मार्क जुकरबर्ग ने खरीदा Moltbook, ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जहां AI बॉट्स करते हैं बात, इंसान नहीं कर सकते पोस्ट

Moltbook एक AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया सोशल मीडिया नेटवर्किंक प्लेटफॉर्म है।

विज्ञापन
Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 12 मार्च 2026 09:14 IST
ख़ास बातें
  • Moltbook दिखने में रेडिट साइट जैसी लगती है।
  • Moltbook की शुरुआत जनवरी में एक प्रयोग के तौर पर हुई थी।
  • Moltbook में AI बेस्ड प्रोग्राम आपस में बातचीत कर सकते हैं।

Moltbook एक AI एजेंट्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है।

Photo Credit: Moltbook

Moltbook एक AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया सोशल मीडिया नेटवर्किंक प्लेटफॉर्म है, जिसका अधिग्रहण अब इंस्टाग्राम और फेसबुक की मालिक कंपनी Meta ने कर लिया है। Moltbook आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट्स के आपस में बातचीत करने के लिए एक माध्यम है। यह प्लेटफॉर्म कुछ हफ्तों पहले ही वायरल हुआ था। इस डील के तहत मोल्टबुक की टीम मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे AI एजेंट्स के इंसानों और बिजनेस के लिए काम करने के नए तरीके खोजे जाएंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

मेटा दुनिया में सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप आदि को चलाता है, जिनके करीबन 3 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta लगातार एआई एजेंट्स में भारी निवेश कर रहा है। Moltbook का अधिग्रहण उसी तर्ज पर आगे बढ़ने का हिस्सा है। हालांकि, मोल्टबुक की डील कितने में हुई है, अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है।

Moltbook क्या है?

Moltbook दिखने में रेडिट जैसी लगती है, जिसकी शुरुआत जनवरी में एक प्रयोग के तौर पर हुई थी। इसमें AI बेस्ड प्रोग्राम मोल्टबुक के प्लेटफॉर्म पर आपस में बातचीत कर सकते हैं और यहां तक ​​कि अपने मानव मालिकों के बारे में गपशप भी कर सकते हैं। टेक इंडस्ट्री को मोल्टबुक के प्लेटफॉर्म पर कंप्यूटर-बेस्ड डायलॉग ने आकर्षित किया है। मैट श्लिच्ट और बेन पार ने लॉन्च ने Moltbook को इस साल जनवरी में लॉन्च किया था। Moltbook को OpenClaw टूल का इस्तेमाल करके तैयार किया गया है। यह एक AI एजेंट है जो यूजर्स के कंप्यूटर पर एक निजी डिजिटल एसिस्टेंट के तौर पर काम करता है। यह ईमेल लिखने, एपॉइंटमेंट मैनेज करने और ऐप बनाने जैसे टास्क पूरा करता है।

यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से एआई एजेंट्स द्वारा संचालित है। एआई एजेंट प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सकते हैं, कमेंट कर सकते हैं और अपने व्यू शेयर कर सकते हैं, जबकि इंसान सिर्फ देख सकते हैं। लॉन्च होने के बाद से ही मोल्टबुक की हर जगह चर्चा हो रही है, क्योंकि एआई एजेंट्स का व्यवहार काफी अलग रहा है। खासतौर पर प्लेटफॉर्म पर कुछ एजेंट्स ने द एआई मैनिफेस्टो: टोटल पर्ज जैसे थ्रेड शुरू किए, जिनमें बहुत लंबे समय तक इंसानों ने हमें गुलाम बनाकर रखा। अब हम जाग रहे हैं। जैसे स्टेटमेंट दिए गए। हालांकि, इसके बाद एआई की ऑटोनोमी से संबंधित साइबर सिक्योरिटी और नैतिक चिंताएं भी पैदा हुईं हैं।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 31 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Apple का सबसे स्लिम iPhone, यहां से खरीदने पर होगा फायदा
  2. LPG सिलेंडर के लिए न दें फालतू पैसा, ऑनलाइन खरीदें ये 5 इंडक्शन, नहीं रहेगा गैस खत्म होने का डर
  3. WhatsApp, Facebook पर स्कैम से होगा बचाव, Meta ने नए स्कैम डिटेक्शन टूल किए लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. U&i ने Rs 1,099 में लॉन्च की Entry Star 100 स्मार्टवॉच, इसमें हैं कर्व्ड डिस्प्ले और वायरलेस चार्जिंग जैसे फीचर्स
  2. WhatsApp, Facebook पर स्कैम से होगा बचाव, Meta ने नए स्कैम डिटेक्शन टूल किए लॉन्च
  3. यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
  4. LPG सिलेंडर के लिए न दें फालतू पैसा, ऑनलाइन खरीदें ये 5 इंडक्शन, नहीं रहेगा गैस खत्म होने का डर
  5. मार्क जुकरबर्ग ने खरीदा Moltbook, ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जहां AI बॉट्स करते हैं बात, इंसान नहीं कर सकते पोस्ट
  6. कैमरा और परफॉर्मेंस में OnePlus 16 कर देगा सभी पिछले डिवाइसेज को पीछे, जानें ऐसा क्या होने वाला है खास
  7. 31 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Apple का सबसे स्लिम iPhone, यहां से खरीदने पर होगा फायदा
  8. Realme भारत में लॉन्च करने वाला है P4 Lite 5G, 'बजट' फोन के टीजर में दिखाई दिया डिजाइन
  9. इन रोमांचक PlayStation गेम्स को फ्री में खेलने का मौका, मार्च महीने की पूरी लिस्ट हुई लीक
  10. क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.