Crypto मार्केट में गिरावट से उत्तर कोरिया के चुराए गए फंड में लगी सेंध

उत्तर कोरिया पर अमेरिका सहित बहुत से देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और क्रिप्टो मार्केट से बड़ा झटका लगने के कारण उसकी हथियारों को बढ़ाने की क्षमता पर असर पड़ेगा

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अपडेटेड: 30 जून 2022 09:33 IST
ख़ास बातें
  • उत्तर कोरिया के लिए चुराई गई क्रिप्टोकरेंसी को भुनाना मुश्किल हो गया है
  • अमेरिका सहित कई देशों ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं
  • क्रिप्टो मार्केट में पिछले कुछ सप्ताह से गिरावट है

क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों पर हैकर्स के अटैक बढ़ रहे हैं

पिछले कुछ सप्ताह से क्रिप्टो मार्केट में गिरावट के कारण उत्तर कोरिया के हैकर्स ने जो लाखों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चुराई थी उसकी वैल्यू बहुत घट गई है। उत्तर कोरिया पर अमेरिका सहित बहुत से देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और क्रिप्टो मार्केट से बड़ा झटका लगने के कारण उसकी हथियारों को बढ़ाने की क्षमता पर असर पड़ेगा। 

Reuters की रिपोर्ट में कुछ डिजिटल इनवेस्टिगेटर्स के हवाले से बताया गया है कि उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी चुराने में काफी रिसोर्सेज लगाए हैं। क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों पर हैकर्स के अटैक बढ़ रहे हैं और इनमें से अधिकतर के तार उत्तर कोरिया से जुड़े हैं। मार्च में हुए ऐसे ही एक हैक अटैक में लगभग 61.5 करोड़ डॉलर की चोरी की गई थी। दक्षिण कोरिया की सरकार के दो सूत्रों ने बताया कि इकोनॉमिक स्लोडाउन के बीच पिछले महीने क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट आने से उत्तर कोरिया के लिए चुराई गई क्रिप्टोकरेंसी को भुनाना मुश्किल हो गया है और इससे उसे हथियारों के लिए फंड हासिल करने में मुश्किल हो सकती है। 

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एनालिसिस ने बताया है कि उत्तर कोरिया ने इस वर्ष बड़ी संख्या में मिसाइलों का परीक्षण किया है और इस पर उसने लगभग 62 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis का कहना है कि उत्तर कोरिया ने पिछले चार वर्षों में जो क्रिप्टोकरेंसी चुराई है उसकी वैल्यू बहुत कम हो गई है। मार्च में ऑनलाइन गेम Axie Infinity के यूजर्स से हुई करोड़ों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी की चोरी का आरोप अमेरिका ने उत्तर कोरिया के हैकर्स पर लगाया था। अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा था, "हमें पता है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने के लिए अवैध गतिविधियों से रेवेन्यू हासिल करता है। वह अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से बचने के लिए गैर कानूनी गतिविधियों पर निर्भर है।"

अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (FBI) ने इस हैक के लिए  Lazarus ग्रुप को जिम्मेदार बताया है कि और ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने उस एड्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे चुराया गया फंड प्राप्त हुआ था। Lazarus हैकिंग ग्रुप पर उत्तर कोरिया के इंटेलिजेंस ब्यूरो का नियंत्रण है। इस हैकिंग ग्रुप पर रैंसमवेयर अटैक और इंटरनेशनल बैंकों की हैकिंग के आरोप लग चुके हैं। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से Lazarus ग्रुप को ब्लैकलिस्ट करने और इसके एसेट्स को जब्त करने के लिए कहा है।  

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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