बिटकॉइन का रिजर्व रखने वाला चौथा सबसे बड़ा देश बना भूटान

पिछले वर्ष भूटान ने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट्स से मिलने वाली इलेक्ट्रिसिटी के इस्तेमाल से चार साइट्स पर बिटकॉइन की माइनिंग की कोशिशें बढ़ाई थी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 17 सितंबर 2024 22:14 IST
ख़ास बातें
  • भूटान की सरकार के पास 13,000 से अधिक बिटकॉइन हैं
  • इन बिटकॉइन की वैल्यू 75 करोड़ डॉलर से अधिक है
  • अमेरिका के पास 2,13,240 से अधिक बिटकॉइन हैं

क्रिप्टो की माइनिंग से जुड़ी फर्म Bitdeer Technologies ने भूटान में माइनिंग डेटा सेंटर शुरू किया है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इस मार्केट की सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में कुछ देशों की सरकारों ने भी इनवेस्टमेंट किया है। भारत का पड़ोसी देश भूटान भी इनमें शामिल है। भूटान की सरकार के पास 13,000 से अधिक बिटकॉइन हैं। इन बिटकॉइन की वैल्यू 75 करोड़ डॉलर से अधिक की है। 

CoinGecko के डेटा के अनुसार, भूटान से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स में लगभग 15 लाख डॉलर की वैल्यू वाले 650 से अधिक Ethereum भी हैं। बिटकॉइन का सबसे बड़ा होल्डर अमेरिका है। अमेरिका के पास 2,13,240 से अधिक बिटकॉइन हैं। इसके बाद चीन लगभग 1,90,000 बिटकॉइन के साथ है। इस लिस्ट में ब्रिटेन (लगभग 61,000 बिटकॉइन ) तीसरे स्थान है। बिटकॉइन का रिजर्व रखने वाले देशों में भूटान चौथे स्थान पर है। हालांकि, इस सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता देने वाले पहले देश El Salvador के पास बिटकॉइन की संख्या काफी कम है। अल साल्वाडोर के पास लगभग 5,800 बिटकॉइन हैं। 

भूटान के पास मौजूद बिटकॉइन अथॉरिटीज की ओर से जब्त की गई क्रिप्टोकरेंसीज से नहीं जुड़े हैं। भूटान सरकार की इनवेस्टमेंट यूनिट Druk Holding ने बिटकॉइन की माइनिंग करने के जरिए इस क्रिप्टोकरेंसी को हासिल किया है। पिछले वर्ष भूटान ने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट्स से मिलने वाली इलेक्ट्रिसिटी के इस्तेमाल से चार साइट्स पर बिटकॉइन की माइनिंग की कोशिशें बढ़ाई थी। भूटान में क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग सर्विसेज से जुड़ी फर्म Bitdeer Technologies ने माइनिंग डेटा सेंटर भी शुरू किया है। 

हाल के वर्षों में भारत में भी क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग करने वालों की संख्या बढ़ी है। अधिक टैक्स होने के बावजूद देश में क्रिप्टोकरेंसीज में दिलचस्पी बढ़ रही है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जिसमें क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट को लेकर दुनिया में भारत की हाई रैकिंग है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में रेगुलेटर्स ने इस सेगमेंट की कुछ फर्मों के खिलाफ कड़े कदम भी उठाए हैं। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis ने एक रिपोर्ट में बताया है कि पिछले वर्ष जून से इस वर्ष जुलाई के बीच सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज और डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस एसेट्स का देश में इस्तेमाल बढ़ा है। क्रिप्टो सेगमेंट के खिलाफ केंद्र सरकार ने कड़ा रुख रखा है। पिछले वर्ष के अंत में नियमों का पालन नहीं करने की वजह से नौ ऑफशोर क्रिप्टो एक्सचेंजों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। 



 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Acer ने भारत में लॉन्च किया TravelLite TL24-54M लैपटॉप, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Amazon Prime Day Sale 2026: OnePlus 13 सिर्फ ₹49,999 में, OnePlus 15 और Nord सीरीज पर भी तगड़े ऑफर्स!
  3. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
  4. Amazon Prime Day Sale 2026: ₹85 हजार से कम में Galaxy S25 Ultra, साल की सबसे बड़ी डील
  5. Delhi EV Policy 2026: ₹1 लाख तक का फायदा, पेट्रोल-CNG टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन होगा बंद, जानें सब कुछ
  6. WhatsApp Username Booking: बिना नंबर के शुरू होगी चैट, ऐेसे रिजर्व होगा आपका यूजरनेम
  7. Lava Agni 4 खरीदने का शानदार मौका! ₹4 हजार तक की छूट और एक्सचेंज ऑफर भी
  8. AI भी गर्मी की चपेट में? हीटवेव से डेटा सेंटर्स के लिए बढ़ा खतरा
  9. भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम
  10. Huawei Mate 90 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, फोल्डेबल स्मार्टफोन में हो सकती है देरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.