Intel बना रही ब्‍लॉकचेन चिप, क्रिप्‍टो माइनिंग में ज्‍यादा बिजली खर्च होने से रोकेगी!

इंटेल के CEO ब्लूमबर्ग से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नई चिप बनाने को लेकर खुलासा किया।

Intel बना रही ब्‍लॉकचेन चिप, क्रिप्‍टो माइनिंग में ज्‍यादा बिजली खर्च होने से रोकेगी!

Photo Credit: Unsplash/Slejeven Djurakovic

उन्‍होंने कहा कि अच्‍छा करने के लिए हमें टेक्‍नॉलजी को ताकत बनाना होगा।

ख़ास बातें
  • क्रिप्टो माइनिंग का पर्यावरण पर असर दुनिया भर में अहम मुद्दा बनकर उभरा है
  • कई देशों ने हाल के दिनों में क्रिप्‍टो माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया है
  • अगर इंटेल की चिप हकीकत बनती है, तो इसका काफी फायदा मिलेगा
विज्ञापन
इंटेल (Intel) के CEO पैट गेलसिंगर ने हाल ही में बिटकॉइन (Bitcoin) को 'जलवायु संकट' कहा और इस बारे में बात की कि आने वाली टेक्‍नॉलजी को बिजली की कम खपत पर कैसे ध्यान देना चाहिए। इंटेल एक क्रिप्टो माइनिंग चिप पर भी काम कर रही है। इसके बारे में गेलसिंगर ने कहा कि यह 'एनर्जी एफ‍िशिएंट' होगी। दावा है कि इस चिप के जरिए एनर्जी डिमांड्स को कम करके बिटकॉइन माइनिंग के पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है। इंटेल के CEO ब्लूमबर्ग से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नई चिप बनाने को लेकर खुलासा किया। 

गेलसिंगर ने कहा कि अच्‍छा करने के लिए हमें टेक्‍नॉलजी को ताकत बनाना होगा। इंटेल एक ब्लॉकचेन चिप लाने वाली है, जो पावर परफॉर्मेंस के मामले में बेहतरीन है। यह जलवायु से जुड़े मुद्दों को हल करने में मदद करेगी।

क्रिप्‍टोकरेंसी अभी रेगुलेटेड नहीं हैं, लेकिन भविष्‍य में ये कई मकसदों को पूरा करने के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। क्रिप्‍टोकरेंसी को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी माइनिंग यानी क्रिप्‍टोकरेंसी को तैयार करना है। इसमें बहुत ज्‍यादा बिजली खर्च होती है और कार्बन उत्‍सर्जन होता है। इसे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है। 



उन्‍होंने कहा कि बिटकॉइन का एक सिंगल लेजर इतनी बिजली खर्च करता है, जिसमें किसी घर की एक दिन की बिजली की जरूरत पूरी जाएगी। यह एक जलवायु संकट है। …अगर हम ऐसी तकनीक का उत्पादन करते हैं जो इतनी ऊर्जा की खपत करती है, तो यह ठीक नहीं है।

गौरतलब है कि क्रिप्टो माइनिंग का पर्यावरण पर असर दुनिया भर में अहम मुद्दा बनकर उभरा है।

पिछले साल जब चीन ने क्रिप्टो एक्टिविटीज पर बैन लगाया था, तब टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने कहा था कि चीन  के दक्षिणी हिस्से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। एक समय में चीन के पास दुनिया के सबसे ज्‍यादा क्रिप्‍टो माइनर्स थे। 

पिछले साल एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2018 के बीच चार प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग से लगभग 13 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड रिलीज हुई। 

हाल के दिनों में ईरान, पूर्वी रूस का इरकुत्स्क रीजन, कोसोवो और जॉर्जिया के स्वानेती शहर ने क्रिप्‍टो माइनिंग की वजह से अहम कदम उठाए। यहां बड़े स्‍तर पर क्रिप्‍टो माइनिंग की जा रही थी, जिसकी वजह से इलाकों में गंभीर बिजली संकट पैदा हो रहा था। जॉर्जिया के स्‍वानेती शहर में तो लोगों को पवित्र शपथ दिलाई गई कि लोग क्रिप्‍टो माइनिंग में शामिल नहीं होंगे। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ISRO में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल होगा इस्तीफा देना
  2. Asus का नया टैबलेट जल्द होगा भारत में लॉन्च, 9,000mAh की बैटरी
  3. Vivo X500 Ultra में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के तीन कैमरा
  4. iQOO Z11 Lite में मिलेगी 6,500mAh की बैटरी, भारत में अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  5. Samsung Music Studio 5, Music studio 7 स्पीकर भारत में लॉन्च, कीमत 24,900 रु. से शुरू
  6. Maple 1st Anniversary Sale: iPhone 16 Pro Max, 16 Pro, iPhone 15 सेल में Rs 40,999 से शुरू, जानें ऑफर्स की पूरी लिस्ट
  7. Oppo K15 के जल्द लॉन्च की तैयारी, MediaTek Dimensity 7360 Super होगा प्रोसेसर
  8. भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में आई 6 साल की सबसे बड़ी मंदी! Rs 15 हजार के स्मार्टफोन्स की बिक्री में बड़ी गिरावट
  9. Apple के फोल्डेबल iPhone में मिल सकता है वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम
  10. 13MP कैमरा, 9000mAh बैटरी के साथ Asus Pad T3201 पेश, अगस्त में देगा दस्तक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »