वैज्ञानिकों ने दी सौर तूफान की चेतावनी : सूर्य से आएंगी ज्वाला, जानें पृथ्वी पर क्या होगा असर

सौर तूफानों की ताकत के हिसाब से पृथ्वी पर उनके विभिन्न प्रकार के प्रभाव हो सकते हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 21 दिसंबर 2021 16:19 IST
ख़ास बातें
  • इस वजह से विभिन्‍न जगहों पर ऊषाकाल aurora नजर आ सकता है
  • फ‍िलहाल तो वैज्ञानिक ने लोगों से इसका मजा लेने के लिए कहा है
  • सौर तूफानों की ताकत के हिसाब से पृथ्वी पर उनके प्रभाव हो सकते हैं

इन सब वजहों से पूरे ग्रह में कुछ हैरान करने वाली चीजें दिखाई दे सकती हैं।

Photo Credit: Unsplash/Nasa

वैज्ञानिकों ने एक सौर तूफान की चेतावनी जारी की है। एक विशेषज्ञ ने कहा है कि बहुत जल्‍द सूर्य से कम से कम दो "बिग-फ्लेयर प्लेयर्स" या कहें ज्‍वालाएं आ सकती हैं। अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी डॉ. तमिथा स्कोव ने कहा कि कई सनस्पॉट क्लस्टर को पृथ्‍वी से भी देखा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि फ‍िलहाल इस तूफान का फोकस पृथ्‍वी की तरफ नहीं है, लेकिन हम हाई अलर्ट पर हैं। सोलर एक्टिविटी के प्रमुख तौर पर 4 घटक हैं। इनमें शामिल हैं- सोलर फ्लेयर्स, कोरोनल मास इजेक्शन, हाई-स्पीड सोलर विंड और सोलर एनर्जी पार्टिकल्स।

तो, क्या ये सौर गतिविधियां पृथ्वी को प्रभावित करती हैं? नासा के अनुसार, सौर ज्वालाएं पृथ्वी पर तभी असर डालती हैं, जब वो सूर्य के पृथ्‍वी वाले हिस्‍से की तरफ होती हैं। इसी तरह कोरोनल मास इजेक्शन भी पृथ्‍वी पर तभी असर डालेंगे, जब सूर्य के पृथ्‍वी वाले हिस्‍से से बाहर आएंगे। सूर्य से निकाला गया चुंबकीय क्षेत्र और प्‍लाज्‍मा के विशाल बादल को कोरोनल मास इजेक्शन कहते हैं। 

डॉ. तमिथा स्कोव को कोट करते हुए एक्‍सप्रेस ने लिखा है कि इन सब वजहों से पूरे ग्रह में कुछ हैरान करने वाली चीजें दिखाई दे सकती हैं। विभिन्‍न जगहों पर ऊषाकाल aurora नजर आ सकता है। स्‍कोव ने लोगों से इसका मजा लेने के लिए कहा है। 

सौर तूफानों की ताकत के हिसाब से पृथ्वी पर उनके विभिन्न प्रकार के प्रभाव हो सकते हैं। US स्पेस वेदर सेंटर के अनुसार, जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म को G1 माइनर से G5 एक्सट्रीम के पैमाने पर रैंक किया जाता है। मामूली तूफान की वजह से पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। सैटेलाइट ऑपरेशंस प्रभावित हो सकते हैं। इसके मुकाबले, एक्‍सट्रीम तूफान की वजह से ब्लैकआउट हो सकता है। ऐसे तूफान वोल्‍टेज कंट्रोल जैसी समस्‍याएं पैदा कर सकते हैं, जिससे ग्रिड सिस्‍टम ध्‍वस्‍त हो सकता है। ट्रांसफॉर्मर को नुकसान हो सकता है। स्‍पेसक्राफ्ट ऑपरेशंस में मुश्‍किलें आ सकती हैं। कई और असर भी देखे जा सकते हैं। 

नासा के एक ब्लॉग में बताया गया है कि सूर्य की मैग्निेट‍िक साइकल हर 11 साल में एक ओवरड्राइव में चली जाती है। इस साइकल के पीक पर होने के दौरान सूर्य के मैग्निेट‍िक पोल्‍स पलटते हैं। इसे सोलर मैक्सिमम के रूप में जाना जाता हैै। सूर्य के मैग्निेटि‍क में बदलाव होने से ज्‍यादा सनस्पॉट और ऊर्जा पैदा होती है। इससे सोलर पार्टिकल्‍स में विस्‍फोट होता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 17 खरीदें Rs 13 हजार से ज्यादा सस्ता, अबतक का सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 17 खरीदें Rs 13 हजार से ज्यादा सस्ता, अबतक का सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  2. iPhone 18 Pro Max में मिलेगा अबतक का सबसे धांसू कैमरा! डमी फोटो लीक
  3. Apple ने मांगी Samsung से मदद, 20वीं एनिवर्सरी के लिए बनवा रही खास iPhone 20 डिस्प्ले!
  4. Redmi लॉन्च कर सकती है 10,000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग वाले तीन नए स्मार्टफोन!
  5. 30W पावर आउटपुट के साथ Tempt Enigma स्पीकर भारत में लॉन्च, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  6. 7000mAh की बड़ी बैटरी वाला Realme फोन Rs 7 हजार सस्ता खरीदें! जबरदस्त डिस्काउंट ऑफर
  7. Mercedes ने भारत में लॉन्च की CLA EV, 700 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  8. Honor 600e में मिल सकता है MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार
  10. Vivo X500 सीरीज के स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा, 144Hz डिस्प्ले के साथ मिलेगा अल्ट्रासॉनिक स्कैनर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.