फेसबुक की ऑपरेटर Meta में इंजीनियर्स की छंटनी, कंपनी के रवैये से वर्कर्स नाराज

कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव, Mark Zuckerberg ने इस वर्ष Meta के बिजनेस को एफिशिएंट बनाने का टारगेट रखा है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 20 अप्रैल 2023 19:46 IST
ख़ास बातें
  • यह छंटनी कई महीनों तक चलेगी
  • महामारी के दौरान टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था
  • पिछले वर्ष मेटा के प्रति दिन के यूजर्स में पहली बार कमी हुई थी

पिछले महीने मेटा ने बड़ी संख्या में छंटनी के दूसरे दौर की घोषणा की थी

सोशल मीडिया साइट Facebook को चलाने वाली अमेरिकी कंपनी Meta Platforms ने एक बार फिर छंटनी की है। कंपनी के इस फैसले का असर इंजीनियर्स के साथ ही कुछ टेक टीमों पर पड़ा है। कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव, Mark Zuckerberg ने इस वर्ष Meta के बिजनेस को एफिशिएंट बनाने का टारगेट रखा है। 

पिछले महीने मेटा ने बड़ी संख्या में छंटनी के दूसरे दौर की घोषणा की थी। यह छंटनी कई महीनों तक चलेगी और इसका कंपनी के लगभग 10,000 वर्कर्स पर असर होगा। कंपनी ने इसी कड़ी में इंजीनियर्स के साथ ही टेक टीमों में छंटनी की है। मेटा के इस रवैये से कंपनी के वर्कर्स नाराज हैं। मेटा के एक इंटरनल फोरम पर वर्कर्स की ओर से इसे लेकर कई प्रश्न किए गए थे। इनमें से कुछ प्रश्नों को Reuters ने देखा है। एक प्रश्न में कहा गया था, "आपने ईमानदारी से कार्य करने वाले बहुत से अच्छे परफॉर्मर्स का मनोबल और लीडरशिप पर विश्वास तोड़ दिया है। हमें मेटा में क्यों बने रहना चाहिए?" इस बारे में Reuters की ओर से भेजे गए प्रश्न का कंपनी ने उत्तर देने से मना कर दिया। 

कंपनी में छंटनी के शुरुआती दौर में 11,000 से अधिक वर्कर्स को हटाया गया था। टेक सेक्टर की बहुत सी कंपनियों ने प्रॉफिट घटने के कारण अपने खर्च को कम करने के लिए पिछले कुछ महीनों में छंटनी जैसे कदम उठाए हैं। इनमें गूगल को चलाने वाली Alphabet और सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft शामिल हैं। महामारी के दौरान टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था और इसका असर उनके वैल्यूएशंस पर भी दिखा था। इसके बाद से इन्फ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी से इन कंपनियों के वैल्यूएशंस में काफी गिरावट आई है। Zuckerberg ने एंप्लॉयीज को मैसेज में बताया था, "मैक्रो इकोनॉमिक स्थितियों के कमजोर होने, कॉम्पिटिशन बढ़ने और विज्ञापनों में कमी से हमारा रेवेन्यू अनुमान से बहुत कम रहा है। मुझसे गलती हुई है और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।" उन्होंने कहा था कि कंपनी को अपने रिसोर्सेज AI, विज्ञापनों और मेटावर्स प्रोजेक्ट जैसे ग्रोथ की अधिक संभावना वाले एरिया में लगाने की जरूरत है।" 

मेटा ने कई वर्षों से लगातार ग्रोथ की थी लेकिन पिछले वर्ष की शुरुआत में उसके प्रति दिन के यूजर्स में पहली बार कमी हुई थी। इकोनॉमिक स्लोडाउन के कारण बड़ी टेक कंपनियों के बिजनेस पर असर पड़ा है। इस वजह से मार्केटिंग के बजट में भी कमी की जा रही है। बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल Amazon ने भी वर्कफोर्स में भारी कमी की है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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