Amazon भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस करेगी लॉन्‍च! Jio और Airtel को देगी टक्कर

Amazon satellite internet : आवेदन मंजूर होता है तो एमेजॉन को रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाएगा।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 13 अक्टूबर 2023 09:47 IST
ख़ास बातें
  • एमेजॉन ने सरकारी विभागों में लाइसेंस के लिए आवेदन किया
  • इंडियन नेशनल स्‍पेस प्रमोशन एंड अथराइजेशन सेंटर में आवेदन
  • रेगुलेटरी अप्रूवल पाना चाहती है कंपनी

एमेजॉन कथित तौर पर 1 जीबीपीएस तक की स्‍पीड के साथ इंटरनेट की पेशकश करेगी।

एमेजॉन (Amazon) कथित तौर पर भारत में अपनी सैटेलाइट बेस्‍ड इंटरनेट सर्विस ‘प्रोजेक्‍ट कुइपर' (Project Kuiper) को लॉन्‍च करने की दिशा में काम कर रही है। देश में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस को पहुंचाने के लिए कंपनी ने विभिन्न सरकारी विभागों में लाइसेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को शुरू किया है। इस सर्विस का मकसद ग्रामीण और सुदूर इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना है। कंपनी की तैयारी आने वाले वर्षों में करीब 3,236 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स को लॉन्‍च करने की है। इन्‍हीं सैटेलाइट्स के जरिए देश के कोने-कोने में इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। 

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट है कि एमेजॉन ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज को लॉन्च करने के लिए इंडियन नेशनल स्‍पेस प्रमोशन एंड अथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) में आवेदन किया है। आवेदन मंजूर होता है तो एमेजॉन को रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाएगा। प्रोजेक्ट कुइपर को भारत में लॉन्‍च करने के लिए एमेजॉन को दूरसंचार विभाग (DoT) से ग्‍लोबल मोबाइल पर्सनल कम्‍युनिकेशन (GMPCS) लाइसेंस की भी जरूरत होगी। 

रिपोर्ट के अनुसार, एमेजॉन कथित तौर पर 1 जीबीपीएस तक की स्‍पीड के साथ इंटरनेट की पेशकश करेगी। कहा जाता है कि उसका ‘किफायती ब्रॉडबैंड' पूरे देश में उपलब्ध होगा। यह उन इलाकों तक भी पहुंचेगा जहां अभी इंटरनेट की सुविधा नहीं है। 

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, प्रोजेक्ट कुइपर का लक्ष्य 3,236 LEO सैटेलाइट्स के जरिए इंटरनेट पहुंचाना है। हालांकि अभी ये सैटेलाइट्स लॉन्‍च होने बाकी हैं। साल 2026 तक इनमें से आधे सैटेलाइट्स को लॉन्‍च किया जा सकता है। ब्रॉडब्रैंड इंटरनेट सर्विस शुरू होने से एमेजॉन की ई-कॉमर्स सर्विस और प्राइम वीडियो सर्विस को भी बढ़ावा मिलने की उम्‍मीद है। 

एमेजॉन पहली कंपनी नहीं है, जो देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को शुरू करना चाहती है। एलन मस्‍क (Elon Musk) की कंपनी स्‍टारलिंक भी इस कोशिश में है। उसने कुछ साल पहले सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी थी, लेकिन बाद में ग्राहकों को उनका पैसा लौटा दिया गया। वहीं, वनवेब और जियो सैटेलाइट को सरकार से GMPCS लाइसेंस मिल चुका है। 
Advertisement

एमेजॉन की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की कॉस्‍ट क्‍या होगी, लोगों को इस सुविधा के लिए कितने पैसे खर्च करने होंगे, इस बारे में कंपनी ने कुछ नहीं बताया है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 31000 रुपये सस्ता मिल रहा Google का 50MP कैमरा वाला Pixel स्मार्टफोन
  2. Tecno Pova 8 vs Realme 16T 5G vs OnePlus Nord CE 6: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  2. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  4. Reliance Jio AI Call Agent: अब फोन पर बात करते हुए होगा खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग! जानें कैसे काम करेगा Jio AI कॉल एजेंट
  5. 80 किमी रेंज वाली Raleigh One इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, रिमूवेबल बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
  6. Tecno Camon Slim जल्द होगा लॉन्च, 5,600mAh हो सकती है बैटरी
  7. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  8. Reliance AGM 2026: AI एजेंट, AI ऐप्स से AI डेटा सेंटर तक, ये हैं रिलायंस के 10 बड़े ऐलान
  9. iPhone, MacBook जल्द हो सकते हैं महंगे, Apple CEO ने बताई वजह
  10. iQOO Z11i में मिल सकता है Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट, जल्द लॉन्च की तैयारी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.