वोडा-आइडिया ने चीनी कंपनी ZTE को दिया 200 करोड़ रुपये का ऑर्डर, जानें किस काम के लिए हुई ‘डील’

यह मामला नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल सेक्र‍िटेरिएट (NSCS) के संज्ञान में लाया गया है, जो विश्वसनीय टेलीकॉम पोर्टल को मैनेज करता है और अनुमति-योग्य टेलिकॉम उपकरणों को मंजूरी देता है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 19 अप्रैल 2023 15:47 IST
ख़ास बातें
  • वोडा-आइडिया ने चीनी कंपनी को दिया ऑर्डर
  • चीनी कंपनी ZTE को दिया 200 करोड़ रुपये का ऑर्डर
  • ब्रॉडबैंड नेटवर्क उपकरण मुहैया कराने के लिए दिया ऑर्डर

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2020 को कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति ने टेलिकॉम सेक्‍टर में राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश को मंजूरी दी थी।

टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने चीन की कंपनी जेडटीई (ZTE) को करीब 200 करोड़ रुपये का नेटवर्क उपकरण का ऑर्डर दिया है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले 3 सोर्सेज के हवाले से पीटीआई ने यह जानकारी दी है। सोर्सेज ने बताया है कि Vi ने गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के टेलिकॉम सर्किल्‍स में ब्रॉडबैंड नेटवर्क उपकरण मुहैया कराने के लिए चीन की कंपनी को ऑर्डर दिया है। एक सोर्स ने कहा कि ‘वोडाफोन-आइडिया ने जेडटीई को करीब 200 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है।'

सोर्स ने यह भी बताया कि यह मामला नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल सेक्र‍िटेरिएट (NSCS) के संज्ञान में लाया गया है, जो विश्वसनीय टेलीकॉम पोर्टल को मैनेज करता है और अनुमति-योग्य टेलिकॉम उपकरणों को मंजूरी देता है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस बारे में वोडाफोन-आइडिया को भेजे गए ई-मेल का जवाब नहीं मिला है। 
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सोर्सेज ने यह भी बताया कि यह ऑर्डर गुजरात और एमपी-छत्तीसगढ़ सर्किल के लिए दिया गया है। एक सोर्स ने यह भी बताया कि महाराष्‍ट्र सर्कल के लिए भी ऑर्डर दिया गया है। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2020 को कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति ने टेलिकॉम सेक्‍टर में राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक, सर्विस प्रोवाइडर्स को इक्विपमेंट्स की खरीद भरोसेमंद स्रोतों से ही करनी होती है। निर्देश के प्रावधानों के तहत सरकार टेलिकॉम नेटवर्क इंस्‍टालेशन के लिए प्रोडक्‍ट्स की एक लिस्‍ट घोषित करती है।

सभी काम भरोसेमंद टेलिकॉम पोर्टल के जरिए से किए जाते हैं। प्रोडक्‍ट्स की लिस्‍ट डेप्‍युटी-नेशनल सिक्‍योरिटी एडवाइजर की अध्यक्षता वाली कमिटी के अनुमोदन के आधार पर तय की जाती है। इस निर्देश के बाद चीनी कंपनियां 5G टेलीकॉम गियर के लिए ऑर्डर हासिल नहीं कर पाई हैं। गौरतलब है कि 5G से लेकर ब्रॉडबैंड इंटरनेट तक जियो (Jio) और एयरटेल (Airtel) तेजी से अपने पैर पसार रही हैं। वोडा-आइडिया अभी बाकी दोनों प्रतिद्वंदियों से पीछे है। उम्‍मीद है कि नए वर्क ऑर्डर के बाद वह इस सेक्‍टर में तेजी से आगे बढ़ेगी। 
 

 

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