BlackBerry Leap रिव्यू

BlackBerry Leap रिव्यू
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एक वक्त पर स्मार्टफोन सेगमेंट का बादशाह मानी जाने वाली कंपनी BlackBerry आज की तारीख में खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कवायद में जुटी है। कंपनी इसके लिए नई रणनीति पर काम कर रही है। पहले यह कंपनी मुख्य तौर पर हैंडसेट बनाने के बिनजेस में थी, अब यह सभी प्लेटफॉर्म के लिए सर्विसेज उपलब्ध करा रही है। बहुत हद तक यह रणनीति कारगर भी साबित हुई है।

हार्डवेयर के मामले में BlackBerry ने अपना फोकस बिजनस यूजर्स और एंटरप्राइज पर रखा है, और इसके अलावा 10,000 रुपये के प्राइस रेंज सेगमेंट में निवेश का कोई विचार नहीं है। कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया हर फोन एक विशिष्ट कस्टमर ग्रुप के लिए है। BlackBerry Passport टॉप क्वालिटी और भीड़ में अलग दिखने की उम्मीद रखने वाले कस्टमर्स के लिए है। BlackBerry Classic क्क्वार्टी कीपैड के दीवानों के लिए है, और अब BlackBerry Leap उन टचस्क्रीन यूजर्स के लिए है, जिन्हें लगता है कि शायद ये डिवाइस मौजूदा प्रोडक्ट से बेहतर हो। कंपनी की रणनीति से साफ है कि BlackBerry Leap कीमत को लेकर सजग कस्टमर्स के लिए नहीं है। फोन का रिव्यू पढ़ें।



लुक और डिजाइन
BlackBerry Leap एक एलिगेंट फोन है, जिसका ब्लैक फ्रंट फेस बेहद ही स्लीक है। आप स्क्रीन पर नीचले हिस्से में सिल्वर रंग में कंपनी लोगो के अलावा कुछ भी नहीं देख पाएंगे। फोन के साइड और पिछले हिस्से को रबर फिनिश दिया गया है, जो इसे प्रीमियम लुक देने का काम करता है। आप फोन का बैककवर नहीं हटा सकते हैं, इसलिए आप बैटरी एक्सेस नहीं कर सकते। लुक में एक ही कमी हमें दिखी, रियर कैमरे के बगल में 8 MP auto focus का लेबल बेहद ही अटपटा लगा। वैसे यह बेहद ही प्रोफेशनल लुकिंग डिवाइस है।



पिछले साल लॉन्च हुए BlackBerry Z3 और Leap मॉडल में कई समानताएं हैं। अगर आपको दोनों फोन के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता तो आप अंतर भी नहीं कर पाएंगे। Z3 मॉडल की तुलना में Leap मॉडल कुछ मिलीमीटर ज्यादा वाइड है और थोड़ा वजनदार भी। हालांकि, दोनों फोन के बीच कुछ अंतर भी हैं, जैसे कि इसमें पावर बटन ऊपर की तरफ है। सिम और माइक्रोएसडी कार्ड का स्लॉट बायीं तरफ है और वॉल्यूम कंट्रोल के बटन दायीं तरफ। 3.5mm का ऑडियो जैक फोन के टॉप पर है और माइक्रो यूएसबी पोर्ट निचले हिस्से में।



Leap डार्क ग्रे और व्हाइट कलर में उपलब्ध है। फोन सॉलिड और भरोसेमंद नजर आता है। हालांकि, यह एक हाथ में रख कर यूज करने के लिए बहुत बड़ा है। ऐसा लगता है कि कंपनी ने कुछ एशियाई मार्केट में Z3 की बिल्ड क्वालिटी और स्टाइल को मिले पॉजिटिव फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए इसी लुक को फिर से इस्तेमाल किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि Leap को Z3 बनाने वाली कंपनी Foxconn द्वारा नहीं बनाया गया है।

स्पेसिफिकेशन्स और सॉफ्टवेयर
Z3 बजट सेगमेंट का फोन था, इस वजह से इस प्रोडक्ट के स्पेसिफिकेशन्स में थोड़ी कमी थी जो Leap के साथ नहीं है। फोन के डिस्प्ले में जबरदस्त सुधार किया गया है, 5 इंच वाले स्क्रीन का रिजॉल्यूशन 720x1280 है। हालांकि, यह कोई अनोखा फीचर नहीं है पर Z3 के 540x960 रिजॉल्यूशन वाले स्क्रीन से कहीं बेहतर है। टेक्सट काफी क्रिस्प नजर आते हैं, कलर्स आंखों पर दबाव नहीं डालते, कुल मिलाकर फोन मजेदार अनुभव देता है। धूप में फोन के डिस्प्ले को लेकर कुछ कमियां हैं। अफसोस की बात यह है कि पुराने मॉडल से सुधार के मामले में Leap ने सिर्फ इतनी कोशिश की गई है।



यह बेहद ही चौंकाने वाली बात है कि टेक्नोलॉजी कहां से कहां पहुंच गई पर BlackBerry अब भी डुअल कोर 1.5GHz क्वालकॉम स्नैपड्रैगन एस4 प्लस प्रोसेसर पर टिका हुआ है। कंपनी ने MSM8960 प्रोसेसर के इस्तेमाल की शुरुआत 2 साल पहले Z10 मॉडल में की थी। अगर परफॉर्मेंस के मामले में BlackBerry को इस प्राइस रेंज में कंपीट करना है तो यह रणनीति गलत है।

फोन के बाकी स्पेसिफिकेशन्स थोड़े मॉडर्न हैं, पर हाई-एंड बिल्कुल नहीं। फोन में 2जीबी का रैम है। हैंडसेट में 16जीबी की इंटरनल स्टोरेज, 128जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए स्पोर्ट, Wi-Fi b/g/n और ब्लूटूथ 4।0 जैसे फीचर हैं। अफसोस की बात है कि 2300MHz के इंडियन बैंड में LTE के लिए सपोर्ट नहीं है। इसके बैटरी की क्षमता 2800mAh है। आपको प्रॉक्सिमिटी सेंसर और एक बेसिक एक्सेलेरोमीटर मिलता है। BlackBerry द्वारा दिए गए फीचर्स आपको इंप्रेस नहीं करते।



कंपनी का दावा है कि इसके प्लेटफॉर्म की वेल्यू सॉफ्टवेयर और सर्विसेज में है। Apple के बाद BlackBerry दूसरी कंपनी है जिसका अपना हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम है। कंपनी को उम्मीद है कि लोग अपने काम को पूरा करने के लिए Leap पर भरोसा जताएंगे। BlackBerry OS 10.3.1 में कई अच्छे ट्रिक्स हैं, आप ज्यादातर एंड्रॉयड ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं और इसमें एक सेंट्रल कम्युनिकेशन्स हब है जिसके जरिए कई सर्विसेज के मैसेज आप आसानी से देख सकते हैं। हालांकि, हम इस बात से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं कि अलग-अलग गेस्चर ओएस को इस्तेमाल करने का सबसे नेचुरल तरीका है। वहीं, दूसरी तरफ फोन का टच कीबोर्ड अब तक का सबसे बेहतरीन है।

फीचर्स के मामले में Z3 के लॉन्च होने के बाद से अब तक कुछ खास नहीं बदला। हालांकि, एक अंतर यह है कि फर्स्ट मेन्यू पेज पर 4 ऐप टाइल्स की जगह अब 8 मेन्यू टाइल्स की लिमिट है। ऐसा रैम बढ़ाने से संभव हो पाया है।



परफॉर्मेंस
कई दिनों तक इस्तेमाल के दौरान BlackBerry Leap में कुछ कमियां नजर आईं। कई बार ऐप्स लॉन्च करते वक्त या स्विच करते वक्त फोन थोड़ी देर के लिए पॉज मोड में चला जाता था। कुछ OS एनिमेशन्स तो बहुत ज्यादा ही वक्त ले रहे थे। हालांकि, इंटरफेस, हब और अन्य साधारण ऐप्स के इस्तेमाल के वक्त कोई दिक्कत नहीं हुई।

एंड्रॉयड बेंचमार्क्स के आधार पर इस फोन की क्षमता के बारे में सबकुछ नहीं बताया जा सकता। क्रॉस-प्लेटफॉर्म ब्राउजर बेस्ड SunSpider और Mozilla Kraken टेस्ट में फोन को क्रमशः 1284.8ms and 26889.7ms का स्कोर आया। अलट्रा-बजट एंड्रॉयड फोन में भी कुछ ऐसे ही आंकड़े देखने को मिलते हैं। वीडियो लूप टेस्ट में बैटरी 7 घंटे और 19 मिनट तक चली जो सम्मानजक है, लेकिन शानदार तो बिल्कुल ही नहीं। फोन की बैटरी की परफॉर्मेंस अच्छी थी। कॉल क्वालिटी भी बेहतरीन थी।



कैमरे की परफॉर्मेंस पर्याप्त है, बहुत अच्छी नहीं। लेकिन कैजुअल शॉट्स के लिए यह कारगर है। टैक्सचर्स खूबसूरती के साथ निखरकर आते हैं। इमेज में नॉय्ज और कम्प्रेशन भी कम हैं। हालांकि, मूव होते ऑबजेक्ट की फोटो निकालने में फ्रेम्स गड़बड़ हो जाते हैं। रात में कैमरे से फोटो अच्छी आई। कैमरे के जरिए 720p का डिफॉल्ट वीडियो शूट होता है जो शार्प है पर थोड़ा शेकी भी।



हमारा फैसला
कीमत की बात करें तो BlackBerry Leap की टक्कर OnePlus One जैसे शानदार एंड्रॉयड डिवाइस से है। इससे आधे की कीमत या उससे भी कम में कई एंड्रॉयड फोन एक्सपीरियंस के मामले में कड़ी टक्कर देते हैं। BlackBerry प्लेटफॉर्म से कमिटेड होना, इस फोन को खरीदने की एक वजह हो सकती है।कंपनी की सबसे बड़ी मुश्किल लोगों को ब्लैकबेरी प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए समझा पाना है।

कंपनी के लिए अच्छी बात यह है कि कई लोग कमिटेड हैं व आने वाले दिनों में और हो सकते हैं। फोन का टार्गेट ऑडियंस युवा हैं, या फिर ऐसे प्रोफेशनल्स जो हार्डकोर बिजनेस टूल के लिए पैसे लगाने के लिए तो तैयार हैं, पर यह स्मार्टफोन काम करने के लिए बेहतरीन हो। ऐसी भी संभावना है कि कई कॉरपोरेशन्स सिक्योर कम्युनिकेशन्स के मद्देनजर इस फोन को अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी मात्रा में खरीदें।



अगर Leap को सकेंडरी फोन की तरह माना जाए और सिर्फ वर्कप्लेस में इसका इस्तेमाल हो, तो BlackBerry बाजी मार जाएगी। यह कंपनी के प्रोडक्ट बिकने के लिए काफी है, इस तरह से BlackBerry प्रासंगिक बना रहेगा। वैसे हम तो चाहेंगे कंपनी एग्रेसिव हो और मेनस्ट्रीम प्राइसिंग सेगमेंट पर इन्वेस्ट करे।
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