यह है दुनिया का सबसे छोटा रोबोट, चींटी से भी छोटा है साइज

चींटी से भी छोटे साइज के यह रोबोट जटिल मशीनरी, हाइड्रोलिक्स या बिजली पर काम नहीं करता है। इसके बजाय, इसकी पावर शरीर की इलास्टिसिटी और लचीलेपन से आती है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 26 मई 2022 16:42 IST
ख़ास बातें
  • यह रोबोट जटिल मशीनरी, हाइड्रोलिक्स या बिजली पर काम नहीं करता है
  • इसकी पावर शरीर की इलास्टिसिटी और लचीलेपन से आती है
  • इस रोबोट को Peekytoe केकड़े की शेप में डिजाइन किया गया है

छोटे रोबोट मेडिकल फील्ड में भी बेहद काम आ सकते हैं

अब तक का सबसे छोटा रिमोट-कंट्रोल्ड वॉकिंग रोबोट नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों द्वारा बनाया गया है, और यह एक छोटे, Peekytoe केकड़े की शेप में डिजाइन किया गया है। पीकीटो छोटे केकड़े होते हैं, जो केवल आधा मिलीमीटर लंबे होते हैं, झुक सकते हैं, मुड़ सकते हैं, रेंग सकते हैं, चल सकते हैं, मुड़ सकते हैं और कूद भी सकते हैं। रिसर्चर्स ने मिलीमीटर साइज के रोबोट भी बनाए हैं, जो इंचवर्म, क्रिकेट और बीटल से मिलते जुलते हैं। हालांकि, रिसर्च अभी भी अपने शुरुआती चरण में है। रिसर्चर्स को उम्मीद है कि उनकी टेक्नोलॉजी उन्हें बेहद छोटे साइज के रोबोट विकसित करने में मदद करेगी, जो बहुत संकरी जगहों में भी काम करने में सक्षम होंगे।

चींटी से भी छोटे साइज के यह रोबोट जटिल मशीनरी, हाइड्रोलिक्स या बिजली पर काम नहीं करता है। इसके बजाय, इसकी पावर शरीर की इलास्टिसिटी और लचीलेपन से आती है।

रोबोट बनाने के लिए रिसर्चर्स ने एक शेप-मैमोरी अलॉय का इस्तेमाल किया, जो गर्म होने पर अपनी निर्धारित शेप में परिवर्तित हो जाता है। टीम ने इसकी बॉडी के विभिन्न जगहों को जल्दी से गर्म करने के लिए एक स्कैनिंग लेजर बीम का उपयोग किया। ठंडा होने पर, कांच की एक पतली परत स्ट्रक्चर के विकृत कंपोनेंट को उसकी मूल शेप में लौटा देती है।

इस रिसर्च को Science Robotics में पब्लिश किया गया था।

इस रिसर्च को लीड करने वाले जॉन ए रोजर्स (John A Rogers) ने कहा, (अनुवादित) "रोबोटिक्स रिसर्च का एक रोमांचक क्षेत्र है, और सूक्ष्म रोबोट का विकास अकादमिक अन्वेषण के लिए एक मजेदार विषय है। आप सूक्ष्म रोबोट की कल्पना कर सकते हैं, जो इंडस्ट्री में छोटी संरचनाओं या मशीनों की मरम्मत या उन्हें इकट्ठा करने के लिए या सर्जिकल सहायक के रूप में बंद धमनियों को साफ करने के लिए, आंतरिक रक्तस्राव को रोकने के लिए या कैंसर के ट्यूमर को खत्म करने जैसे कार्यो में काम आ सकते हैं।”
Advertisement

एक चरण से दूसरे चरण में रोबोट ट्रांजीशन के रूप में लोकोमोशन बनाया जाता है, जो शेप को बदलने का काम करता है। लेजर न केवल रोबोट को दूर से सक्रिय करता है, बल्कि लेजर स्कैनिंग दिशा उसके चलने की दिशा भी निर्धारित करता है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Smallest Robot in the World, Robot

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 400 लीटर क्षमता वाला फ्रिज Xiaomi ने किया लॉन्च, 1 घंटे में ऑटोमेटिक ही बनाता है बर्फ! जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon की समर सेल में OnePlus, Xiaomi और अन्य ब्रांड्स के टैबलेट्स पर 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट
  2. 400 लीटर क्षमता वाला फ्रिज Xiaomi ने किया लॉन्च, 1 घंटे में ऑटोमेटिक ही बनाता है बर्फ! जानें कीमत
  3. अंतरिक्ष में होने वाली है टक्कर! चांद से टकराएगा 8700 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाला रॉकेट का हिस्सा
  4. 70 फीट चौड़ा एस्टरॉयड आज पहुंच रहा धरती के पास! तबाही का खतरा?
  5. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  6. यह लैपटॉप नहीं, पावरबैंक है! Krafted Edge, लैपटॉप चार्जिंग के लिए 20,000mAh का 65W पावरबैंक, जानें सबकुछ
  7. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  8. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  9. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  10. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.