Crypto माइनिंग में खर्च हो रही कितनी बिजली? अमेरिकी सांसदों ने कंपनियों को लिखा लेटर

कंपन‍ियों से पूछा गया है कि वो कितनी बिजली का इस्‍तेमाल करती हैं। वह बिजली कहां से आती है।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 31 जनवरी 2022 12:47 IST
ख़ास बातें
  • क्रिप्‍टो माइनिंग में खर्च हो रही बिजली की वजह से कई देश परेशान हैं
  • वहां लोगोंं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है
  • क्रिप्‍टो माइनिंग में ग्रीन हाउस गैसों का भी उत्‍सर्जन होता है

क्रिप्‍टोकरेंसी माइनिंग में बेतहाशा बिजली खर्च होती है। इस वजह से कई देश बिजली संकट से जूझ रहे हैं।

क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) माइनिंग में बेतहाशा बिजली खर्च होती है। इस वजह से कई देश बिजली संकट से जूझ रहे हैं और वहां के लोग भारी बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। अब आठ अमेरिकी सांसदों ने बिटकॉइन माइनिंग करने वालीं कंपनियों से यह बताने के लिए कहा है कि वो इस काम में कितनी बिजली इस्‍तेमाल करती हैं। सांसदों ने 6 कंपनियों को लेटर भेजा है। ये सभी अमेरिका में बिटकॉइन माइनिंग करती हैं। कंपन‍ियों से पूछा गया है कि वो कितनी बिजली का इस्‍तेमाल करती हैं। वह बिजली कहां से आती है और कंपनियां इसे बढ़ाने के लिए क्‍या योजना बना रही हैं। 

लेटर में कहा गया है कि बिटकॉइन माइनिंग में इस्‍तेमाल होने वाली अत्‍यधिक ऊर्जा और कार्बन उत्‍सर्जन की वजह से दुनिया के पर्यावरण, लोकल इकोसिस्‍टम और कंस्‍यूमर इलेक्ट्रिसिटी कॉस्‍ट को लेकर चिंता है।  

इस लेटर पर सीनेटर एलिजाबेथ वारेन (D-MA), शेल्डन व्हाइटहाउस (D-RI), जेफ मर्कले (D-OR), मार्गरेट हसन (D-NH), एड मार्के (D-MA) केटी पोर्टर (D-CA), रशीदा तलीब (D-MI), और जारेड हफमैन (D-CA) ने साइन किए हैं। हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमिटी द्वारा क्रिप्टो माइनिंग के ऊर्जा पर असर मामले की एक सुनवाई के बीच यह लेटर भेजे गए। 
स्वीडिश फाइनेंशियल सुपरवाइजरी अथॉरिटी और स्वीडिश एनवायरनमेंटल प्रोटेक्‍शन एजेंसी के अनुसार, क्रिप्‍टोकरेंसी माइनिंग की वजह से ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने का लक्ष्‍य खतरे में है। क्रिप्‍टो- असेट्स के निर्माण के सबसे आम तरीके में बहुत ज्‍यादा मात्रा में बिजली की जरूरत होती है, जिससे काफी CO2 उत्सर्जन होता है। 

स्वीडिश फाइनेंशियल सुपरवाइजरी अथॉरिटी के डायरेक्‍टर एरिक थेडीन के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी असेट्स का मौसम पर नकारात्मक असर होता है, क्‍योंकि इसके निर्माण में काफी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है। यह चिंताजनक है और क्रिप्‍टो-असेट्स को रेगुलेट करने की जरूरत है। 
Advertisement

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और डिजिकॉनोमिस्ट का अनुमान है कि दो सबसे बड़ी क्रिप्टो-असेट्स- Bitcoin और Ethereum मिलकर पूरे स्वीडन की तुलना में एक साल में लगभग दोगुनी बिजली का इस्‍तेमाल करते हैं। अनुमान है कि क्रिप्टो-असेट्स अपनी मौजूदा मार्केट वैल्‍यू के हिसाब से हर साल 120 मिलियन टन CO2 वातावरण में रिलीज करते हैं, जिस वजह से पर्यावरण पर काफी बुरा असर पड़ता है। इसने दुनियाभर के पर्यावरणविदों को चिंता में डाल दिया है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco M8 Power vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: जानें ₹30000 में कौन सा है बेस्ट?
  2. Mahindra XEV 9S बनी बेस्ट-सेलिंग EV, MG Windsor EV को पीछे छोड़ा
  3. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  2. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  3. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  5. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  6. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  7. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
  8. Airtel के चार सबसे सस्ते प्रीपेड प्लान, अनलिमिटेड डाटा और कॉल के लाभ, कीमत ₹300 से भी कम
  9. वोटिंग में छिपे रहेंगे नाम, ग्रुप से बना सकेंगे मिनी ग्रुप! WhatsApp के नए फीचर्स बदल देंगे चैटिंग का एक्सपीरियंस
  10. फ्री में हवाई सफर! IndiGo दे रहा है 20,000 मुफ्त फ्लाइट टिकट, जानिए कैसे मिलेगा फायदा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.