धरती के चारों तरफ मिला छुपा हुआ इलेक्ट्रिक फील्ड! यह नहीं होता तो ...

यह हल्का इलेक्ट्रिक फील्ड बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, Edited by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 15 नवंबर 2024 13:47 IST
ख़ास बातें
  • यह हल्का इलेक्ट्रिक फील्ड बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • यह इलेक्ट्रिक फील्ड काफी कमजोर है और केवल 0.55 वोल्ट का है।
  • वायुमंडल को विद्युतीय स्तर पर न्यूट्रल बनाए रखने का करता है काम।

भू-वैज्ञानिकों ने धरती के चारों ओर फैले एक नए इलेक्ट्रिक फील्ड का पता लगाया है।

Photo Credit: NASA

भू-वैज्ञानिकों ने धरती के चारों ओर फैले एक नए इलेक्ट्रिक फील्ड का पता लगाया है। पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद यह हल्का इलेक्ट्रिक फील्ड एक थ्योरी की पुष्टि करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह इलेक्ट्रिक फील्ड काफी कमजोर है और केवल 0.55 वोल्ट का है। इस विद्युत क्षेत्र की स्टडी की मदद से धरती के वायुमंडल के विकास का इतिहास जाना जा सकता है। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि यहां पर जीवन के लिए हालात कैसे अनुकूल बने रहते हैं। 

NASA के Goddard Space Flight Center में वायुमंडल के वैज्ञानिक ग्लिन कॉलिन्सन ने एंड्यूरेंस रॉकेट मिशन का नेतृत्व किया था। इस मिशन के तहत सफलतापूर्वक इस इलेक्ट्रिक फील्ड को मापा गया था। मई 2022 में सवालबार्ड नॉर्वे के ऊपर इसे मापा गया था। कॉलिन्सन ने इसे एक प्लेनेटरी एनर्जी फील्ड कहा है। यह अभी तक वैज्ञानिकों की दृष्टि से छुपा हुआ था। इस इलेक्ट्रिक फील्ड का मौजूद होना दशकों पहले हुई एक खोज के बारे में महत्वपूर्ण बिंदू साबित हो सकता है। 

दरअसल वैज्ञानिकों ने काफी समय पहले 'ध्रुवीय हवा' (Polar Wind) की थ्योरी दी थी। जब सूर्य की रोशनी धरती के ऊपरी वायुमंडल से टकराती है तो यह नेगेटिव चार्ज हुए आयनों यानी विद्युतीय कणों को फ्री कर देती है और उन्हें स्पेस की तरफ धकेल देती है। लेकिन भारी, पॉजिटिव चार्ज ऑक्सीजन के आयन वहीं पर रह जाते हैं। वायुमंडल को विद्युतीय स्तर पर न्यूट्रल बनाए रखने के लिए एक हल्का इलेक्ट्रिक फील्ड यहां बन जाता है जो इन आयनों को एकसाथ में बनाए रखने की कोशिश करता है, और उन्हें स्पेस में निकल जाने से रोकता है। 

यह कमजोर सा इलेक्ट्रिक फील्ड हल्के आयनों को ऊर्जा देता है। उदाहरण के लिए हाइड्रोजन को, जो धरती के गुरुत्वाकर्षण से फ्री हो जाती है और फिर पोलर हवाओं में योगदान देती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के ग्रह वैज्ञानिक डेविड ब्रेन के अनुसार, इस तरह के इलेक्ट्रिक फील्ड का पाया जाना यह बता सकता है कि मंगल या शुक्र जैसे ग्रहों पर पृथ्वी की तरह जीवन क्यों नहीं पाया जाता है। वहां पर जीवन को सहारा देने वाले हालात क्यों नहीं बन पाते हैं। यानी कि किसी ग्रह पर इस तरह के इलेक्ट्रिक फील्ड का बनना जीवन के पनपने का कारण भी हो सकता है। 

भले ही मंगल और शुक्र पर उनके इलेक्ट्रिक फील्ड मौजूद हैं, लेकिन इस तरह के किसी ग्लोबल मेग्नेटिक फील्ड के न होने से वहां का वायुमंडल अधिकांशत: स्पेस में जाकर मिल जाता है जिससे कि वहां पर क्लाइमेट में भारी अंतर देखने को मिलता है। नासा अब इस मिशन को आगे बढ़ाने जा रही है जिसकी घोषणा स्पेस एजेंसी ने कर दी है। नासा ने इसके फॉलोअप मिशन के लिए Resolute नामक रॉकेट को तैयार किया है जिसे जल्द ही लॉन्च किया जा सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. आपकी गाड़ी का PUC एक्सपायर तो नहीं? भारी चालान से बचना है तो घर बैठे ऐसे करें चेक
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के EV मार्केट में Tesla से आगे निकली VinFast
  2. डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी के साथ लॉन्च हुए Oppo Enco Air 5s, कॉल नॉयस रिडक्शन का फीचर
  3. Vivo S60 में मिल सकता है Snapdragon 8s Gen 3 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. Oppo Reno 16 सीरीज हुई लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, जानें प्राइस, फीचर्स
  5. Honor 600 सीरीज हुई लॉन्च: 200MP कैमरा, 8600mAh बैटरी और OLED डिस्प्ले वाले फोन्स की इतनी है कीमत
  6. 144Hz डिस्प्ले, 10420mAh बैटरी वाला नया Oppo Pad 6 टैबलेट हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  7. मिडल-ईस्ट में समझौते की संभावना से क्रिप्टो मार्केट में तेजी, 77,000 डॉलर से ज्यादा हुआ Bitcoin का प्राइस
  8. Redmi के इन फोन्स की कीमत फिर बढ़ी, कुछ मॉडल्स अब 5,500 रुपये तक महंगे!
  9. मॉनिटर जैसा दिखता है, लेकिन अंदर छिपा है पूरा AI PC! Asus ने लॉन्च किया नया VM441 AiO
  10. UBON ने 30W पावर, 20 घंटे की बैटरी के साथ नए पार्टी स्पीकर किए लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.