के मुकाबले ज्यादा कारगर- गूगल
  • 5 हजार स्मार्टफोन्स यूजर को लेकर सर्वे किया गया
  • गूगल के RCS सेफ्टी चेक संदेहास्पद एक्टिविटी को लगातार ब्लॉक करते रहते हैं

गूगल के अनुसार, एंड्रॉयड सिक्योरिटी सिस्टम iOS के मुकाबले आए दिन लाखों यूजर्स को ऑनलाइन साइबर अटैक से बचाता है।

साइबरसिक्योरिटी आज के समय में दुनिया भर में लोगों के लिए एक चुनौती से कम नहीं है। ऑनलाइन फ्रॉड और ठगी की हजारों घटनाएं रोजाना सुनने में आती हैं। मोबाइल से भी ठगी के कई मामले आए दिन सुनने में आते रहते हैं। ऐसे में मोबाइल सिक्योरिटी भी आज के समय में एक अहम मुद्दा है। बहुत से लोगों का मानना है कि एंड्रॉयड फोन के मुकाबले Apple के iPhone सिक्योरिटी के मामले में ज्यादा भरोसेमंद हैं। लेकिन Google का कहना इसका उलट है। गूगल ने कहा है कि एंड्रॉयड सिक्योरिटी सिस्टम iOS के मुकाबले आए दिन लाखों यूजर्स को ऑनलाइन साइबर अटैक होने से बचाता है। 

Google ने साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के दौरान YouGov के साथ साझेदारी में एक सर्वे किया। इसमें अमेरिका, भारत और ब्राजील के 5 हजार स्मार्टफोन्स यूजर को लेकर सर्वे किया गया। 9to5Google की रिपोर्ट के अनुसार, स्पैम और स्कैम टेक्स्ट को लेकर कंपनी ने जो आंकड़े इकट्ठे किए हैं वो हैरान करने वाले हैं। सर्वे आधारित आंकड़ों के अनुसार रिपोर्ट में पाया गया है कि iPhone के मुकाबले एंड्रॉयड यूजर्स को स्कैम टेक्स्ट मैसेज रिसीव होने की संभावना 58 प्रतिशत कम थी। वहीं, पिक्सल यूजर्स में यह संभावना 96% कम पाई गई। 

वहीं, iOS यूजर्स ने एक हफ्ते के अंदर एंड्रॉयड यूजर्स के मुकाबले 65% ज्यादा स्कैम टेक्स्ट रिपोर्ट किए। इसी के साथ एप्पल के मुकाबले 20% ज्यादा एंड्रॉयड यूजर्स ने कहा कि उनका डिवाइस प्रोटेक्शन सिस्टम बहुत ज्यादा इफेक्टिव है। कुल मिलाकर इस सर्वे में पाया गया कि एंड्रॉयड यूजर्स अपने डिवाइसेज पर स्कैम के मामले में ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। खासकर Google Pixel फोन पर।

Google ने कहा कि उसका एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर सिस्टम स्कैम और फ्रॉड से बचाने में बड़ा रोल प्ले कर रहा है। कंपनी का कहना है कि गूगल AI और मल्टी लेयर सिक्योरिटी सिस्टम इतना कारगर है कि किसी भी तरह के स्कैम के खतरे को यूजर तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लेता है और उसे वहीं पर रोक देता है। कंपनी के अनुसार, हर महीने एंड्रॉयड 10 बिलियन से ज्यादा संदिग्ध स्कैम कॉल और मैसेजेस को रोकता है। जबकि गूगल के RCS सेफ्टी चेक संदेहास्पद एक्टिविटी को लगातार ब्लॉक करते रहते हैं। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO Z11 आज भारत में होने जा रहा लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 7050mAh बैटरी
  2. iPhone 18 के लॉन्च से पहले ₹7945 सस्ती कीमत में मिल रहा ये आईफोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo Y31T 5G के भारत में लॉन्च की तैयारी, लीक हुआ प्राइस
  2. Infinix Hot 70 Pro 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, 4 कलर्स के होंगे ऑप्शन
  3. iQOO 16, iQOO Neo 12 में मिल सकता है 185Hz तक के रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले 
  4. iPhone 17 Pro के जैसा हो सकता है iPhone 18 Pro का डिजाइन
  5. Lava Bold N4 Lite जल्द होगा भारत में लॉन्च, स्क्वेयर-शेप कैमरा मॉड्यूल
  6. Moto G Max की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स 
  7. SIM कार्ड के नियम 24 अगस्त से बदल रहे, पार की लिमिट तो कनेक्शन हो जाएगा बंद
  8. AI अब सिर्फ Chatbot नहीं! ChatGPT से परे ये 4 भारतीय AI टेक्नोलॉजी बदल रही हैं डिजिटल एक्सपीरिएंस
  9. 82% भारतीयों के हाथ से गिरा मोबाइल, प्रोटेक्शन फिर भी नहीं लिया!
  10. Best 4G Feature Phones: ₹1,500 से कम के 6 धांसू फीचर फोन, 4G से लेकर UPI सपोर्ट तक, मिलेगा बहुत कुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.