हमारी आकाशगंगा में स्‍टार सिस्‍टम के विस्‍फोट से बन सकता है सुपरनोवा

HD 74438 स्‍टार सिस्टम की खोज साल 2017 में हुई थी। इसमें तारों की एक जोड़ी है, जो एक-दूसरे की परिक्रमा करती है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 16 मई 2022 21:00 IST
ख़ास बातें
  • खगोलविद किसी भी संभावित सुपरनोवा विस्फोट पर नजर रखते हैं
  • इनका असर पूरे ब्रह्मांड पर पड़ता है
  • इसी कोशिश में रिसर्चर्स को एक चौगुने स्‍टार‍ सिस्‍टम का पता चला है

स्‍टडीज से पता चला है कि HD 74438 स्‍टार सिस्‍टम ऐसी सभी प्रणालियों में सबसे छोटा है।

हमारा सौर मंडल एक सिंगल स्टार सिस्टम है। लेकिन यह हमारी आकाशगंगा के सभी स्‍टार सिस्‍टम्‍स के लिए जरूरी सच नहीं है। हमारी आकाशगंगा में कई मल्टी-स्टार सिस्टम हैं। इनमें से ज्‍यादातर बाइनरी सिस्टम हैं, जिनमें दो तारे शामिल हैं। कुछ सिस्‍टम ऐसे भी हैं, जिनमें दो से ज्‍यादा तारे हैं। जब बात तारों की आती है, तो जिक्र सुपरनोवा का भी होता है। सुपरनोवा किसी तारे की लास्‍ट स्‍टेज होती है, जिसके बाद वह उसमें विस्‍फोट हो जाता है। कुल मिलाकर कहें, तो जब किसी तारे में विस्‍फोट होता है, तो वह बहुत अधिक चमकदार हो जाता है। इसे सुपरनोवा कहते हैं।

खगोलविद किसी भी संभावित सुपरनोवा विस्फोट पर नजर रखते हैं, क्योंकि इनका असर पूरे ब्रह्मांड पर पड़ता है। इसी कोशिश में रिसर्चर्स की एक टीम को एक चौगुने (quadruple) स्‍टार‍ सिस्‍टम के बारे में पता चला है, जिसे HD 74438 के रूप में जाना जाता है। यह एक नए चैनल को रिप्रजेंट कर सकता है, जिससे ब्रह्मांड में थर्मोन्यूक्लियर सुपरनोवा विस्फोट हो सकते हैं।

HD 74438 स्‍टार सिस्टम की खोज साल 2017 में हुई थी। इसमें तारों की एक जोड़ी होती है, जो एक-दूसरे की परिक्रमा करती है। इसके साथ ही दो और तारों की जोड़ी भी पास में ही होती है। स्‍टडीज से पता चला है कि HD 74438 स्‍टार सिस्‍टम ऐसी सभी प्रणालियों में सबसे छोटा है। यह सिर्फ 43 मिलियन वर्ष पुराना है। अब न्यूजीलैंड में कैंटरबरी माउंट जॉन ऑब्जर्वेटरी यूनिवर्सिटी के खगोलविदों को पता चला है कि यह स्‍टार सिस्‍टम, चार गुरुत्वाकर्षण से बंधे तारों से बना है।

नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी में वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह बाहरी बाइनरी सिस्टम के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से इंटरनल बाइनरी की कक्षाओं में बदलाव हो रहा है। इससे यह और अनोखा होता जा रहा है। रिसर्चर्स ने भविष्य में तारों की कक्षाओं को सिम्‍युलेट करने की कोशिश की। उन्होंने पाया कि इस तरह के गुरुत्वाकर्षण डायनैमिक्‍स से एक या कई तरह टकराव हो सकते हैं। इससे तारों के मृत होने समेत कई घटनाएं हो सकती हैं और ऐसे तारे थर्मोन्यूक्लियर सुपरनोवा का कारण बन सकते हैं। हालांकि यह भविष्‍य में होने वाली घटनाएं हैं, जिन पर वैज्ञानिक और गहराई रिसर्च कर रहे हैं। आने वाले वक्‍त में हमें और जानकारी मिलने की उम्‍मीद है।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Science News, Star System, Milky Way, supernova, HD 74438

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor 600 सीरीज हुई लॉन्च: 200MP कैमरा, 8600mAh बैटरी और OLED डिस्प्ले वाले फोन्स की इतनी है कीमत
  2. आपका पालतू जानवर क्या कहना चाहता है? ये नया AI डिवाइस करेगा ट्रांसलेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के EV मार्केट में Tesla से आगे निकली VinFast
  2. डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी के साथ लॉन्च हुए Oppo Enco Air 5s, कॉल नॉयस रिडक्शन का फीचर
  3. Vivo S60 में मिल सकता है Snapdragon 8s Gen 3 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. Oppo Reno 16 सीरीज हुई लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, जानें प्राइस, फीचर्स
  5. Honor 600 सीरीज हुई लॉन्च: 200MP कैमरा, 8600mAh बैटरी और OLED डिस्प्ले वाले फोन्स की इतनी है कीमत
  6. 144Hz डिस्प्ले, 10420mAh बैटरी वाला नया Oppo Pad 6 टैबलेट हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  7. मिडल-ईस्ट में समझौते की संभावना से क्रिप्टो मार्केट में तेजी, 77,000 डॉलर से ज्यादा हुआ Bitcoin का प्राइस
  8. Redmi के इन फोन्स की कीमत फिर बढ़ी, कुछ मॉडल्स अब 5,500 रुपये तक महंगे!
  9. मॉनिटर जैसा दिखता है, लेकिन अंदर छिपा है पूरा AI PC! Asus ने लॉन्च किया नया VM441 AiO
  10. UBON ने 30W पावर, 20 घंटे की बैटरी के साथ नए पार्टी स्पीकर किए लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.