अंतरिक्ष में तारे टिमटिमाते ही नहीं, गुनगुनाते भी हैं! वैज्ञानिकों की नई खोज

शोधकर्ताओं की टीम ऐसे मिशन पर काम कर रही है, जिसमें तारे के भीतर से सतह पर पहुंचने वाली ऊर्जा का 3D मैप तैयार किया जा सकेगा।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 12 अगस्त 2023 18:57 IST
ख़ास बातें
  • जल्द ही तारों की गुनगुनाहट भी सुनी जा सकेगी।
  • नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने एक नई स्टडी की है।
  • तारे के भीतर से सतह पर पहुंचने वाली ऊर्जा का 3D मैप होगा तैयार।

बहुत जल्द वैज्ञानिक तारों की गुनगुनाहट भी दुनिया के सामने पेश कर सकते हैं। 

रात में टिमाटिमाते तारों की खूबसूरती का हर कोई कायल हो जाता है। लेकिन क्या आपने सोचा है, कि ये तारे गाते भी होंगे! जी हां, कैसा हो अगर तारों की टिमाटिमाहट के साथ उनकी गुनगुनाहट भी सुनाई दे! अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसे लेकर एक स्टडी कर रहे हैं, जिसमें संभावना जताई गई है कि जल्द ही तारों की गुनगुनाहट भी सुनी जा सकेगी। आइए जानते हैं क्या कहती है ये नई स्टडी। 

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने एक नई स्टडी की है। जो तारों की गुनगुनाहट के बारे में बात करती है। The Week के अनुसार, रिसर्चर तारों की ट्विंकल यानि टिमटिमाहट को साउंड में तब्दील करने के तरीके पर स्टडी कर रहे हैं, जिसके बाद तारों का टिमटिमाना सुनाई भी दे सकेगा। विज्ञान के मुताबिक, तारों का टिमटिमाना पृथ्वी की वायुमंडलीय परत के कारण होता है। तारों की रोशनी वायुमंडलीय परत को भेद कर भीतर पहुंचती है, जिसके कारण रोशनी टिमटिमाती दिखती है। लेकिन अब वैज्ञानिकों का कहना है कि तारों में एक आंतरिक "ट्विंकल" भी होता है। यह उनकी सतह पर मौजूद गैस वेव्ज कारण होता है। इसे अभी तक टेलीस्कोप पकड़ नहीं पाए हैं। 

शोधकर्ताओं की टीम ऐसे मिशन पर काम कर रही है, जिसमें तारे के भीतर से सतह पर पहुंचने वाली ऊर्जा का 3D मैप तैयार किया जा सकेगा। इस शोध से एक कदम और आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिकों ने गैसीय लहरों को ध्वनि लहरों में बदलने की कोशिश की है। इसके बाद तारों की गुनगुनाहट साफ साफ सुनी जा सकती है। इसका कारण बताते हुए वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह तारों के कन्वेंशन जोन में होता है, जहां गैसीय मंथन चलता है। यह ऊष्मा को तारे के केंद्र से बाहर की ओर लेकर जाता है। यह वैसा ही जैसे तूफान को ऊर्जा मिलती है, ठंडी हवा नीचे की ओर बैठ जाती है, फिर गर्म होकर दोबारा से ऊपर उठती है। 

इस तरह की गतियों से वेव्स पैदा होती हैं, जो तारों का टिमटिमाना बनाती हैं, जिसे हम धरती पर देख पाते हैं। इसके लिए वेव्ज को आइसोलेट किया जा रहा है। ताकि तारों के इस स्पंदन को साफ तरीके से सुना जा सके। इसलिए बहुत जल्द वैज्ञानिक तारों की गुनगुनाहट भी दुनिया के सामने पेश कर सकते हैं। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Stars, twinkling, star twinkle

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Mercedes की CLA EV कल होगी भारत में लॉन्च, 700 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है रेंज 
  2. Bitcoin होल्डिंग पर Tesla को हुआ 17 करोड़ डॉलर से ज्यादा का नुकसान
  3. Boat ने पहला ट्रू वायरलेस Aavante Prime X साउंडबार किया लॉन्च, जानें फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. 46 घंटे बैटरी और डुअल ड्राइवर के साथ Honor Earbuds 4 TWS ईयरफोन्स हुए लॉन्च, जानें कीमत
  2. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकते हैं डुअल कैमरा, 2 कलर्स के ऑप्शन
  3. Mercedes की CLA EV कल होगी भारत में लॉन्च, 700 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है रेंज 
  4. Vivo, Huawei से डर गई Apple? iPhone 18 Pro, 19 Pro में मिल सकते हैं बड़े कैमरा अपग्रेड
  5. Moto G87 होगा 6 रंगों में लॉन्च! 8GB रैम, 5000mAh से ज्यादा हो सकती है बैटरी
  6. सस्ता स्मार्टफोन Lava Bold N1 5G नए वेरिएंट में लॉन्च, 6GB रैम, 5000mAh बैटरी, Rs 11,999 में खरीदें
  7. 81 साल के पिता ने बेटे को बचाया ‘डिजिटल अरेस्ट’ से, ऐन वक्त पर रोकी ₹12 लाख की ठगी
  8. Bitcoin होल्डिंग पर Tesla को हुआ 17 करोड़ डॉलर से ज्यादा का नुकसान
  9. WhatsApp बना सुपर ऐप! अब चैट के साथ मोबाइल रिचार्ज और पेमेंट्स भी, ऐसे करें यूज
  10. iPhone यूजर्स ध्यान दें! Apple ने फिक्स किया बड़ा बग, डिलीट नोटिफिकेशन भी हो रहे थे एक्सेस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.