भारत में 5 जून को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल के पूसा रोड पंप पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया
Photo Credit: X/@HardeepSPuri
E85 फ्यूल में 85 प्रतिशत इथेनॉल होता है।
देश में इस समय में E85 फ्यूल को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। सरकार दावा कर रही है कि यह सामान्य पेट्रोल से सस्ता है। मगर वाहन चलाने वालों के मन में सवाल है कि क्या उनके वाहनों में यह काम करेगा, क्या देश में ऐसे वाहन हैं या नहीं। अगर E20 स्टैंडर्ड को फॉलो करने वाले वाहन में E85 फ्यूल भरा जाए तो क्या होगा, क्या यह सुरक्षित रहेगा या नहीं। सरकार ने अब हाई इथेनॉल ब्लेंड की घोषणा कर दी है तो क्या सामान्य पेट्रोल से चलने वाली कार खरीदना सही रहेगा या नहीं। आज हम यहां पर इस तरह के कई सवालों पर चर्चा कर रहे हैं जो कि एक वाहन चालक के लिए जानना बहुत जरूरी है।
भारत में 5 जून को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल के पूसा रोड पंप पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया, जिससे यह पता चला कि देश की राजधानी में हाई इथेनॉल फ्यूल की अब शुरुआत हो गई है। भारत में इथेनॉल-ब्लेंड प्रोग्राम E85 फ्यूल की शुरुआत के साथ नए स्तर पर आ गया है।
दिल्ली में E85 पेट्रोल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर है, जो शहर में वर्तमान में उपलब्ध E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता है। पेट्रोल पंप पर किसी भी परेशानी से बचाव के लिए E85 के लिए अलग से ब्रांडिंग और लेबलिंग वाले पंप तैयार होंगे।
E20 फ्यूल के लिए डिजाइन और सर्टिफाइड व्हीकल 20 प्रतिशत तक इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सुरक्षित तौर पर काम करने के लिए बनाए गए हैं। दूसरी ओर E85 में 85 प्रतिशत तक इथेनॉल शामिल होता है, जिससे यह पूरी तरह से अलग ईंधन बन जाता है। ऐसे में E20 व्हीकल में E85 फ्यूल काम नहीं करेगा।
अगर E20 व्हीकल में E85 फ्यूल डाला जाता है तो इससे कई दिक्कतें हो सकती हैं, जैसे कि इंजन का परफॉर्मेंस खराब हो जाएगा, फ्यूल सिस्टम खराब हो जाएगा, फ्यूल लाइन और सील खराब हो जाएंगी, स्टार्ट करने में दिक्कत आएगी और लंबे समय में कई अन्य दिक्कतें पैदा होंगी। इथेनॉल पेट्रोल से अलग तरह से काम करता है और इसके लिए खास इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल इंजेक्शन सेटिंग्स और मैटेरियल कैपेबिलिटी की जरूरत होती है जो कि स्टैंडर्ड E20 व्हीकल में नहीं होती हैं। E20 वाहन मालिकों को E85 फ्यूल का उपयोग करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
E85 फ्यूल के लिए फ्लेक्स फ्यूल वाहन (FFV) काम आते हैं। FFV खासतौर पर कई प्रकार के इथेनॉल-पेट्रोल ब्लेंड पर चलने के लिए डिजाइन किए गए हैं। आमतौर पर E20 से लेकर E85 और कुछ मामलों में E100 तक ये काम करते हैं। इन व्हीकल में इथेनॉल-रेसिस्टेंट कंपोनेंट, स्पेशल इंजन मैनेजेंट और फ्यूल मैपिंग का उपयोग करते हैं जो उपयोग किए जा रहे ब्लेंड के अनुसार अपने आप एडजेस्ट हो जाते हैं।
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