पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था। इसके बाद से इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट हुई है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि मिडल-ईस्ट में स्थिति सामान्य होने और क्रूड ऑयल के प्राइसेज घटने पर बिटकॉइन में तेजी आ सकती है। अमेरिका में क्रिप्टो मार्केट के लिए रेगुलेशंस बनाने से जुड़े CLARITY एक्ट के जल्द पास होने की संभावना है।