बिटकॉइन खरीदने के लिए गोल्ड का रिजर्व बेच सकती है अमेरिकी सरकार

पिछले महीने ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए थे। अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में सरकार की ओर से जब्त किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 2 अप्रैल 2025 18:50 IST
ख़ास बातें
  • हाल ही में बिटकॉइन ने एक लाख डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था
  • इसके बाद से बिटकॉइन में काफी गिरावट हुई है
  • हाल ही में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहले क्रिप्टो समिट का आयोजन किया था

पिछले महीने डॉनल्ड ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए थे

पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन की वैल्यू तेजी से बढ़ी है। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने हाल ही में एक लाख डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था। हालांकि, इसके बाद से बिटकॉइन में काफी गिरावट हुई है। इसका प्राइस 85,000 डॉलर के निकट ट्रेड कर रहा है। अमेरिका में Donald Trump की अगुवाई वाली नई सरकार क्रिप्टो सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए उपाय कर रही है।  

एक मीडिया रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के डिजिटल एसेट्स पर प्रेसिडेंट की एडवाइजर्स की काउंसिल के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, Bo Hines ने बताया गया है कि अमेरिका की सरकार बिटकॉइन जमा करने के लिए अपने गोल्ड के रिजर्व का इस्तेमाल करने के तरीकों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "अगर हम गोल्ड के रिजर्व पर प्रॉफिट को भुनाते हैं तो यह बिटकॉइन खरीदने का एक अच्छा तरीका होगा।" Hines ने सीनेटर Cynthia Lummis की ओर से पेश किए गए बिटकॉइन एक्ट का भी जिक्र किया। इसमें लगभग 10 लाख बिटकॉइन खरीदने का पक्ष लिया गया है। यह बिटकॉइन की कुल सप्लाई का लगभग पांच प्रतिशत होगा। 

पिछले महीने ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए थे। अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में सरकार की ओर से जब्त किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे। क्रिप्टो मार्केट का अनुमान था कि इस रिजर्व के लिए अमेरिकी सरकार की ओर से बिटकॉइन की खरीदारी की जाएगी और इससे डिमांड मजबूत होगी। हालांकि, ट्रंप ने जिस एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए टैक्सपेयर्स की रकम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि स्ट्रैटेजिक रिजर्व में जमा किए गए बिटकॉइन को बेचा नहीं जाएगा। इसका मतलब है कि अमेरिका की सरकार बिटकॉइन की सप्लाई का एक हिस्सा सर्कुलेशन से बाहर करने की योजना बना रही है। 

हाल ही में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहले क्रिप्टो समिट का भी आयोजन किया था। इसमें क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़े फाउंडर्स, CEOs और इनवेस्टर्स शामिल हुए थे। इनमें ब्लॉकचेन नेटवर्क Chainlink के को-फाउंडर, Sergey Nazarov भी थे। इसके अलावा Bitcoin की सबसे अधिक होल्डिंग रखने वाली सॉफ्टवेयर कंपनी MicroStrategy के फाउंडर, Michael Saylor और Paradigm के को-फाउंडर, Matt Huang ने भी इस समिट में हिस्सा लिया था। 

 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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