क्रिप्टो बिजनेस के लिए सिक्योरिटी फीचर्स बढ़ा रही Stripe

अमेरिकी फर्म वह फ्रॉड पकड़ने और ऑथराइजेशन जैसे अपने सिक्योरिटी फीचर्स के जरिए एक्सचेंजों, वॉलेट प्रोवाइडर्स और NFT मार्केटप्लेसेज से बिजनेस हासिल करना चाहती है

विज्ञापन
राधिका पाराशर, अपडेटेड: 14 मार्च 2022 17:57 IST
ख़ास बातें
  • फर्म ने क्रिप्टो ट्रेड के लिए बहामास के एक्सचेंज से एग्रीमेंट किया है
  • इसे अमेरिका में सबसे बड़ी प्राइवेट फिनटेक फर्म बताया जाता है
  • क्रिप्टो सेगमेंट को अमेरिकी सरकार की ओर से भी स्वीकार्यता मिलने लगी है

फर्म ने क्रिप्टो सेगमेंट पर रिसर्च के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है

अमेरिका की ऑनलाइन पेमेंट्स फर्म Stripe अपने यूजर्स के लिए क्रिप्टो से जुड़ी सर्विसेज बढ़ा रही है। इसके लिए वह फ्रॉड पकड़ने और ऑथराइजेशन जैसे अपने सिक्योरिटी फीचर्स के जरिए एक्सचेंजों, वॉलेट प्रोवाइडर्स और NFT मार्केटप्लेसेज से बिजनेस हासिल करना चाहती है। इसने अपने क्रिप्टो ट्रेड के लिए पहले ही बहामास के क्रिप्टो एक्सचेंज FTX के साथ पार्टनरशिप की है।

Stripe का दावा है कि वह क्रिप्टो बिजनेस के साथ ही लगभग 180 देशों के इनवेस्टर्स को भी क्रिप्टो एसेट्स को सामान्य करंसी में बदलने की सुविधा देता है। इसकी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी में कहा गया है, "हमारे पेमेंट प्लेटफॉर्म का डिजाइन फ्रॉड को रोकने और कन्वर्जन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है।" इसके 'कनेक्ट' फीचर के साथ यूजर्स सामान्य करंसीज में भुगतान कर सकते हैं और इसका आइडेंटिटी ऐड-ऑन फ्रॉड को रोकने के लिए एक वेरिफिकेशन सिस्टम है। Stripe ने क्रिप्टो सेगमेंट पर रिसर्च के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है। यह टीम 'वेब3' कॉन्सेप्ट की भी स्टडी करेगी।  

इस फर्म की शुरुआत 2010 में हुई थी और इसे अमेरिका में सबसे बड़ी प्राइवेट फिनटेक कंपनी बताया जाता है। इसका मार्केट वैल्यूएशन लगभग 95 अरब डॉलर (लगभग 7,07,598 करोड़ रुपये) का है। इसने 2018 में बिटकॉइन में पेमेंट स्वीकार करने की शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद कुछ महीनों के लिए इसे बंद कर दिया था। 

क्रिप्टो सेगमेंट को अमेरिकी सरकार की ओर से भी स्वीकार्यता मिलने लगी है। हाल ही में अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने क्रिप्टो से जुड़े एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। इसमें फेडरल रिजर्व से इस पर विचार करने को कहा गया है कि उसे अपनी डिजिटल करंसी जारी करनी चाहिए या नहीं। इसमें ट्रेजरी डिपार्टमेंट और अन्य एजेंसियों के क्रिप्टोकरंसीज के फाइनेंशियल सिस्टम और सिक्योरिटी पर असर की स्टडी करना भी शामिल है। क्रिप्टो से जुड़े रिस्क की जानकारी देने के लिए अमेरिका का ट्रेजरी डिपार्टमेंट एक कैम्पेन शुरू कर रहा है। डिपार्टमेंट का फाइनेंशियल लिटरेसी एजुकेशन कमीशन इसके लिए मैटीरियल तैयार करेगा और लोगों को क्रिप्टो एसेट्स के काम करने के तरीके और इससे जुड़े रिस्क के बारे में बताएगा।अमेरिका में क्रिप्टो में इनवेस्ट करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से रेगुलेटर्स इस सेगमेंट की निगरानी बढ़ाना चाहते हैं। कुछ अन्य देशों में भी इस सेगमेंट की स्क्रूटनी बढ़ी है।
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: Crypto, Bitcoin, Exchange, Users, America, Security, Fraud
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi Note 15 Pro+ लॉन्च से पहले प्राइस लीक, 24GB तक रैम, 6500mAh बैटरी, Pre Booking ऑफर में Free स्मार्टवॉच!
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 15 Ultra लॉन्च से पहले फुल स्पेसिफिकेशन लीक, 24GB रैम, 7400mAh बैटरी, 4 फरवरी को होगा लॉन्च
  2. Redmi Turbo 5, Turbo 5 Max में होगी 9000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग, 29 जनवरी को है लॉन्च
  3. iPhone 15 का 256GB मॉडल Rs 9 हजार से ज्यादा सस्ता खरीदने का मौका
  4. Sony Bravia सीरीज TV खरीदने का जबरदस्त मौका! 75-इंच तक साइज, कीमत Rs 31 हजार से शुरू
  5. बड़ी टेंशन खत्म! बच्चों का WhatsApp जल्द पैरेंट्स के कंट्रोल में, नया फीचर करेगा सब मैनेज
  6. भारत से हटेगा विदेशी स्मार्टफोन कंपनियों का दबदबा! 18 महीनों में आएंगे स्वदेशी स्मार्टफोन ब्रांड
  7. Asteroid Alert: बिजली सी स्पीड वाले 2 बड़े एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
  8. Redmi Note 15 Pro+ लॉन्च से पहले प्राइस लीक, 24GB तक रैम, 6500mAh बैटरी, Pre Booking ऑफर में Free स्मार्टवॉच!
  9. Republic Day Parade Live: 77वें गणतंत्र दिवस पर परेड LIVE, जानें सभी खास बातें
  10. Penguin Viral Video: वायरल 'पेंगुइन वीडियो' का क्या है सच! क्यों चल पड़ा अकेला पेंगुइन, वैज्ञानिकों का जवाब
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.