अमेरिका में पकड़ा गया Bitcoin से जुड़ा 27 लाख डॉलर का मनी लॉन्ड्रिंग स्कैम

इस मामले में 27 लाख डॉलर की बिटकॉइन में धोखाधड़ी की गई है। आरोपी Goldman Sachs का पूर्व इनवेस्टमेंट बैंकर है

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शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 28 मार्च 2022 18:24 IST
ख़ास बातें
  • आरोपी ने सोशल मीडिया पर इस स्कीम का प्रचार किया था
  • इसमें क्लाइंट्स को पहचान छिपाकर ट्रांजैक्शंस करने में मदद की गई थी
  • हाल के महीनों में क्रिप्टो से जुड़े स्कैम के मामले बढ़े हैं

आरोपी Goldman Sachs का पूर्व इनवेस्टमेंट बैंकर है

क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े स्कैम की संख्या लगातार बढ़ रही है। अमेरिका में कैश-टु-बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम का ऐसा ही एक मामला पकड़ा गया है। इसमें न्यूयॉर्क का एक व्यक्ति आरोपी है जिसने सोशल मीडिया पर इस स्कीम का प्रचार किया था और अपने क्लाइंट्स को बताया था कि वह उन्हें छिपकर ट्रांजैक्शन करने में मदद कर सकता है। इस मामले में 27 लाख डॉलर की बिटकॉइन में धोखाधड़ी की गई है। आरोपी Goldman Sachs का पूर्व इनवेस्टमेंट बैंकर है। 

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में Thomas Spieker और उसके सहयोगियों को डार्क वेब ड्रग डील सहित कई गैर कानूनी गतिविधियों में मदद के लिए बिटकॉइन का इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया है। Spieker ने फेसबुक पोस्ट में ऐसे व्यक्तियों को सर्विसेज की पेशकश की थी जो अपनी पहचान छिपाना चाहते थे। ये व्यक्ति गैर कानूनी गतिविधियों से जुड़े थे। Manhattan District Attorney ने आरोप लगाया है कि Spieker ने अपने सहयोगियों की मदद से लगभग 27 लाख डॉलर के बिटकॉइन को डॉलर में बदला था। इसके लिए कई बैंक और क्रिप्टो एक्सचेंज एकाउंट खोले गए थे। 

Manhattan District Attorney के ऑफिस ने बताया, "इस तरह की मनी लॉन्ड्रिंग से ड्रग स्मगलर्स और स्कैमर्स को अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने और अपनी रकम को विदेश भेजने में मदद मिलती है। इस मामले से पता चला है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसी नई टेक्नोलॉजीज कैसे दुनिया भर में फैली आपराधिक गतिविधियों का बड़ा कारण हो सकती हैं।" Spieker के कई क्लाइंट्स के खिलाफ डार्क वेब पर गैर कानूनी ड्रग्स मार्केटप्लेस चलाने और पहचान की चोरी के आरोपों में मामला चलेगा। 

हाल ही में अमेरिका में 'Frosties' कही जाने वाली उनकी  NFT सीरीज के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों ने अपना NFT प्रोजेक्ट छोड़ने से पहले बायर्स को लगभग 11 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाया था। इस तरह के मामले 'रग पुल स्कैम' कहे जाते हैं, जिनमें NFT प्रोजेक्ट्स या क्रिप्टोकरेंसीज के क्रिएटर्स से जल्द बिक्री करने के बाद गायब हो जाते हैं। इस मामले में अमेरिका का जस्टिस डिपार्टमेंट (DoJ) इस वर्ष की शुरुआत में एक शिकायत दर्ज होने के बाद से इस NFT सीरीज केक्रिएटर्स Ethan Nguyen और Andre Llacuna की तलाश कर रहा था। इन दोनों को 24 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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ये भी पढ़े: Bitcoin, Scam, Crypto, Dark Web, America, Facebook, NFT, Exchange
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