वैज्ञानिकों ने मक्खियों का दिमाग किया हैक, आखिर क्‍या मायने हैं इस रिसर्च के

न्यूरोइंजीनियरों की टीम लक्षित न्यूरॉन्स को एक्टिव करने के लिए मैग्निेटिक सिग्‍नलों का इस्‍तेमाल करने में सक्षम थी, जो उनकी बॉडी पोजिशन और मूवमेंट को नियंत्रित करते हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 26 जुलाई 2022 18:58 IST
ख़ास बातें
  • राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह रिसर्च की है
  • पता लगाया है कि fruit flies के दिमाग को कैसे हैक किया जाता है
  • रिसर्च से कई बीमारियों के इलाज में मदद मिल सकती है

रिसर्चर्स ने कहा कि इस शोध से न्यूरोटेक्नोलोजी को काफी मदद मिलेगी।

अमेरिका में राइस यूनिवर्सिटी (Rice University) के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि फल मक्खियों (fruit flies) के दिमाग को कैसे हैक किया जाता है, ताकि उन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जा सके। न्यूरोइंजीनियरों की टीम लक्षित न्यूरॉन्स को एक्टिव करने के लिए मैग्निेटिक सिग्‍नलों का इस्‍तेमाल करने में सक्षम थी, जो उनकी बॉडी पोजिशन और मूवमेंट को नियंत्रित करते हैं। नेचर मिनरल्स में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, रिसर्चर्स की टीम ने आनुवंशिक रूप से मक्खियों पर काम शुरू किया। इससे उनके कुछ न्‍यूरॉन्‍स ने हीट-सेंसटिव आयन चैनल्‍स को व्‍यक्‍त किया। वैज्ञानिकों ने फ्रूट फ्लाइस के दिमाग में आयरन ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्‍स को इंजेक्ट किया, जिसके बाद टीम उन्‍हें हीट देने और न्यूरॉन को एक्टिव करने के लिए एक मैग्निेटिक फील्‍ड का इस्‍तेमाल करने में सक्षम थी। 

इसका प्रदर्शन करने के लिए रिसर्चर्स ने उस खास न्‍यूरॉन को चुना, जिसकी वजह से कीड़े अपने पंख को फैलाते हैं। रिसर्चर्स ने पाया कि यह पिछली तकनीक की तुलना में 50 गुना तेजी से न्‍यूरल सर्किट को एक्टिवेट करने में सक्षम था। रिसर्चर्स ने कहा कि इस शोध से न्यूरोटेक्नोलोजी को काफी मदद मिलेगी, क्‍योंकि इसका इस्‍तेमाल बीमारियों के इलाज से लेकर कई और चीजों को डेवलप करने में किया जा सकता है।  

राइस यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में एसोसिएट प्रोफेसर जैकब रॉबिन्सन ने कहा कि मस्तिष्क का अध्ययन करने या तंत्रिका संबंधी विकारों के इलाज के लिए वैज्ञानिक कम्‍युनिटी ऐसे टूल्‍स की तलाश कर रही है जो सटीक हों। उन्‍होंने कहा कि मैग्निेट‍िक फील्‍ड्स के साथ न्‍यूरल सर्किट के कुछ हिस्‍से को रिमोट कंट्रोल करना न्यूरोटेक्नोलोजी के लिए फायदेमंद है। 

इस मुकाम को हासिल करने के लिए रिसर्च टीम ने जेनेटिक इंजीनियरिंग, नैनो टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के एक्‍सपर्ट को रिसर्च से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका मकसद इस तरह की तकनीक का इस्‍तेमाल करके दृष्टिबाधित मरीजों को कुछ दृष्टि बहाल करना है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon Great Republic सेल में iQOO 15, OnePlus 15R, iPhone 15 जैसे फोन पर जबरदस्त डिस्काउंट!
#ताज़ा ख़बरें
  1. TCS ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का रूल नहीं मानने वर्कर्स की सैलरी में बढ़ोतरी पर लगाई रोक  
  2. भारत में महंगी हुई VinFast की VF 6, VF 7 इलेक्ट्रिक SUVs, जानें नए प्राइसेज
  3. Jio Festive Offer: Jio का सबसे सस्ता प्लान आया! 36 दिनों तक 72 GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, Free AI, JioHotstar जैसे बेनिफिट
  4. पावरबैंक जैसा फोन Honor X80 सस्ते में होगा लॉन्च! कीमत, फीचर्स लीक
  5. Realme Neo 8 लॉन्च होगा 24GB रैम, 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ! यहां हुआ खुलासा
  6. 3 एस्टरॉयड आज होंगे पृथ्वी के करीब! NASA ने बताया कितना है खतरा
  7. 37 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S24 5G, Amazon पर सबसे बड़ी छूट!
  8. CES 2026: Dell ने 18 इंच बड़े, OLED डिस्प्ले, 240Hz Alienware गेमिंग लैपटॉप किए लॉन्च, जानें खास फीचर्स
  9. 1.75 करोड़ Instagram यूजर्स का डेटा लीक! साइबर अटैक से ऐसे करें बचाव
  10. Latest OTT Release This Week: दे दे प्यार दे-2, हनीमून से हत्या, अखंड-2 जैसी रोचक फिल्में इस हफ्ते OTT पर रिलीज
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.