वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे पुराना Black Hole, हमारे सूर्य से भी 1 करोड़ गुना बड़ा

ब्‍लैक होल को अब तक खोजी गई सबसे शुरुआती आकाशगंगाओं में से एक के अंदर पाया गया। इस आकाशगंगा का नाम पहले EGSY8p7 था, जिसे बाद में CEERS_1019 कर दिया गया।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 अप्रैल 2023 17:12 IST
ख़ास बातें
  • रिसर्चर्स की खोज को अभी रिव्‍यू किया जाना बाकी है
  • बिग बैंग के 57 करोड़ साल बाद बन गया था यह ब्‍लैक होल
  • भविष्‍य की रिसर्च में मददगार साबित हो सकती है खोज

यह खोज टेक्सास यूनिवर्सिटी की एस्ट्रोफिजिसिस्ट रेबेका लार्सन की टीम ने की है। खोज से जुड़ा पेपर द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल को पेश किया गया है।

अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन ‘जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलिस्‍कोप' (James Webb Space Telescope) के जरिए जुटाए गए डेटा की मदद से वैज्ञानिकों ने सबसे पुराने ब्‍लैक होल (Black Hole) का पता लगाया है। यह ब्‍लैक होल हमारे सूर्य से 1 करोड़ गुना बड़ा है। दिलचस्‍प यह है कि ब्‍लैक होल का आकार अभी भी बढ़ रहा है। रिसर्चर्स का अनुमान है कि इस ब्‍लैक होल का निर्माण हमारे ब्रह्मांड के जन्‍म के 57 करोड़ साल बाद हो गया था। हालांकि वैज्ञानिकों को लगता है यह ब्‍लैक होल जल्‍द अपना खिताब खो देगा और उन्‍हें इससे भी पुराना ब्‍लैक होल मिल जाएगा।  

रिपोर्टों के अनुसार, इस ब्‍लैक होल को अब तक खोजी गई सबसे शुरुआती आकाशगंगाओं में से एक के अंदर पाया गया। इस आकाशगंगा का नाम पहले EGSY8p7 था, जिसे बाद में CEERS_1019 कर दिया गया। रिसर्चर्स को लगता है कि यह खोज हमारे ब्रह्मांड से जुड़े कई मुश्किल सवालों का हल खोज सकती है, खासतौर पर कि ब्‍लैक होल का आकार कैसे बढ़ता है।  
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यह खोज टेक्सास यूनिवर्सिटी की एस्ट्रोफिजिसिस्ट रेबेका लार्सन की टीम ने की है। खोज से जुड़ा पेपर द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल को पेश किया गया है। जानकारी के अनुसार, CEERS_1019 आकाशगंगा को साल 2015 में हबल टेलिस्‍कोप से मिले डेटा के बाद पहचाना गया था। वही हबल टेलिस्‍कोप जो पिछले 30 साल से अंतरिक्ष में है और कई महत्‍वपूर्ण जानकारियां अबतक हमें दे चुका है। हबल के डेटा से CEERS_1019 आकाशगंगा के होने की पुष्टि तो हो गई थी, लेकिन और जानकारियां नहीं मिल पाईं। 

पिछले साल अंतरिक्ष में तैनात होने के बाद जब जेम्‍स वेब टेलिस्‍कोप ने अपना काम शुरू किया, तो वैज्ञानिकों ने भी पुरानी खोजों को आगे बढ़ाया। क्‍योंकि जेम्‍स वेब पहले के टेलिस्‍कोपों से काफी एडवांस है, वैज्ञानिकों ने CEERS_1019 आकाशगंगा पर डेटा जुटाना शुरू किया। बताया जाता है कि सिर्फ एक घंटे इस आकाशगंगा को मॉनिटर करने के बाद जेम्‍स वेब ने कई अहम जानकारियां पृथ्‍वी तक पहुंचाईं। 
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जेम्‍स वेब के डेटा से वैज्ञानिकों को CEERS_1019 आकाशगंगा में अबतक के सबसे पुराने ब्‍लैक होल का पता चला। इसके बावजूद वैज्ञानिकों को लगता है कि यह रिकॉर्ड लंबे वक्‍त तक बरकरार नहीं रहेगा। ब्रह्मांड में अभी बहुत कुछ है, जो वैज्ञानिकों की पहुंच से दूर है। ब्‍लैक होल ऐसा विषय हैं, जिन पर खोज जितनी आगे बढ़ेंगी, रिकॉर्ड भी उतने ही बनते जाएंगे। 
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