NPCI ने UPI के अगले फेज में AI के इस्तेमाल की योजना साझा की है। AI की मदद से नए यूजर्स को जोड़ने, फ्रॉड रोकने और भविष्य में क्रेडिट सर्विसेज को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
NPCI UPI में AI आधारित फीचर्स लाने की तैयारी कर रहा है
Photo Credit: Unsplash/ David Dvoracek
NPCI आने वाले समय में UPI को और स्मार्ट बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के CEO दिलीप अस्बे ने कहा है कि UPI के अगले फेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बड़ी भूमिका होगी। उनका कहना है कि AI की मदद से नए यूजर्स को UPI से जोड़ना आसान होगा, साथ ही वॉयस और मल्टीलैंग्वेज फीचर्स के जरिए डिजिटल पेमेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा NPCI भविष्य में AI का इस्तेमाल फ्रॉड रोकने और क्रेडिट सर्विसेज को बेहतर बनाने के लिए भी करना चाहता है।
TechCrunch को दिए इंटरव्यू में NPCI CEO दिलीप अस्बे ने कहा कि AI का इस्तेमाल UPI के अगले ग्रोथ फेज में काफी प्रभावी तरीके से किया जाएगा। उनके मुताबिक, वॉयस असिस्टेंट और मल्टीलैंग्वेज सॉल्यूशंस की मदद से नए यूजर्स के लिए UPI इस्तेमाल करना और ऑनबोर्ड होना पहले से ज्यादा आसान हो सकता है।
NPCI ने साल 2023 में वॉयस असिस्टेंट आधारित इंटरैक्टिव सिस्टम भी लॉन्च किया था। हालांकि, अस्बे ने माना कि फिलहाल इसका इस्तेमाल उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। अब ऑर्गनाइजेशन AI की मदद से इस तकनीक को और बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
NPCI का कहना है कि AI सिर्फ नए यूजर्स जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में AI आधारित सिस्टम यूजर्स और कारोबारियों की डिजिटल प्रोफाइल के आधार पर क्रेडिट देने में भी मदद कर सकते हैं। यानी आने वाले समय में लोन अप्रूवल जैसी प्रक्रिया में भी AI की भूमिका बढ़ सकती है। हालांकि, इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक लॉन्च टाइमलाइन साझा नहीं की गई है।
ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए भी NPCI AI का इस्तेमाल करना चाहता है। दिलीप अस्बे के मुताबिक, AI की मदद से संदिग्ध ट्रांजैक्शंस, फ्रॉड और म्यूल अकाउंट्स की पहचान करना आसान होगा। इससे UPI प्लेटफॉर्म को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
NPCI के अनुसार, भारत में UPI फिलहाल रोजाना 75 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शंस प्रोसेस करता है। संगठन का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 करोड़ से ज्यादा दैनिक ट्रांजैक्शंस तक पहुंचाना है। फिलहाल UPI मार्केट में PhonePe और Google Pay की कुल हिस्सेदारी 80% से ज्यादा है। वहीं NPCI की BHIM UPI ऐप की हिस्सेदारी करीब 1% है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।