Facebook चाहती थी Reliance Jio में हिस्सेदारी, Google भी रेस में

Reliance Jio सॉफ्ट 2015 में लॉन्च हई थी, लेकिन इसका सार्वजनिक संचालन 2016 में शुरू हुआ था। केवल तीन वर्षों में, कंपनी 370 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ कंपनी भारत में सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है

Facebook चाहती थी Reliance Jio में हिस्सेदारी, Google भी रेस में

Reliance Jio के 10 प्रतिशत स्टेक्स इस समय लगभग 500 से 535 करोड़ रुपये होते हैं

ख़ास बातें
  • Facebook रिलायंस जियो के 10 प्रतिशत स्टेक्स खरीदना चाहती है
  • इस समय Reliance Jio का कुल मुल्यांकन लगभग 5,000 से 5,350 करोड़ रुपये है
  • जियो के 10 प्रतिशत स्टेक्स लगभग 500 से 535 करोड़ रुपये मुल्य के हैं
विज्ञापन
Facebook कथित तौर पर Reliance Jio की 10% हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारतीय टेलीकॉम कंपनी से बातचीत कर रही है। Financial Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह 10% हिस्सेदारी अरबों डॉलर में आंकी जा रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया दिग्गज के अलावा, Google भी रिलायंस जियो के साथ अलग से बातचीत कर रही है।

FT की रिपोर्ट (paywall) के अनुसार, फेसबुक और रिलायंस जियो ने बातचीत की थी, जो कि हाल ही में कोरोनोवायरस प्रकोप के कारण वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों के कारण रुकी थी।

नवंबर 2019 में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, जियो का कुल मूल्यांकन लगभग 65 से 70 बिलियन डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये से 5,350 करोड़ रुपये) के बीच है, इसलिए इसकी 10% हिस्सेदारी 6.5 से 7 बिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये से 535 करोड़ रुपये) के बीच होती है।

Reliance Jio सॉफ्ट 2015 में लॉन्च हई थी, लेकिन इसका सार्वजनिक संचालन 2016 में शुरू हुआ था। केवल तीन वर्षों में, कंपनी 370 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ कंपनी भारत में सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है और इसमें कोई शक नहीं है कि जियो ने भारतीय टेलीकॉम मार्केट में बड़ी क्रांति पैदा की है। इसका सबसे बड़ा कारण मुफ्त कॉल और बेहद सस्ते डेटा की पेशकश है, जो आज तक टेलीकॉम बिजनस को प्रभावित कर रहा है।

फेसबुक जैसी कंपनियों के लिए जियो भारत जैसी जटिल रेग्युलेटरी वाली मार्केट में प्रवेश करने का एक रास्ता साबित हो सकती है। निश्चित तौर पर जियो जैसे स्थानीय खिलाड़ी के पास ऐसी जटिल मार्केट की ज्यादा जानकारी होगी।

फ्री बेसिक्स नाम के अपने मुफ्त इंटरनेट प्रोग्राम के लॉन्च के प्रतिरोध से लेकर व्हाट्सऐप के साथ UPI पेमेंट प्लेटफॉर्म शुरू करने में आने वाली कठिनाइयों तक, फेसबुक ने भारत में कई चुनौतियों का सामना किया है। यहां तक ​​कि कंपनी ने अपनी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप से एन्क्रिप्शन को हटाने के लिए सरकार के दबाव को भी झेला है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Jio, Facebook, Facebook JIo, Google JIo, Jio Google
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ather Energy के इलेक्ट्रिक स्कूटर Rizta की बड़ी कामयाबी, सेल्स हुई 3 लाख यूनिट्स से ज्यादा 
  2. IT एंप्लॉयीज एसोसिएशन ने की वर्क-फ्रॉम-होम को अनिवार्य बनाने की मांग, प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर
  3. दुनिया अभी 5G में उलझी है, चीन ने 6G की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम
  4. बच्चों के क्रेयॉन जैसी दिखने वाली Pen Drive! SanDisk Crayola USB-C भारत में लॉन्च
  5. Lyne Startup 70, Startup 68 TWS ईयरबड्स लॉन्च, साथ में Startup 80 कार चार्जर ने भी दी दस्तक, जानें
  6. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकती है 200 मेगापिक्सल की ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  7. HP OmniBook Ultra 2026 लैपटॉप हुआ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. HMD Vibe 2 5G की इंडिया लॉन्च डेट कन्फर्म, इस दिन आ रहा है 6000mAh बैटरी और AI कैमरा वाला फोन
  9. HP OmniPad 12 भारत में लॉन्च: 18 घंटे की बैटरी, डिटैचेबल कीबोर्ड के साथ आया नया टैबलेट
  10. Samsung ने शुरू किया सर्टिफाइड री-न्यूड प्रोग्राम, सस्ते में मिल रहे प्रीमियम Galaxy स्मार्टफोन्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »