भारत में 1,338 करोड़ रुपये के जुर्माने से Google को बड़ा झटका, कंपनी दे सकती है चुनौती

CCI के ऑर्डर पर प्रतिक्रिया में गूगल ने कहा कि Android ने लोगों को अधिक विकल्प दिए हैं और यह भारत और दुनिया भर में हजारों सफल बिजनेस को सपोर्ट देता है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 21 अक्टूबर 2022 19:51 IST
ख़ास बातें
  • यह जुर्माना कॉम्पिटिशन CCI की ओर से लगाया गया है
  • गूगल का कहना है कि Android ने लोगों को अधिक विकल्प दिए हैं
  • कंपनी ने बताया कि वह अगले कदमों को तय करने के लिए फैसले की समीक्षा करेगी

CCI ने गूगल से एक निश्चित समयसीमा में अपने तौर तरीकों में बदलाव करने को भी कहा है

इंटरनेट सर्च इंजन Google का कहना है कि कॉम्पिटिशन विरोधी कारोबारी तरीकों के लिए कंपनी पर लगाए गए 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना देश में कंज्यूमर्स और बिजनेस के लिए एक "बड़ा झटका" है। यह जुर्माना कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की ओर से लगाया गया है। 

CCI के ऑर्डर पर प्रतिक्रिया में गूगल ने कहा कि Android ने लोगों को अधिक विकल्प दिए हैं और यह भारत और दुनिया भर में हजारों सफल बिजनेस को सपोर्ट देता है। गूगल के प्रवक्ता का ईमेल से दिए स्टेटमेंट में कहना था , "CCI का फैसला भारत में कंज्यूमर्स और बिजनेस के लिए एक बड़ा झटका है। इससे ऐसे लोगों के लिए सिक्योरिटी से जुड़े रिस्क होंगे जो एंड्रॉयड के सिक्योरिटी फीचर्स पर विश्वास करते हैं। इससे मोबाइल डिवाइसेज की कॉस्ट बढ़ जाएगी।" कंपनी ने बताया कि वह अगले कदमों को तय करने के लिए फैसले की समीक्षा करेगी। 

इस बारे में CCI ने बताया था कि उसने गूगल से एक निश्चित समयसीमा में अपने तौर तरीकों में बदलाव करने को भी कहा है। देश में एंड्रॉयड-बेस्ड स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों से शिकायतें मिलने के बाद CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। एंड्रॉयड एक ओपन सोर्स मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) की ओर से इंस्टॉल किया जाता है। गलत कारोबारी तरीकों के आरोप दो एग्रीमेंट्स - मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और एंटी फ्रेगमेंटेशन एग्रीमेंट, जो Android OS के लिए OEM और गूगल के बीच किए जाते हैं। 

गूगल के खिलाफ CCI के फैसले में कहा गया है कि पूरे Google Mobile Suite का प्री-इंस्टालेशन अनिवार्य करना और इसे अन-इंस्टॉल करने का विकल्प नहीं होना डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक अनुचित शर्त है और यह कॉम्पिटिशन कानून का उल्लंघन करती है। कॉम्पिटिशन एक्ट का सेक्शन 4 दबदबे वाली स्थिति के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। गूगल ने ऑनलाइन सर्च मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है जिससे इस सेगमेंट के अन्य ऐप्स को मार्केट का एक्सेस नहीं मिल रहा। इसके साथ ही गूगल ने Android OS के लिए ऐप स्टोर मार्केट में अपने दबदबे का फायदा उठाकर ऑनलाइन सर्च में अपनी पोजिशन मजबूत की है। 
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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