WhatsApp के आने वाले Username फीचर को लेकर भारत सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को आशंका है कि इससे Impersonation और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं।
WhatsApp के Username फीचर को लेकर भारत सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है
Photo Credit: Meta
WhatsApp जल्द ही अपने प्लेटफॉर्म पर Username फीचर लॉन्च करने जा रहा है, जिसके बाद यूजर्स बिना मोबाइल नंबर शेयर किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। हालांकि, फीचर लॉन्च होने से पहले ही इसे लेकर प्राइवेसी और फ्रॉड से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। कुछ एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि इससे फर्जी अकाउंट और पहचान की नकल (Impersonation) जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार इस फीचर पर रोक लगाने के लिए कानूनी तरीकों पर विचार कर रही है।
Username फीचर इस साल के आखिर तक रोलआउट हो सकता है। इसके बाद यूजर्स अपना फोन नंबर बताए बिना सिर्फ Username के जरिए चैट शुरू कर सकेंगे। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे मोबाइल नंबर सार्वजनिक होने का खतरा कम होगा और SIM Swapping या Contact Scraping जैसे साइबर फ्रॉड से भी कुछ हद तक बचाव मिल सकता है।
कई अन्य लोगों ने भी इस फीचर को लेकर चिंता भी जताई है। Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने X पर लिखा, (अनुवादित) "जल्द ही WhatsApp पर Verified Username होंगे और उनके साथ मिलते-जुलते कई Unverified Username भी दिखाई देंगे।" वहीं MobiKwik के CEO बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि यह अच्छा आइडिया नहीं है, क्योंकि इससे फ्रॉड और Impersonation के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके नाम के कई वैरिएंट पहले से रिजर्व हो चुके हैं।
In a country such as India, this could be a disaster, if the right anti-abuse systems are not set up by WhatsApp.
Imagine receiving a message from warikoo / awarikoo / ankurwarikooo / ankur_warikoo / a_warikoo / ankurwarikooofficial etc etc - soliciting money.
1. Most people… https://t.co/AaiH7F1szN
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ी चिंता Name Squatting को लेकर है। यानी कोई व्यक्ति किसी मशहूर नाम या ब्रांड से मिलता-जुलता Username पहले ही रिजर्व कर सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि वे @KunalShahReal और @PmNarendraModi जैसे Username रिजर्व करने में सफल रहे। ऐसे मामलों में साइबर अपराधी किसी बैंक, सरकारी संस्था, ब्रांड या सेलिब्रिटी की पहचान का गलत फायदा उठा सकते हैं।
Wow someone reserved the 'PmNarendraModi' username on WhatsApp and he will print ₹₹₹ by asking people to send him money 😭 pic.twitter.com/JIkvXeuA4g
— anul agarwal (@anulagarwal) June 30, 2026रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Meta ने फिलहाल बिजनेस अकाउंट्स के लिए Username को पेड फीचर बनाने की कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में कंपनी इसे प्रीमियम सर्विस के तौर पर पेश कर सकती है।
वहीं, ET की एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि WhatsApp के आने वाले Username फीचर को लेकर भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार इस फीचर के रोलआउट को रेगुलेट करने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा स्वरूप में यह फीचर लोगों, कंपनियों और सार्वजनिक हस्तियों की फर्जी पहचान (Impersonation) और पहचान से जुड़े साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा सकता है। इसी वजह से सरकार यह भी जांच रही है कि फीचर लॉन्च होने से पहले जरूरी सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए जा सकते हैं या नहीं। कहा गया है कि यदि जरूरत पड़ी, तो डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है।
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