सरकार ने Google Chrome यूजर्स के लिए हाई सीवेरिटी अलर्ट जारी किया है। CERT-In ने गंभीर सुरक्षा खामी की चेतावनी देते हुए तुरंत ब्राउजर अपडेट करने को कहा है।
Chrome के पुराने वर्जन पर रिमोट कोड एक्सीक्यूशन का खतरा
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भारत सरकार ने Google Chrome यूजर्स के लिए हाई-सीवेरिटी साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम यानी CERT-In ने अपनी एडवाइजरी में चेतावनी दी है कि Chrome के पुराने वर्जन में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स सिस्टम में मनमाना कोड चला सकते हैं। एजेंसी ने यूजर्स को तुरंत ब्राउजर अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि संभावित साइबर हमलों से बचा जा सके।
MeitY के तहत काम करने वाली CERT-In ने कहा है कि अगर आपका Chrome वर्जन Linux पर 144.0.7559.75 से पुराना है या Windows और Mac पर 145.0.7632.75/76 से पुराना है, तो सिस्टम खतरे में हो सकता है। एडवाइजरी के मुताबिक यह खामी “Use After Free” बग से जुड़ी है, जो ब्राउजर के CSS कंपोनेंट में पाई गई है। इस तकनीकी खामी के चलते Chrome क्लियर की जा चुकी मेमोरी का इस्तेमाल जारी रख सकता है, जिसका फायदा हमलावर उठा सकते हैं।
एजेंसी के अनुसार किसी हमलावर को सिस्टम तक फिजिकल एक्सेस की जरूरत नहीं होती। यूजर को किसी दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करने या खास तौर पर तैयार की गई वेबसाइट पर जाने के लिए बहकाया जा सकता है। जैसे ही यूजर उस पेज को ओपन करता है, यह खामी ट्रिगर हो सकती है और हमलावर टारगेट सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकता है। सफल हमले की स्थिति में डेटा चोरी, मालवेयर इंस्टॉल, जासूसी या सिस्टम कंट्रोल तक का जोखिम हो सकता है।
CERT-In ने स्पष्ट किया है कि इस जोखिम से बचने का सबसे आसान तरीका Chrome ब्राउजर को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना है। Chrome अपडेट करने के लिए यूजर को ब्राउजर के टॉप राइट कॉर्नर में दिए गए तीन डॉट मेन्यू पर क्लिक कर Settings में जाना होगा और About Chrome सेक्शन खोलना होगा। यहां ब्राउजर अपने आप नए अपडेट की जांच करेगा और लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड करना शुरू कर देगा। इंस्टॉलेशन के बाद ब्राउजर को रीस्टार्ट करना जरूरी होगा।
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