बृहस्‍पति पर दिखा पृथ्‍वी से बड़ा ‘लाल धब्‍बा’, 13 हजार km दूर से आया नजर, क्‍या है यह? जानें

बृहस्पति के वायुमंडल में एक उच्च दबाव वाला क्षेत्र (high-pressure region) बीते करीब 350 साल से भी ज्‍यादा वक्‍त से एंटीसाइक्लोनिक तूफान पैदा कर रहा है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 12 मार्च 2024 14:22 IST
ख़ास बातें
  • बृहस्‍पति ग्रह पर दिखा बहुत बड़ा लाल धब्‍बा
  • 350 साल से मौजूद है यह धब्‍बा
  • नासा के जूनो स्‍पेसक्राफ्ट ने खींची तस्‍वीर

The Great Red Spot पृथ्‍वी से दोगुना बड़ा है। यह तूफान बृहस्‍पति ग्रह के बादलों के नीचे लगभग 300 किमी तक मौजूद है।

Photo Credit: Nasa

The Great Red Spot : हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्‍पति (Jupiter) कई रहस्‍यों से घिरा है। इस गैसीय ग्रह को पहचानने और इसके बारे में ज्‍यादा जानने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने कुछ स्‍पेसक्राफ्ट भेजे हैं। ये बृहस्‍पति ग्रह का चक्‍कर लगाकर उसे टटोल रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्‍पति पर पृथ्‍वी से भी बड़ा ‘लाल धब्‍बा' नजर आया है। उसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। 13 हजार किलोमीटर दूर से नासा के जूनाे स्‍पेसक्राफ्ट ने यह तस्‍वीर ली है। आखिर क्‍या है रेड स्‍पॉट? आइए जानते हैं।   

इंस्‍टाग्राम पर शेयर की गई तस्‍वीर में रेड स्‍पॉट को आसानी से देखा जा सकता है। नासा के अनुसार, जूनो स्‍पेसक्राफ्ट ने यह फोटो 13917 किलोमीटर दूर से ली। आपको हैरानी होगी जानकर कि यह लाल धब्‍बा एक तूफान है, जो बीते 350 साल से बृहस्‍पति ग्रह पर बना हुआ है। 
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नासा की इमेज में ग्रेट रेड स्पॉट को देखा जा सकता है। उसमें भूरी, नारंगी सर्पाकार आकृति भी नजर आती है। नासा का कहना है कि बृहस्पति के वायुमंडल में एक उच्च दबाव वाला क्षेत्र (high-pressure region) बीते करीब 350 साल से भी ज्‍यादा वक्‍त से एंटीसाइक्लोनिक तूफान पैदा कर रहा है। 
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इसके बारे में सबसे पहले पता सन 1979 में चला था। Voyager स्पेसक्राफ्ट ने रेड स्‍पॉट को देखा था। तब से यह तूफान छोटा हो रहा है। इसकी ऊंचाई और चौड़ाई दोनों में कमी देखी गई है। द ग्रेट रेड स्‍पॉट (The Great Red Spot) पृथ्‍वी से दोगुना बड़ा है। यह तूफान बृहस्‍पति ग्रह के बादलों के नीचे लगभग 300 किमी तक मौजूद है। बृहस्‍पति पर ठोस जमीन नहीं होने के कारण तूफान कमजोर नहीं पड़ रहा। यहां लगभग 643 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से हवाएं चल सकती हैं। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जूनो स्‍पेसक्राफ्ट को साल 2011 में लॉन्‍च किया गया था। यह बास्‍केटबॉल कोर्ट जितना बड़ा स्‍पेसक्राफ्ट है। इसने बृहस्‍पति की कक्षा में 4 जुलाई 2016 को एंट्री की थी। 
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