Instagram, YouTube, Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शख्स ने कर दिया मुकदमा! वजह जान हो जाएंगे हैरान

कनाड़ा के मॉन्ट्रियल में रहने वाले एक शख्स ने Instagram, YouTube, Reddit, TikTok आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमा किया है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 11 अगस्त 2024 19:56 IST
ख़ास बातें
  • Instagram, Facebook समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मुकदमा
  • दिमागी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव के चलते किया मुकदमा
  • नींद की क्वालिटी हो रही थी खराब

शख्स ने Instagram, YouTube, Reddit, TikTok आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमा किया है।

TikTok, YouTube, Instagram, Facebook समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक व्यक्ति ने मुकदमा दायर कर दिया है। शख्स का कहना है कि इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की वजह से उसका दिमाग खराब हो जाता है। ये सभी प्लेटफॉर्म्स एक लत के जैसे हैं जो दिमागी सेहत पर बुरा असर डालते हैं। 

कनाड़ा के मॉन्ट्रियल में रहने वाले एक शख्स ने Instagram, YouTube, Reddit, TikTok आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमा किया है। शख्स का आरोप है कि ये उसकी दिमागी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। शख्स का कहना है कि उसने 2015 से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना शुरू किया था। जिसके बाद उसके काम करने की क्षमता में गिरावट आई है और उसकी शारीरिक सेहत भी बिगड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, शख्स दिन में 4 घंटे सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल करता था। 

लेकिन बाद में उसने इसके बुरे प्रभावों को देखते हुए इस पर बिताया जाने वाला समय कम कर दिया। शख्स ने यह समय घटाकर 2 घंटे कर दिया। लेकिन इसके बाद भी उसकी दिमागी सेहत पर सोशल मीडिया का बुरा असर पड़ रहा था। उसकी नींद की क्वालिटी खराब हो रही थी। शख्स ने Lambert Avocats नामक लॉ फर्म के माध्यम से यह केस दर्ज किया। 
लॉ फर्म के Philippe Brault के मुताबिक, यह समस्या केवल कुछ लोगों की नहीं है, बल्कि यह समस्या आजकल सभी लोगों के साथ हो रही है। फर्म का कहना है कि उसने यह केस इसीलिए लिया क्योंकि यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है और पुराने समय से ही चली आ रही है। फिलिप के मुताबिक कनाड़ा में 7 से 11 साल की उम्र के बीच के 52 प्रतिशत बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मालिकों को चाहिए कि वह उनके यूजर्स की हेल्थ और सेफ्टी को प्राथमिकता दें। 
 
केस का मकसद कंपनियों द्वारा लापरवाही से डिजाइन किए गए इन प्लेटफॉर्म्स की वजह से लोगों को होने वाले नुकसान की भरपाई करवाना है। लॉ फर्म मानती है कि मनोवैज्ञानिक कमजोरी का ये प्लेटफॉर्म फायदा उठाते हैं। इन पर इस तरह का कंटेंट या प्रोग्राम दिखाया जाता है जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक उलझा रहता है और यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme Narzo 100x 5G के भारत में लॉन्च की तैयारी, 8,000mAh की बैटरी
  2. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का मार्केट 75 प्रतिशत बढ़ा, TVS Motor का पहला रैंक
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के 2 कैमरा 
  2. HMD लाया बजट स्मार्टफोन, जानें 5,000mAh बैटरी और क्लीन सॉफ्टवेयर वाले Arc 2 की कीमत
  3. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का मार्केट 75 प्रतिशत बढ़ा, TVS Motor का पहला रैंक
  4. Samsung Galaxy A18 का डिजाइन हुआ लीक, मिल सकता है सुपर AMOLED पैनल, 5000mAh बैटरी!
  5. AI ऑटोमेशन के चलते 2026 में अबतक 1.2 लाख लोगों की गई नौकरी!
  6. 10 सरकारी ऐप्स जो आपका समय और कागजी काम दोनों बचाएंगे!
  7. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बढ़ी RBI की चिंता, बैन लगाने पर जोर
  8. SIR Phase-III: Voter List में नाम है या कट गया? घर बैठे ऐसे करें चेक, पढ़ें पूरी गाइड
  9. फुल सिग्नल के बाद भी स्लो चल रहा इंटरनेट? ये फ्री सरकारी ऐप बताएगा आपके नेटवर्क का पूरा हाल
  10. TRAI से क्यों भिड़ गया Truecaller? स्पैम कॉल्स को लेकर छिड़ी नई बहस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.