Google Doodle April 19 : डॉ. वेरा गेड्रोइट्स को समर्पित है आज का गूगल डूडल

जैसे ही आज Google पर कुछ सर्च करने के लिए आप गूगल पेज खोलेंगे, आपको एक महिला की तस्वीर देखने को मिलेगी, जो कि गूगल द्वारा बनाई डॉ ग्रेड्रोइट्स की एनिमेटिड तस्वीर है।

Google Doodle April 19 : डॉ. वेरा गेड्रोइट्स को समर्पित है आज का गूगल डूडल
ख़ास बातें
  • Dr. Vera Gedroits की आज 151वीं जयंती है
  • डॉ वेरा ग्रेड्रोइट्स को रूस की पहली महिला मिल्ट्री सर्ज़न के तौर पर जाना
  • वेरा ग्रेड्रोइट्स का जन्म आज के दिन 19 अप्रैल 1870 में हुआ था
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Google का आज 19 अप्रैल का डूडल Dr. Vera Gedroits को समर्पित है, जो कि रूस की पहली महिला मिल्ट्री सर्ज़न और दुनिया की पहली महिला सर्ज़न प्रोफेसर थीं। वेरा ग्रेड्रोइट्स का जन्म आज के दिन 19 अप्रैल 1870 में हुआ था। ऐसे में आज गूगल उनकी 151वीं जयंती के मौके पर खास डूडल लेकर आया है। ग्रेड्रोइट्स को सर्जन के अलावा, एक कवि व लेखिया के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अपने जीवनकाल में सर्जरी के अलावा मेडिकल सेक्टर्स में कई अनुसंधान भी किए थे। 1931 में उन्होंने अपनी जिंदगी पर आधारित किताब 'लाइफ' की भी रचना की थी।

जैसे ही आज Google पर कुछ सर्च करने के लिए आप गूगल पेज खोलेंगे, आपको एक महिला की तस्वीर देखने को मिलेगी, जो कि गूगल द्वारा बनाई डॉ ग्रेड्रोइट्स की एनिमेटिड तस्वीर है। इसके अलावा गूगल के साथ एक एक्सरे भी देखने को मिला है, जिसके जरिए इंसानी शरीर के अंदरूनी हिस्से को देखा जा सकता है। जब आप गूगल डूडल पर क्लिक करेंगें, तो आपके सामने डॉ वेरा ग्रेड्रोइट्स से जुड़ी कई जानकारियां सामने आएंगी, जिसमें कई आर्टिकल्स व विकिपिडिया पेज शामिल होगा।

कहा जाता है कि डॉ वेरा ग्रेड्रोइट्स के भाई सार्गेई की मौत कुछ बीमारियों की वजह से हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का निर्णय लिया। मेडिकल की पढ़ाई के लिए वह स्विट्जरलैंड चली गईं। रूस लौटकर उन्होंने सर्ज़न के रूप में अपना करियर शुरू किया। साल 1904  में रूस और जापान के बीच हुए युद्ध के दौरान डॉ ग्रेड्रोइट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा दी थी। उन्होंने अपनी मर्जी से रेड क्रॉस अस्पताल ट्रेन में एक सर्जन के तौर पर वॉलेंटियर किया। युद्ध के एक महीने के अंदर उन्होंने  9,255 मरीज़ों का इलाज किया। बताया जाता है कि दुश्मन के खतरे के बावजूद उन्होंने रेलवे कार में जटिक पेट के ऑपरेशन किए जो कि सफल भी रहे। युद्ध में वॉलेंटियर करने के बाद उन्हें रूसी शाही परिवार के लिए सर्जन में नियुक्त किया गया। वहीं, 1929 में गेड्रोइट्स ने कीव यूनिवर्सिटी में सर्जरी के प्रोफेसर के तौर पर काम किया।

साल 1931 में डॉ वेरा ग्रेड्रोइट्स ने अपनी जीवनयात्रा को एक किताब का रूप दिया जिसका नाम है 'लाइफ' । इसके अलावा भी उन्होंने कई रिसर्च व रचनाएं की थी।

आज उनकी 151वीं जयंती है, जिसे गूगल ने अपने की अंदाज में खास बनाया है।
 
 
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