Solar Flare : 3 ‘खतरनाक’ सौर तूफानों के साए में पृथ्‍वी, आने वाली है ये आफत

Solar Flare : मॉस्को स्थित फेडोरोव इंस्टि‍ट्यूट ऑफ एप्लाइड जियोफिजिक्स के मुताबिक हमारे ग्रह को प्रभावित करने वाले फ्लेयर X क्‍लास कैटिगरी के हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 जुलाई 2023 10:51 IST
ख़ास बातें
  • रूसी वैज्ञानिकों ने देखे 3 सोलर फ्लेयर
  • पृथ्‍वी को कर सकते हैं प्रभावित
  • धरती पर अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है

इनकी वजह से पृथ्‍वी पर अस्‍थायी शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है। शॉर्ट वेव रेडियो फ्रीक्‍वेंसी का इस्‍तेमाल सेनाओं, समुद्री ट्रांसपोर्ट आदि के द्वारा किया जाता है।

सूर्य में जारी हलचलों का दौर पृथ्‍वी के लिए ‘मुसीबत' बन रहा है। हमारे ग्रह को भू-चुंबकीय तूफानों का सामना करना पड़ रहा है। इन तूफानों की वजह सूर्य से निकलने वाले कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME), सोलर फ्लेयर (Solar Flare) आदि हैं। अब रूस के वैज्ञानिकों ने एक पावरफुल सोलर फ्लेयर की भविष्‍यवाणी की है। इसकी वजह से हमारे ग्रह पर कम्‍युनिकेशन प्रोटोकॉल प्रभावित हो सकते हैं। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वैज्ञानिकों ने 3 सोलर फ्लेयर देखे हैं। 

इनकी वजह से धरती पर अस्‍थायी शॉर्ट-वेव रेडियो कम्‍युनिकेशन प्रभावित हो सकता है। मॉस्को स्थित फेडोरोव इंस्टि‍ट्यूट ऑफ एप्लाइड जियोफिजिक्स के मुताबिक हमारे ग्रह को प्रभावित करने वाले फ्लेयर X क्‍लास कैटिगरी के हैं। इन्‍हें सबसे पावरफुल फ्लेयर माना जाता है। 
Advertisement

इनकी वजह से पृथ्‍वी पर अस्‍थायी शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है। शॉर्ट वेव रेडियो फ्रीक्‍वेंसी का इस्‍तेमाल सेनाओं, समुद्री ट्रांसपोर्ट आदि के द्वारा किया जाता है। वैज्ञानिकों ने जिन सोलर फ्लेयर्स को देखा, उनमें से एक करीब 14 मिनट तक चलती रही। 
 

क्‍या होते हैं सोलर फ्लेयर

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। ये फ्लेयर्स हमारे सौर मंडल में अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। इनमें मौजूद एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स प्रकाश की गति से अपना सफर तय करते हैं। सोलर फ्लेयर्स ना सिर्फ शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट कर सकते हैं, बल्कि इनकी वजह से सैटेलाइट्स और कम्‍युनिकेशन उपकरणों को भी नुकसान पहुंच सकता है। 
Advertisement

पिछले साल सूर्य में हुए एक बड़े विस्‍फोट के कारण एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) के 40 नए स्‍टारलिंक सैटेलाइट तबाह हो गए थे। 

सूर्य में जारी हलचलों का दौर साल 2025 में अपने पीक पर पहुंच जाएगा। यह सोलर मैक्सिमम की अवधि है, जिसने सूर्य को बहुत ज्‍यादा उग्र कर दिया है। उसमें सनस्‍पॉट उभर रहे हैं, जिनकी वजह से पृथ्‍वी पर सौर तूफान आ रहे हैं। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Buds Pro 4 हुए लॉन्च, 53 घंटे की बैटरी, Dynaudio साउंड, ANC, AI फीचर्स से लैस
  2. Honor X9e s हुआ लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 8,560mAh बैटरी के साथ
  3. ₹1500 सस्ता खरीदें Motorola का 5500mAh बैटरी वाला फोन, Flipkart सेल में ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹1500 सस्ता खरीदें Motorola का 5500mAh बैटरी वाला फोन, Flipkart सेल में ऑफर
  2. Binance में 6.3 अरब डॉलर की चोरी के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों ने मजबूत की सिक्योरिटी 
  3. Motorola Signature 27 लॉन्च से पहले हुआ लीक, मिलेगा 200MP कैमरा, 100x जूम फीचर!
  4. OnePlus Buds Pro 4 हुए लॉन्च, 53 घंटे की बैटरी, Dynaudio साउंड, ANC, AI फीचर्स से लैस
  5. Vivo X500 Pro Max भारत लॉन्च से पहले BIS पर लिस्ट, नवंबर अंत में होगी सीरीज की दस्तक!
  6. ISRO NVS-03 सैटेलाइट का सफल लॉन्च, भारत का नेविगेशन सिस्टम होगा मजबूत
  7. ₹18 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां मिल रही सबसे तगड़ी डील
  8. Honor X9e s हुआ लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 8,560mAh बैटरी के साथ
  9. Flipkart Sale में ₹2900 सस्ता मिल रहा Motorola का 50MP दो कैमरा फोन, 6720mAh बैटरी!
  10. Motorola Signature 27 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, 2 कलर्स के होंगे ऑप्शन 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.