Amazon अगले हफ्ते से छंटनी का दूसरा चरण शुरू कर सकता है, जिसमें 30,000 कॉरपोरेट रोल्स प्रभावित हो सकते हैं।
Amazon में दूसरी बार बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी
Photo Credit: Pixabay/ Mohamed Hassan
ई-कॉमर्स और क्लाउड सर्विसेज की दिग्गज कंपनी Amazon एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले हफ्ते से जॉब कट्स का दूसरा फेज शुरू कर सकती है, जिसके तहत कुल मिलाकर करीब 30,000 कॉरपोरेट रोल्स खत्म किए जाने की योजना है। यह लेऑफ्स (Layoffs) अक्टूबर 2025 में हुए पहले फेज के बाद की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसके बारे में पहले भी कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है। लेऑफ्स (Layoffs 2026) के पीछे यूं तो कई कारण बताए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण AI को ही बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि Amazon आने वाले कुछ वर्षों में अपना रुख AI रोबोटिक्स की ओर करने वाला है।
इससे पहले अक्टूबर में Amazon ने कथित तौर पर करीब 14,000 व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। अब आने वाला राउंड भी लगभग उसी स्केल का हो सकता है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार भी कई बड़े डिविजन्स पर असर पड़ने की संभावना है, जिनमें Amazon Web Services, रिटेल, Prime Video और कंपनी की HR यूनिट People Experience and Technology शामिल हैं। हालांकि, फाइनल आंकड़े और प्रभावित टीम्स में बदलाव हो सकता है।
अक्टूबर में हुई छंटनी को लेकर Amazon ने उस वक्त AI के बढ़ते इस्तेमाल का हवाला दिया था। कंपनी की इंटरनल कम्युनिकेशन में AI को इंटरनेट के बाद की सबसे ट्रांसफॉर्मेटिव टेक्नोलॉजी बताया गया था, जिससे काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। लेकिन बाद में कंपनी के CEO Andy Jassy ने इस पर अलग रुख रखा।
Amazon की थर्ड-क्वार्टर अर्निंग कॉल के दौरान Jassy ने कहा था कि ये जॉब कट्स न तो फाइनेंशियल वजहों से हैं और न ही सीधे तौर पर AI की वजह से। उनके मुताबिक, कंपनी के अंदर समय के साथ मैनेजमेंट की कई लेयर्स बन गई थीं, जिससे ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर भारी हो गया था। इसी वजह से कॉरपोरेट लेवल पर बदलाव जरूरी हो गया।
इस साल की शुरुआत में भी Andy Jassy यह संकेत दे चुके हैं कि AI के जरिए एफिशिएंसी बढ़ने के साथ-साथ Amazon का कॉरपोरेट वर्कफोर्स धीरे-धीरे छोटा होगा। हालांकि, प्रस्तावित 30,000 जॉब कट्स Amazon के कुल 15.8 लाख कर्मचारियों की तुलना में छोटा आंकड़ा है, क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी वेयरहाउस और फुलफिलमेंट सेंटर्स में काम करते हैं। इसके बावजूद, यह कंपनी के कॉरपोरेट स्टाफ का करीब 10 फीसदी हिस्सा बनता है और Amazon के 30 साल के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
समान रिपोर्ट बताती है कि अक्टूबर में प्रभावित कर्मचारियों को 90 दिनों तक पेरोल पर रखा गया था, ताकि वे कंपनी के अंदर नई भूमिका के लिए अप्लाई कर सकें या बाहर नौकरी ढूंढ सकें। यह अवधि सोमवार को खत्म हो रही है और इसी के आसपास छंटनी का अगला फेज शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
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