ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कुछ हाई कोर्ट्स में इस कानून के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को एक साथ मिलाकर उसके पास ट्रांसफर करने के केंद्र सरकार की अपील को स्वीकृति दे दी है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 सितंबर 2025 16:52 IST
ख़ास बातें
  • ये याचिकाएं दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के हाई कोर्ट में दाखिल हुई थी
  • इस बारे में किसी याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई नहीं करेंगे
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए कानून को एक बड़ा फैसला बताया है

इस बार में किसी याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई नहीं करेंगे।

देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाने वाले कानून के खिलाफ सभी याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। पिछले महीने के अंत में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल  संसद में पारित किया गया था। इस कानून में ऑनलाइन मनी गेमिंग का दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कुछ हाई कोर्ट्स में इस कानून के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को एक साथ मिलाकर उसके पास ट्रांसफर करने के केंद्र सरकार की अपील को स्वीकृति दे दी है। ये याचिकाएं दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। जस्टिस J B Pardiwala और K V Viswanathan की बेंच ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाने वाले नए कानून के खिलाफ हाई कोर्ट्स में लंबित सभी याचिकाओं की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट की ओर से की जाएगी। इस बारे में किसी याचिका पर हाई कोर्ट्स सुनवाई नहीं करेंगे। 

केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट्स से सभी संबंधित मामलों को एक साथ मिलाकर सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने का निवेदन किया था। सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट्स में सुनवाई के दौरान जिन कानूनी मुद्दों और उदाहरणों का हवाला दिया गया है उन पर जस्टिस पारदीवाला की बेंच के सामने ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लगाने के मामले में बहस हो चुकी है। इस मामले में ऑर्डर को रिजर्व रखा गया है। पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के हाई कोर्ट ने गेमिंग फर्म Clubboom11 Sports & Entertainment की केंद्र सरकार के प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की याचिका को अस्वीकार कर दिया था। इसी तरह की याचिकाएं दिल्ली और कर्नाटक में भी हाई कोर्ट्स के सामने दायर की गई थी। 

पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन लगाने वाले कानून को एक बड़ा फैसला बताया था। ऑनलाइन मनी गेमिंग के कारण कर्ज और आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा था, "ऑनलाइन गेम्स से हमारे छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग इससे कर्ज में फंस रहे हैं और कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है।" उनका कहना था कि ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी वित्तीय मुश्किलों की वजह से कई परिवार तबाह हुए हैं। मोदी ने कहा था कि बहुत से ऑनलाइन ऐप्लिकेशंस को गेम्स के तौर पर दिखाया जाता है लेकिन वे गैंबलिंग से जुड़े होते हैं। 
 

 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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