दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी का मसौदा जारी किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, 2028 से राजधानी में सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन होगा। EV खरीदने पर सब्सिडी और अन्य इंसेंटिव भी दिए जाएंगे।
दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव
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दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी का मसौदा जारी किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) को बढ़ावा देने की तैयारी की गई है। प्रपोसल के मुताबिक, 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल और डीजल दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा और सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसके अलावा EV खरीदने वालों के लिए सब्सिडी, स्क्रैपेज इंसेंटिव और टैक्स छूट जैसी कई सुविधाओं का भी प्रस्ताव रखा गया है। चलिए पूरी पॉलिसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नई पॉलिसी के मसौदे के अनुसार, 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। हालांकि, पहले से मौजूद पेट्रोल और डीजल वाहन चलते रहेंगे, लेकिन उन्हें मौजूदा नियमों का पालन करना होगा। इनमें End-of-Life Vehicle (ELV) नियम भी शामिल हैं, जिसके तहत 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को स्क्रैप करना अनिवार्य है।
पॉलिसी के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ ई-ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। वहीं N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को खरीदने पर 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव देने का भी प्रस्ताव है।
नई EV पॉलिसी के तहत अलग-अलग कैटेगरी के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार के मुताबिक, सभी इंसेंटिव सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए भेजे जाएंगे।
अगर कोई व्यक्ति BS-IV या उससे पुराने फोर-व्हीलर को स्क्रैप करके नया इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदता है, तो उसे 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपेज इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है। इसके लिए सरकार अलग से EV इंसेंटिव पोर्टल भी लॉन्च करेगी।
नई पॉलिसी में तीन साल का लॉक-इन पीरियड भी प्रस्तावित है। यानी सरकारी सब्सिडी लेकर खरीदे गए EV को तीन साल तक किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। इसका मकसद सब्सिडी का गलत फायदा उठाने से रोकना है।
सरकार ने इस नीति के तहत 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक EV को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। प्रस्ताव के अनुसार, 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी।
इसके अलावा अगले चार वर्षों में पूरे दिल्ली में 30,000 EV चार्जिंग प्वाइंट लगाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक स्कूल बसों के 30% बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाना भी है। वहीं हाइब्रिड वाहनों को इस नीति के दायरे से बाहर रखा गया है।
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