क्रिप्टो मार्केट में गिरावट से लेंडिंग फर्मों के लिए बढ़ा खतरा

इन फर्मों ने कारोबार बढ़ाने के लिए बहुत इंटरेस्ट रेट पर लोन की पेशकश की थी, जबकि ये डिपॉजिट्स पर भारी रेट्स चुका रही थी

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 1 जुलाई 2022 16:47 IST
ख़ास बातें
  • इन फर्मों ने कारोबार बढ़ाने के लिए कम इंटरेस्ट रेट पर लोन की पेशकश की थी
  • ये डिपॉजिट्स पर भारी रेट्स चुका रही थी
  • इन फर्मों के क्लाइंट्स मुश्किलों का सामना कर रहे हैं

इस सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के लिए अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं

क्रिप्टोकरेंसी लेंडिंग फर्मों और उनके क्लाइंट्स को क्रिप्टो मार्केट में गिरावट और रेगुलेटरी सुरक्षा नहीं होने के कारण बड़े फाइनेंशियल रिस्क का सामना करना पड़ रहा है। इन फर्मों ने कारोबार बढ़ाने के लिए बहुत इंटरेस्ट रेट पर लोन की पेशकश की थी, जबकि ये डिपॉजिट्स पर भारी रेट्स चुका रही थी। बड़ी क्रिप्टो लेंडिंग फर्मों में शामिल Celsius Network ने पिछले महीने ट्रांजैक्शंस पर रोक लगा दी थी। 

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर Omid Malekan ने कहा, "Celsius Network जल्द दिवालिया होने जा रही है।" AFP की रिपोर्ट के अनुसार, CoinFlex और Babel Finance जैसी कुछ अन्य क्रिप्टो लेंडिंग फर्मों ने भी विड्रॉल को रोक दिया है। इन फर्मों ने क्लाइंट्स को क्रिप्टोकरेंसीज डिपॉजिट करने और उस पर इंटरेस्ट प्राप्त करने या कोलेट्रल के तौर पर रखकर उधार लेने की सुविधा दी थी। इन फर्मों के बहुत से क्लाइंट्स को ट्रांजैक्शंस पर रोक लगने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें अपने फंड का नुकसान होने की भी आशंका है। 

Celsius Network के क्लाइंट्स की ट्रांजैक्शंस पर रोक लगाने के फैसले की रेगुलेटर्स की ओर से जांच की जा रही है। Celsius ने कहा था कि क्रिप्टो मार्केट की खराब स्थिति के कारण वह एकाउंट्स के बीच विड्रॉल और ट्रांसफर पर रोक लगा रही है। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म के ट्रांजैक्शंस पर रोक लगाने के फैसले की टेक्सस स्टेट सिक्योरिटी बोर्ड सहित कुछ रेगुलेटर्स जांच कर रहे हैं। इस बारे में अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी फर्म से जानकारी मांगी है। अल्बामा सिक्योरिटीज कमीशन के डायरेक्टर Joseph Borg का कहना था, "मैं इससे चितित हूं कि रिटेल इनवेस्टर्स सहित फर्म के क्लाइंट्स को उनके एसेट्स को रिडीम करने की जरूरत हो सकती है लेकिन वे ऐसा कर सकते। इससे उनकी वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं।"

इस सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के लिए अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं। बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Coinbase ने भी हाल ही में अपनी वर्कफोर्स को 18 प्रतिशत घटाने का फैसला किया था। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म का कहना है कि इंडस्ट्री के इस मुश्किल दौर में उसने कॉस्ट में कमी करने के लिए यह कदम उठाया है। इस फैसले से एक्सचेंज के 1,000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी होने का अनुमान है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Exchange, Regulators, Investigation, Market, America, SEC, Lending, Clients

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo X300 E लॉन्च: फ्लैगशिप प्रोसेसर, 7,200mAh बैटरी और 512GB तक स्टोरेज के साथ आया स्मार्टफोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में तेजी से बढ़ सकता है EVs का मार्केट, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की होगी बड़ी हिस्सेदारी
  2. Redmi Note 17 जल्द होगा भारत में लॉन्च, लीक हुआ प्राइस
  3. Oppo A7 Pro Max में होगी 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
  4. वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
  5. iQOO Z11 के भारत में लॉन्च की तैयारी, MediaTek Dimensity 7500 Turbo होगा चिपसेट!
  6. Redmi 17 4G के स्पेसिफिकेशंस लीक, 50MP कैमरा, 7500mAh बैटरी के साथ गजब होंगे फीचर्स
  7. Google Pixel 11 सीरीज के होंगे महंगे प्राइसेज, मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स की ज्यादा कॉस्ट का असर
  8. ₹5,000 तक महंगे हुए Xiaomi, Redmi स्मार्टफोन, जानें किस मॉडल पर कितना असर
  9. ₹200 में 30GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 20 OTT का फ्री एक्सेस, Vi ने लॉन्च किया नया प्लान
  10. क्रिप्टो मार्केट में फेडरल रिजर्व की मीटिंग से पहले तेजी, बिटकॉइन का प्राइस 65,200 डॉलर से ज्यादा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.