Crypto एसेट्स पर अगले महीने से TAX लगाएगा इंडोनेशिया

इंडोनेशिया में लोगों को एक कमोडिटी के तौर पर क्रिप्टो एसेट्स में ट्रेडिंग करने की अनुमति है लेकिन पेमेंट के जरिए के तौर पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता

Crypto एसेट्स पर अगले महीने से TAX लगाएगा इंडोनेशिया

इंडोनेशिया में महामारी के दौरान डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग काफी बढ़ी थी

ख़ास बातें
  • इंडोनेशिया में एक कमोडिटी के तौर पर क्रिप्टो में ट्रेडिंग की अनुमति है
  • टैक्स लगाने के लिए इंडोनेशियासरकार रेगुलेशन लागू करने पर काम कर रही है
  • इंडोनेशिया में क्रिप्टो एसेट्स रखने वालों की संख्या लगभग 1.1 करोड़ है
विज्ञापन
इंडोनेशिया में अगले महीने से क्रिप्टो एसेट ट्रांजैक्शंस पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) और ऐसे इनवेस्टमेंट्स से कैपिटल गेन्स पर 0.1 प्रतिशत का इनकम टैक्स लगेगा। दक्षिण पूर्व एशिया की इस सबसे बड़ी इकोनॉमी में महामारी के दौरान डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग काफी बढ़ी थी। पिछले वर्ष के अंत में क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स रखने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 1.1 करोड़ पर पहुंच गई थी। 

कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग रेगुलेटर के डेटा से पता चलता है कि पिछले वर्ष कमोडिटी फ्यूचर्स मार्केट में क्रिप्टो एसेट ट्रांजैक्शंस 10 गुना से अधिक बढ़ी थी।  Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया में लोगों को एक कमोडिटी के तौर पर क्रिप्टो एसेट्स में ट्रेडिंग करने की अनुमति है लेकिन पेमेंट के जरिए के तौर पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 

टैक्स अधिकारी  Hestu Yoga Saksama ने बताया, "क्रिप्टो एसेट्स पर VAT लगेगा क्योंकि ट्रेड मिनिस्ट्री की परिभाषा के तहत ये करेंसी नहीं ब्लकि एक कमोडिटी है। इस पर VAT और इनकम टैक्स लगाया जाएगा।" उन्होंने कहा कि टैक्स लगाने के लिए सरकार रेगुलेशन को लागू करने पर काम कर रही है। क्रिप्टो एसेट्स पर VAT का रेट इंडोनेशिया में अधिकतर गुड्स और सर्विसेज पर लगने वाले 11 प्रतिशत से काफी कम है। कैपिटल गेन्स पर इनकम टैक्स ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू का 0.1 प्रतिशत होगा, जो शेयर्स के समान है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष पारित किया गया टैक्स कानून क्रिप्टो एसेट्स पर टैक्स लगाने का आधार है। इस कानून का लक्ष्य रेवेन्यू को बढ़ाना था।

भारत में इस महीने की शुरुआत से क्रिप्टोकरेंसीज की ट्रेडिंग से मिलने वाले प्रॉफिट पर टैक्स लागू हुआ है। इस वर्ष के बजट में क्रिप्टो से जुड़े कानून का प्रस्ताव दिया गया था और यह संसद में पारित हुआ था। इससे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स देश में टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। हालांकि, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की परिभाषा को लेकर भ्रम की स्थिति है। क्रिप्टो ट्रेडिंग से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत का टैक्स चुकाना होगा। इसके अलावा प्रत्येक क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर एक प्रतिशत का TDS भी लागू हो गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले मुश्किल में पड़ सकते हैं। नए क्रिप्टो कानून का उल्लंघन करने वालों सात वर्ष तक की कैद हो सकती है। क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े बहुत से लोगों के विरोध के बावजूद देश में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए कानून लागू किए गए हैं। 




(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Indonesia, Tax, Payment, Transactions, Government, Regulation

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL ने जोड़े 55 लाख नए सब्सक्राइबर्स, सरकार कर रही कंपनी को मुनाफे में लाने की कोशिश
  2. Realme के GT 7 में होगी 7,000mAh की दमदार बैटरी
  3. अब WhatsApp पर AI बताएगा क्या बात करनी है! टेस्टिंग में नया फीचर
  4. Ultraviolette का Tesseract स्कूटर हुआ महंगा, जानें नया प्राइस
  5. ट्रेन में फोन चोरी से निपटने के लिए DoT और RPF ने निकाला समाधान, यात्रियों को होगा लाभ
  6. Ola Electric की बढ़ी मुश्किल, महाराष्ट्र सरकार ने ट्रेड सर्टिफिकेट न होने पर दिया नोटिस
  7. iPhone की शुरुआती कीमत Rs 98,000 हो जाएगी? ट्रंप के टैरिफ हाइक के बाद जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स
  8. क्रिप्टो मार्केट पर ट्रंप के टैरिफ का ज्यादा असर नहीं, बिटकॉइन में 1 प्रतिशत की तेजी
  9. Poco C71 Launched in India: Rs 6,499 रुपये में 120Hz डिल्प्ले, 6GB रैम और बहुत कुछ, जानें कब होगी सेल
  10. LSG vs MI Match Live Streaming: आज लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम मुंबई इंडियंस का मैच Live ऐसे देखें फ्री में!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »