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Cryptocurrencies - ख़बरें

  • Crypto को लेकर फिर सख्त हुई सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताई बड़ी परेशानी
    भारत में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को लेकर सरकार का रुख अब और सख्त नजर आ रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बाद अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी संसद की एक समिति के सामने क्रिप्टो से जुड़े बड़े जोखिमों को गिनाया है। टैक्स विभाग का मानना है कि VDA की नेचर ऐसी है, जिसमें पैसा आसानी से गुमनाम तरीके से और सीमा पार ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे न सिर्फ टैक्स चोरी का खतरा बढ़ता है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध फंडिंग जैसे मामलों पर भी लगाम लगाना मुश्किल हो जाता है।
  • बिटकॉइन स्कैमः 150 करोड़ रुपये के Bitcoin मामले में राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किल
    ED ने चार्जशीट में आरोप लगाया था कि कुंद्रा को Gain Bitcoin पॉन्जी स्कीम के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म लगाने के लिए 285 बिटकॉइन मिले थे। हालांकि, यह डील पूरी नहीं हो सकी थी लेकिन कुंद्रा का 285 बिटकॉइन पर कब्जा है। इन बिटकॉइन की मौजूदा वैल्यू 150 करोड़ रुपये से अधिक की है।
  • अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की कंपनी पेश करेगी नया क्रिप्टो टोकन
    इस टोकन से कंपनी के शेयरहोल्डर्स को Trump Media & Technology Group के प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट या बेनेफिट मिल सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social को भी Trump Media & Technology Group ऑपरेट करती है। इस रिपोर्ट के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी आई है। पिछले वर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिका के प्रेसिजेंट के तौर पर कार्यभाल संभालने के बाद क्रिप्टो सेगमेंट के पक्ष में कुछ फैसले किए थे।
  • क्रिप्टो को लेकर RBI की वॉर्निंग, वित्तीय स्थिरता के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में RBI ने कहा है कि स्टेबलकॉइन्स से जुड़ी कुछ कमजोरियों की वजह से वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। क्रिप्टो के इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन्स एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर उभरे हैं। RBI ने बताया कि विदेशी करेंसी में डिनॉमिनेशन वाले स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल बढ़ने से वित्तीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है।
  • क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase पर सायबर अटैक का आरोपी भारत से हुआ गिरफ्तार
    बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Coinbase ने बताया था कि हैकर्स ने अमेरिका के बाहर उसके कॉन्ट्रैक्टर्स और वर्कर्स को रिश्वत देकर कस्टमर्स के संवेदनशील डेटा को चुराया था। इस मामले में हैकर्स ने दो करोड़ डॉलर की फिरौती की भी मांग की थी। Coinbase ने बताया था कि सायबर अटैक से उसे 40 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
  • क्रिप्टो से सरकार को मिलने वाला TDS 41 प्रतिशत बढ़ा, महाराष्ट्र की सबसे अधिक हिस्सेदारी
    महाराष्ट्र में हेडक्वार्टर रखने वाले क्रिप्टो एक्सचेंजों से सबसे अधिक 293.40 करोड़ रुपये का TDS प्राप्त हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (133.94 करोड़ रुपये) और तीसरे स्थान पर गुजरात (28.63 करोड़ रुपये) है। राजधानी दिल्ली से यह टैक्स 28.33 करोड़ रुपये का है। TDS का यह डेटा उन लोकेशंस से जुड़ा है जहां क्रिप्टो एक्सचेंज मौजूद हैं। यह वास्तविक ट्रेड्स की लोकेशन पर बेस्ड नहीं है।
  • 1 साल में 25 हजार करोड़ की चोरी! 2025 में Crypto हैक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
    2025 क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे खराब साल साबित हुआ है। ब्लॉकचेन एनालिसिस फर्म्स Chainalysis और TRM Labs के मुताबिक, इस साल साइबर हैक्स और अटैक्स के जरिए करीब $2.7 बिलियन की क्रिप्टो चोरी हुई है। सबसे बड़ा मामला दुबई स्थित Bybit एक्सचेंज से जुड़ा रहा, जहां अकेले $1.4 बिलियन की डिजिटल एसेट्स चोरी की गईं। रिपोर्ट्स में उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप्स को इन हमलों का मुख्य जिम्मेदार बताया गया है। लगातार बढ़ते ये आंकड़े क्रिप्टो सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वाले सावाधान! भारत में 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट्स का भंडाफोड़
    Enforcement Directorate ने देशभर में फैले एक बड़े क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा करते हुए 26 फर्जी वेबसाइट्स को रेड-फ्लैग किया है। ED के मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म्स खुद को वैध क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट साइट्स बताकर लोगों को हाई रिटर्न का लालच दे रहे थे। शुरुआती तौर पर छोटे मुनाफे दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में अकाउंट फ्रीज व एक्स्ट्रा चार्ज के नाम पर ठगी की गई। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सालों से एक्टिव था और इसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक है।
  • क्रिप्टो माइनिंग से रूस की करेंसी रूबल में आ रही मजबूती
    हाल ही में रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रूस के लिए क्रिप्टो माइनिंग एक छिपा हुआ एक्सपोर्ट बन गया है और इससे देश के फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर असर पड़ रहा है।
  • Bitcoin में आ सकती है तेजी, Citigroup ने दिया 1,43,000 डॉलर का टारगेट
    अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की चीन पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा और भारी बिकवाली से इसका प्राइस 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरा है। Citigroup ने दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Ethereum के लिए इसी अवधि में 4,304 डॉलर का पूर्वानुमान दिया है।
  • Bitcoin में भारी गिरावट, 86,000 डॉलर से नीचे गया प्राइस
    अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से कुछ अधिक का हाई बनाया था। इसके बाद से यह लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। इसका असर अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर भी पड़ा है। हाल ही में इंटरनेशनल बैंकिंग फर्म Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए प्राइस टारगेट को घटाया था। Standard Chartered ने इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है।
  • भारत में क्रिप्टो इनवेस्टमेंट में उत्तर प्रदेश का टॉप रैंक
    उत्तर प्रदेश में इनवेस्टर्स की डिजिटल एसेट्स में दिलचस्पी बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग के लिए बिटकॉइन सबसे अधिक लोकप्रिय है। हालांकि, राज्य में इनवेस्टर्स ने स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप क्रिप्टो टोकन्स में भी इनवेस्टमेंट किया है। देश में क्रिप्टो सेगमेंट में नॉन-मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।
  • ED ने पकड़ा 2,300 करोड़ रुपये का क्रिप्टो स्कैम, विदेश भागा मुख्य आरोपी
    एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। इसमें कथित तौर पर जाली क्रिप्टोकरेंसी पॉन्जी स्कीम और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कैम से कई इनवेस्टर्स के साथ लगभग 2,300 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस मामले की जांच शुरू की है।
  • क्रिप्टोकरेंसी कोई फाइनेंशियल एसेट नहीं, सिर्फ कोड का एक पीस हैः RBI ने दी चेतावनी
    RBI के डिप्टी गवर्नर, T Rabi Sankar ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी वास्तव में एक करेंसी नहीं है क्योंकि इसमें इससे जुड़े फीचर्स नहीं हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस नहीं हैं। Rabi Sankar ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ कोड का एक पीस है। यह एक फाइनेंशियल एसेट या किसी प्रकार का एसेट नहीं है। उन्होंने बताया कि मनी के मापदंड के तौर पर क्रिप्टो टोकन्स की कोई पात्रता नहीं है।
  • Bitcoin में गिरावट का रिस्क, Standard Chartered ने आधा किया प्राइस का टारगेट
    Standard Chartered ने इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के लिए अपने प्राइस टारगेट में कमी की है। इस वर्ष के अंत तक बिटकॉइन के लिए दो लाख डॉलर के पिछले पूर्वानुमान को आधा घटाकर एक लाख डॉलर किया गया है। हालांकि, Standard Chartered ने बिटकॉइन के लिए लॉन्ग-टर्म के पांच लाख डॉलर के पूर्वानुमान को बरकरार रखा है।

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