60 से ज्‍यादा एंड्राॅयड ऐप्‍स में मिला 'चकमा' देने वाला मैलेवयर, जानें कितने सेफ हैं भारतीय यूजर्स

Android Malware : जिन 60 से ज्‍यादा ऐप्‍स में मैलेवयर की मौजूदगी है, उन्‍हें 10 करोड़ से ज्‍यादा डाउनलोड्स मिले हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 17 अप्रैल 2023 16:38 IST
ख़ास बातें
  • एंटीवायरस बनाने वाली मैकफी ने लगाया मैलवेयर का पता
  • एंड्रॉयड ऐप्‍स के जरिए यूजर्स के डेटा में लगाता है सेंध
  • बिना यूजर्स की अनुमति के विज्ञापनों पर भी क्लिक करता है

Android Malware : गूगल ने फौरन कार्रवाई करते हुए कुछ ऐप्‍स को प्‍ले स्‍टोर से हटाया है। डेवलपर्स को सूचना दी गई है। कई डेवलपर्स ने अपने ऐप अपडेट किए हैं।

मैलवेयर के लिहाज से एंड्रॉयड को आमतौर पर सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्‍टम माना जाता है। हालांकि कई बार ऐप्‍स के जरिए मैलेवयर, यूजर्स को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। उनकी पहचान होने पर गूगल की ओर से जरूरी कदम उठाए जाते हैं। एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी McAfee की मोबाइल रिसर्च टीम ने दावा किया है कि उसे 60 से ज्‍यादा ऐसे ऐप्‍स का पता चला, जिनमें गोल्डोसन (Goldoson) नाम का मैलेवयर है। ये मैलवेयर वन स्‍टोर (ONE store) और गूगल प्‍ले (Google Play) से डाउनलोड किए गए ऐप्‍स में पाया गया। खास बात है कि इन जिन 60 से ज्‍यादा ऐप्‍स में मैलेवयर की मौजूदगी है, उन्‍हें 10 करोड़ से ज्‍यादा डाउनलोड्स मिले हैं। 
 

क्‍या करता है गोल्डोसन

McAfee की टीम ने गोल्डोसन को थर्ड-पार्टी मैलिशियस लाइब्रेरी बताया है। यह मैलवेयर लोगों की संवेदनशील जानकारी को हासिल कर सकता है। मसलन- यूजर्स ने कौन से ऐप्‍स इंस्‍टॉल किए हैं। उनके WiFi और ब्लूटूथ से कौन सी डिवाइसेज जुड़ी हैं। साथ ही GPS की जानकारी को भी गोल्‍डोसन हासिल कर सकता है।  
 

ऐसे चकमा देता है गोल्‍डोसन

Goldoson मैलवेयर खुद को यूजर की डिवाइस में र‍जिस्‍टर कर लेता है। फ‍िर ऐप चलाते ही रिमोट कॉन्फिगरेशन हासिल कर सकता है। यूजर्स को चकमा देने के लिए रिमोट सर्वर डोमेन बदलता रहता है। यह यूजर्स के साथ विज्ञापन से जुड़ी धोखाधड़ी भी करता है। मसलन- यूजर्स की सहमति के बिना यह मैलेवयर बैकग्राउंड में विज्ञापनों पर क्लिक करता है। 
 

भारतीय यूजर्स कितने सेफ?

सवाल उठता है कि 60 से ज्‍यादा ऐप्‍स में मैलवेयर का मिलना और उन्‍हें 10 करोड़ से ज्‍यादा बार डाउनलोड किया जाना भारतीय यूजर्स के लिए कितनी चिंता की बात है? रिपोर्ट्स पर भरोसा करें, तो भारतीय यूजर्स को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। जिन ऐप्‍स में मैलवेयर मिला है, वो साउथ कोरिया से जुड़े हैं यानी उस देश के यूजर्स के डेटा पर ‘खतरा' है।  
 

गूगल ने क्‍या ऐक्‍शन लिया? 

McAfee की टीम ने कहा है कि उसने गूगल को ऐसे ऐप्‍स की जानकारी दी थी, जिनमें मैलेवेयर है। गूगल ने फौरन कार्रवाई करते हुए कुछ ऐप्‍स को प्‍ले स्‍टोर से हटाया है। डेवलपर्स को सूचना दी गई है। कई डेवलपर्स ने अपने ऐप अपडेट किए हैं। अगर आपको भी कभी ऐसे ऐप्‍स की जानकारी मिलती है, जिसमें मैलेवयर हो सकता है और वह आपके फोन में है, तो फौरन ऐसे ऐप्‍स को अपनी डिवाइस से हटा दें। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. भारत में सेमीकंडक्टर्स की 25 प्रतिशत डिमांड पूरी करेगी HCL 
  2. iQOO 15R 5G की लीक हुई प्राइसिंग, अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च
  3. 7000mAh बैटरी के साथ 2026 के पावरफुल स्मार्टफोन! Realme 16 Pro, IQOO Neo 10, Motorola G67 Power समेत जानें लिस
#ताज़ा ख़बरें
  1. Airtel सबसे सस्ते में लाई डेली 4GB, अनलिमिटिड कॉलिंग, FREE JioHotstar, 20 OTT ऐप, Apple Music वाला धांसू प्लान!
  2. IND vs SA T20 Live Streaming: सुपर-8 में भारत बनाम साउथ अफ्रीका T20 मैच आज, ऐसे देखें फ्री!
  3. 7000mAh बैटरी के साथ 2026 के पावरफुल स्मार्टफोन! Realme 16 Pro, IQOO Neo 10, Motorola G67 Power समेत जानें लिस्ट
  4. WhatsApp का सबसे धांसू अपडेट! 'बर्थडे विश' के लिए नहीं पड़ेगा रातभर जागना, आ रहा शेड्यूल मैसेज फीचर
  5. घर को स्मार्ट बनाने 7 इंच बड़ी राउंड शेप टच स्क्रीन Waveshare ने की लॉन्च, जानें कीमत
  6. 27 हजार सस्ता मिल रहा Google Pixel फ्लैगशिप फोन, 64MP का धांसू कैमरा!
  7. भारत में सेमीकंडक्टर्स की 25 प्रतिशत डिमांड पूरी करेगी HCL 
  8. iQOO 15R 5G की लीक हुई प्राइसिंग, अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च
  9. Samsung Galaxy S26 होगा बेस्ट कैमरा फोन! 24MP सेंसर के साथ नया फीचर लीक
  10. सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.