भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार

मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स और शिपिंग मिनिस्ट्री की ओर से स्थिति का आकलन करने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे भारत से जुड़े जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए हरी झंडी दी जाती है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 24 अप्रैल 2026 20:42 IST
ख़ास बातें
  • पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी।
  • इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था
  • अमेरिक और ईरान के बीच होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर विवाद है

कुछ स्कैमर्स होर्मुज से सुरक्षित निकलने के लिए जहाजों से क्रिप्टो में पेमेंट मांग रहे हैं

ईरान के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए क्रिप्टोकरेंसी या कैश में किसी भुगतान से भारत ने इनकार किया है। पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने की कोशिश में ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। 

इनमें से एक टैंकर Sanmar Herald के कैप्टन की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। इसमें ईरान के सुरक्षा बलों से इस टैंकर के कैप्टन फायरिंग रोकने का निवेदन कर रहे थे। उन्होंने ईरानी सुरक्षा बलों को बताया था कि उनके पास होर्मुज से निकलने के लिए अनुमति है। इसके बावजूद फायरिंग की जा रही है। इस कैप्टन ने सुरक्षा बलों को वापस लौटने की जानकारी दी थी। 

भारत ने इन दावों को गलत बताया है कि होर्मुज से जहाजों के मूवमेंट के लिए ईरान के साथ डील की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले सप्ताह हुई यह घटना क्रिप्टो स्कैम से जुड़ी है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि होर्मुज से सुरक्षित निकलने के लिए स्कैमर्स ने जहाजों के मालिकों को क्रिप्टो में भुगतान करने को कहा है। इस स्कैम का कम से कम एक जहाज शिकार हुआ है। हालांकि, होर्मुज से निकलने पर इस जहाज पर फायरिंग की गई थी। भारत की शिपिंग मिनिस्ट्री ने बताया है कि Sanmar Herald के सुरक्षित रास्ते के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया था। 

मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स और शिपिंग मिनिस्ट्री की ओर से स्थिति का आकलन करने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे भारत से जुड़े जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए हरी झंडी दी जाती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ड्रोन्स की अधिकतर खरीदारी सामान्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जरिए होती है। हालांकि, कुछ मामलों में ब्लॉकचेन के साथ संपर्क होने की वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए ड्रोन खरीदने का भी पता चला है। 


 

 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo X500 Pro में हो सकता है 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 7,500mAh की बैटरी
  2. 19000 रुपये सस्ता मिल रहा Google का 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला Pixel स्मार्टफोन
  3. Honor की 14,000mAh की पावरफुल बैटरी वाला स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
#ताज़ा ख़बरें
  1. अब जेब में लेकर घूम पाएंगे सिनेमा, प्रोजेक्टर वाला रग्ड फोन लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  2. स्मार्टफोन चोर अब पछताएंगे! मार्केट में आ रही अनोखी तकनीक
  3. 2200W इंडक्शन हीटिंग के साथ Xiaomi ने नया प्रेशर कुकर किया लॉन्च, जानें कीमत
  4. दुनिया की पहली नेरोगेज हाइड्रोजन ट्रेन इटली में पेश, धुएं की जगह छोड़ेगी भाप
  5. 19000 रुपये सस्ता मिल रहा Google का 48 मेगापिक्सल कैमरा वाला Pixel स्मार्टफोन
  6. Maruti Suzuki की e Vitara हुई महंगी
  7. Honor की 14,000mAh की पावरफुल बैटरी वाला स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  8. WhatsApp में बदल गया मैसेज एडिटिंग का अंदाज! अब ज्यादा आसानी से कर सकेंगे सुधार
  9. Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
  10. GTA 6 खरीदना पड़ेगा महंगा? शुरू हुई प्री-बुकिंग, सामने आया ऑफिशियल प्राइस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.