2900 किलोमीटर गहरे में धरती के अंदर मिलीं 38 किलोमीटर ऊंची चट्टानें! माउंट एवरेस्ट से भी 4-5 गुना ऊंची!

वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये 38 किलोमीटर तक ऊंची हैं। जबकि धरती की सतह पर मौजूद सबसे ऊंचे पर्वत एवरेस्ट की ऊंचाई सिर्फ 8.8 किलोमीटर है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 11 जून 2023 13:57 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये 38 किलोमीटर तक ऊंची हैं।
  • सबसे ऊंचे पर्वत एवरेस्ट की ऊंचाई सिर्फ 8.8 किलोमीटर है।
  • ये बेसाल्ट चट्टानों और अन्य पदार्थों से बनी बताई गई हैं।

धरती के नीचे ये चट्टानें 2900 किलोमीटर की गहराई पर मौजूद हैं।

Photo Credit: Mental Floss

पृथ्वी के गर्भ में क्या छिपा है, ये जानना धरती पर रहने वाले इंसानों के लिए रुचि का विषय हो सकता है। वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश की और पाया कि धरती की सतह के नीचे माउंट एवरेस्ट से भी 4-5 गुना ऊंचाई रखने वाली चट्टानें मौजूद हैं। एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से एक्सपर्ट टीम ने इसका पता लगाया है। आइए जानते हैं पृथ्वी के नीचे मौजूद ये चट्टानें कैसी बताई गई हैं। 

हमारी धरती की मुख्यत: तीन परतें बताई जाती हैं। इनमें सबसे ऊपरी पतली सतह, जिस पर पानी, मिट्टी, जीवन आदि मौजूद है, को क्रस्ट (Crust)कहते हैं। इसके नीचे खनिज पदार्थों से बनी मेंटल (Mantle) शुरू हो जाती है, जो सबसे भीतरी और तीसरी परत- कोर (Core) तक जाती है। कोर के बारे में कहा जाता है कि यह तरल पदार्थों से भरी है जहां पर इतनी गर्मी है कि कोई भी वस्तु वहां ठोस रूप में मौजूद नहीं रह सकती है। वहां सबकुछ तरल रूप में मौजूद है। 

अब वैज्ञानिकों को मेंटल और कोर के बीच माउंट एवरेस्ट से भी 4 गुना ऊंची चट्टानों का पता लगा है। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से एक्सपर्ट्स की टीम ने इसके लिए सिस्मोलॉजी तकनीक का इस्तेमाल किया। अंटार्कटिका के सिस्मोलॉजी सेंटर से इनका पता लगाने की कोशिश की गई। ये चट्टानें 2900 किलोमीटर नीचे मौजूद हैं। कहा जाता है कि यहीं से कोर शुरू होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें बहुत ही कम हलचल है और इसी वजह से ये अभी तक छुपी हुई थीं। इन्हें अल्ट्रा लो वेलोसिटी जोन कहा गया है। लेकिन भारी भूकंपों और एटॉमिक विस्फोटों द्वारा जब पर्याप्त सिस्मिक डेटा वैज्ञानिकों को उपलब्ध हुआ, तब जाकर इनके बारे में वैज्ञानिकों को पता लगा। 

रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये 38 किलोमीटर तक ऊंची हैं। जबकि धरती की सतह पर मौजूद सबसे ऊंचे पर्वत एवरेस्ट की ऊंचाई सिर्फ 8.8 किलोमीटर है। इनके निर्माण के बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि ये काफी पुराने समय से यहां मौजूद हैं, जब महासागरीय क्रस्ट का निर्माण पृथ्वी के भीतर हुआ होगा। या फिर टेक्टॉनिक प्लेटों के मेंटल की ओर सरकने के कारण ये बनी हैं। ये बेसाल्ट चट्टानों और समुद्री सतह पर पाए जाने वाले अन्य पदार्थों के मिश्रण से बनी हो सकती हैं। इनके बारे में पता लगना इस बात के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि धरती के गर्भ से गर्मी कैसे बाहर निकलती होगी। इस प्रक्रिया में इन चट्टानों का अहम रोल हो सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Crust, mantle, Core, Mount Everest

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo S60, S60 Vitality Edition लेटेस्ट फोन लॉन्च हुए 7200mAh बैटरी, 16GB रैम, 50MP कैमरा के साथ, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tesla ने भारत में लॉन्च किया मॉडल Y का प्रीमियम RWD वेरिएंट, जानें प्राइस, रेंज
  2. iPhone 18 Pro चार रंगों में आएगा! लॉन्च से पहले हुआ खुलासा
  3. सबसे सस्ता! Vodafone Idea दे रही 365 दिनों तक 30GB, अनलिमिटिड कॉलिंग, फ्री बेनिफिट वाले धांसू प्लान
  4. Vivo के पहले ओवर-ईयर हेडफोन लॉन्च, 75 घंटे की बैटरी, 58dB ANC फीचर से लैस
  5. Vivo S60, S60 Vitality Edition लेटेस्ट फोन लॉन्च हुए 7200mAh बैटरी, 16GB रैम, 50MP कैमरा के साथ, जानें कीमत
  6. 55 घंटे बैटरी, 55dB ANC फीचर के साथ Vivo TWS 5e ईयरबड्स हुए लॉन्च, जानें कीमत
  7. Redmi Headphones Neo हुए लॉन्च 72 घंटे बैटरी, 42dB धांसू ANC फीचर के साथ, जानें कीमत
  8. 27 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का धांसू फोन, 50MP डुअल कैमरा से लैस, आया धमाका ऑफर
  9. Call of Duty: Modern Warfare 4 का इंतजार खत्म! जानें रिलीज डेट, स्टोरी और सपोर्टेड डिवाइस
  10. दिल्ली में फिर हुआ AC ब्लास्ट, ओवरहीटिंग बन सकती है जानलेवा; जानें कारण और सेफ्टी टिप्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.