YouTube पर गलत थंबनेल और टाइटल वाले वीडियो की खैर नहीं....

Google के मालिकाना हक वाली यूट्यूब का कहना है कि इस तरह के तरीकों से व्युअर्स को धोखाधड़ी या निराशा महसूस हो सकती है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 19 दिसंबर 2024 20:35 IST
ख़ास बातें
  • इसका लक्ष्य गलत थंबनेल वाले वीडियोज की समस्या से निपटना है
  • ये ऐसे वीडियो होते हैं जिनका टाइटल या थंबनेल कंटेंट से मेल नही खाता
  • कंपनी इस पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाना शुरू करेगी

ये ऐसे वीडियो होते हैं जिनका टाइटल या थंबनेल वीडियो के कंटेंट से मेल नहीं खाता

लोकप्रिय वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने क्लिकबेट या भ्रामक थंबनेल या टाइटल वाले वीडियो के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी की है। इसकी शुरुआत भारत से की जाएगी। इसके लिए विशेषतौर पर ब्रेकिंग न्यूज या करेंट इवेंट्स जैसे टॉपिक्स वाले वीडियोज की निगरानी की जाएगी। 

यूट्यूब ने बताया है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्युअर्स को उस कंटेंट को लेकर भ्रमित न किया जाए तो वे इस वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर देखते हैं। Google के मालिकाना हक वाली इस कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि इसका लक्ष्य गलत थंबनेल वाले वीडियोज की समस्या से निपटना है। ये ऐसे वीडियो होते हैं जिनका टाइटल या थंबनेल वीडियो के कंटेंट से मेल नहीं खाता। यूट्यूब ने इस तरह के गलत थंबनेल के कुछ उदाहरण भी दिए हैं। इनमें एक वीडियो के थंबनेल में लिखा गया है  'टॉप पॉलिटिकल न्यूज', जबकि इस वीडियो में न्यूज मौजूद नहीं है। 

कंपनी का कहना है कि इस तरह के तरीकों से व्युअर्स को धोखाधड़ी या निराशा महसूस हो सकती है, विशेषतौर पर जब वे महत्वपूर्ण जानकारी के लिए यूट्यूब पर कंटेंट देखते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी इस पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाना शुरू करेगी। कंपनी ने बताया है कि इन उपायों को आगामी महीनों में लागू किया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में गूगल के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO), Sundar Pichai को मुंबई की एक अदालत ने YouTube पर एक मानहानि करने वाले वीडियो को हटाने में नाकाम रहने पर अवमानना का नोटिस दिया था। कुछ अन्य देशों में भी गूगल को इस प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 

मुंबई के Ballard Pier में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत की ओर से 21 नवंबर को यह नोटिस जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि यूट्यूब ने पिछले वर्ष मार्च में दिए गए मानहानि करने वाले एक वीडियो को हटाने के ऑर्डर का पालन नहीं किया है। इस वीडियो में ध्यान फाउंडेशन और इसके फाउंडर, Yogi Ashwini को निशाना बनाया गया था। ध्यान फाउंडेशन ने भी लगभग दो वर्ष पहले यूट्यूब के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि यूट्यूब जानबूझ कर अदालत के ऑर्डर को अनदेखा कर रही है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 31 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Apple का सबसे स्लिम iPhone, यहां से खरीदने पर होगा फायदा
  2. Poco X8 Pro Max में होगी 9,000mAh की दमदार बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
  2. LPG सिलेंडर के लिए न दें फालतू पैसा, ऑनलाइन खरीदें ये 5 इंडक्शन, नहीं रहेगा गैस खत्म होने का डर
  3. मार्क जुकरबर्ग ने खरीदा Moltbook, ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जहां AI बॉट्स करते हैं बात, इंसान नहीं कर सकते पोस्ट
  4. कैमरा और परफॉर्मेंस में OnePlus 16 कर देगा सभी पिछले डिवाइसेज को पीछे, जानें ऐसा क्या होने वाला है खास
  5. 31 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Apple का सबसे स्लिम iPhone, यहां से खरीदने पर होगा फायदा
  6. Realme भारत में लॉन्च करने वाला है P4 Lite 5G, 'बजट' फोन के टीजर में दिखाई दिया डिजाइन
  7. इन रोमांचक PlayStation गेम्स को फ्री में खेलने का मौका, मार्च महीने की पूरी लिस्ट हुई लीक
  8. क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
  9. Poco X8 Pro Max में होगी 9,000mAh की दमदार बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  10. LPG सिलेंडर की किल्लत, स्मार्ट कूकर बनेंगे मदद, ऑनलाइन भारी डिस्काउंट पर खरीदें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.