बोलिविया ने हटाया बिटकॉइन पर बैन, पेमेंट्स के लिए होगा इस्तेमाल

El Salvador ने लगभग तीन वर्ष पहले बिटकॉइन का वैध करेंसी का दर्जा दिया था। कुछ देशों में क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन भी लगाया गया था

विज्ञापन
Written by राधिका पाराशर, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 29 जून 2024 16:53 IST
ख़ास बातें
  • बोलिविया ने लगभग एक दशक पहले Bitcoin पर बैन लगाया था
  • इसके सेंट्रल बैंक ने बिटकॉइन को वैध करेंसी का दर्जा नहीं दिया है
  • अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को घटाने की भी यह कोशिश कर रहा है

इसका उद्देश्य देश की इकोनॉमी को संतुलित बनाना और पेमेंट सिस्टम्स का मॉडर्नाइज करना है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। El Salvador ने लगभग तीन वर्ष पहले बिटकॉइन का वैध करेंसी का दर्जा दिया था। हालांकि, कुछ देशों में क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन भी लगाया गया था। इन देशों में से एक बोलिविया ने लगभग एक दशक पहले Bitcoin पर लगाए गए बैन को हटा दिया है। इसका उद्देश्य देश की इकोनॉमी को संतुलित बनाना और पेमेंट सिस्टम्स का मॉडर्नाइज करना है। 

लैटिन अमेरिका में बोलिविया क्रिप्टो के पक्ष में कदम उठाने वाला पहला देश बन गया है। हालांकि, इसके सेंट्रल बैंक ने बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसीज को वैध करेंसी का दर्जा नहीं दिया है। बोलिविया के सेंट्रल बैंक ने बैंकों को क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की अनुमति भी दी है। Banco Central de Bolilvia ने बताया कि वह बिटकॉइन पेमेंट्स सहित क्रिप्टोकरेंसी से पेमेंट्स पर लगाए गए बैन को वापस ले रहा है। इस देश में 2029 तक कर्ज 21 अरब डॉलर से अधिक बढ़ने का अनुमान है। Banco Central de Bolilvia ने बैंकों को स्वीकृति इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स का इस्तेमाल करने और क्रिप्टो पेमेंट्स की सुविधा उपलब्ध कराने की अनुमति देने का फैसला किया है। 

हालांकि, बोलिविया के सेंट्रल बैंक ने बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसीज को वैध करेंसी के तौर पर मान्यता नहीं दी है। क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की अनुमति देने से इसे रेमिटेंस के जरिए अधिक रकम मिल सकती है क्योंकि विदेश से इन ट्रांजैक्शंस में देरी नहीं होती और आमतौर पर इन पर कोई चार्ज नहीं लगता। अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को घटाने की भी बोलिविया कोशिश कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने इकोनॉमी में रिकवरी के लिए इंटरेस्ट रेट्स को बढ़ाया है। पिछले वर्ष बोलिविया ने अमेरिकी डॉलर के दबदबे को घटाने के लिए चाइनीज युआन और रूस के रूबल पर जोर दिया था। 

लगभग तीन वर्ष पहले बिटकॉइन को वैध करेंसी का दर्जा देने वाला अल साल्वाडोर पहला देश बना था। अल साल्वाडोर के प्रेसिडेंट Nayib Bukele अपने देश में बिटकॉइन का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में ब्राजील ने भी क्रिप्टोकरेंसीज के पक्ष में कदम उठाए हैं। ब्राजील ने क्रिप्टो से जुड़े अपराधों की तेजी से जांच के लिए एक अलग यूनिट भी बनाई है। यह यूनिट क्रिप्टो सेगमेंट के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी काम करेगी। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Tecno Pova Slim 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, बिना सिग्नल वाले एरिया में भी मिलेगी कनेक्टिविटी
  2. Vivo T4 Pro vs Realme P4 Pro 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. NASA ने बना लिया मंगल पर घर! देखें अंदर से कैसा है ये 3D प्रिंटेड हैबिटेट
  2. Vivo T4 Pro vs Realme P4 Pro 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा है बेस्ट
  3. क्या आपका फोन हो गया है हैक? इन बातों पर दें ध्यान, ऐसे करें बचाव
  4. ट्रेन कहां पहुंची और कितनी देरी से चल रही है, लाइव स्टेटस ऐसे करें चेक
  5. दिल्ली मेट्रो का सफर होगा बिलकुल फ्री, यहां से करनी होगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग
  6. Apple ने iPhone 16 Pro Max का 'मजाक' उड़ाने वाले विज्ञापन पर Xiaomi को भेजा कानूनी नोटिस
  7. Tecno Pova Slim 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, बिना सिग्नल वाले एरिया में भी मिलेगी कनेक्टिविटी
  8. Google Pixel 10 vs Nothing Phone 3 vs OnePlus 13: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  9. रात के अंधेरे में ऐसे करें स्मार्टफोन का उपयोग, नहीं होंगी आखें खराब
  10. Instagram इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है...
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.