सूरज में फिर दो बड़े धमाके! धरती की ओर चला सौर तूफान ...

नासा के अनुसार, 10 और 11 मई को 2 शक्तिशाली सोलर फ्लेयर SDO ने रिकॉर्ड किए।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 12 मई 2024 19:19 IST
ख़ास बातें
  • सूर्य की सतह पर दो बड़े विस्फोट रिकॉर्ड किए गए हैं।
  • इनके कारण धरती की ओर भारी मात्रा में जियोमेग्नेटिक एनर्जी फेंकी गई है।
  • अब तक कई सौर तूफान पृथ्वी से टकरा चुके हैं।

नासा के अनुसार, 10 और 11 मई को 2 शक्तिशाली सोलर फ्लेयर रिकॉर्ड किए गए।

Photo Credit: NASA

सूर्य की सतह पर इन दिनों लगातार धमाके हो रहे हैं जिनके कारण ऊर्जा के तूफान धरती की ओर बढ़ते हैं। अधिक मात्रा में आई ऊर्जा सौर तूफान बन जाती है। ये सौर तूफान सोलर फ्लेयर या जियोमेग्नेटिक स्टॉर्म भी कहलाते हैं। अब तक कई सौर तूफान पृथ्वी से टकरा चुके हैं। इनका धरती पर बड़ा प्रभाव देखा जाता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सूर्य की 25वीं साइकल चल रही है। जब सूर्य 11 सालों की एक साइकल पूरी करता है तो 11वें साल इसकी सतह पर भारी विस्फोट होते हैं जिनसे ऊर्जा भारी मात्रा में निकलती है। 

NASA ने लेटेस्ट अपडेट में बताया है कि उसने सूर्य की सतह पर दो बड़े विस्फोट रिकॉर्ड किए हैं। इनके कारण शुक्रवार और शनिवार को बड़े सौर तूफान उठे हैं। NASA की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी (Solar Dynamics Observatory) के द्वारा ये धमाके रिकॉर्ड किए गए हैं। इनके कारण धरती की ओर भारी मात्रा में जियोमेग्नेटिक एनर्जी फेंकी गई है जो धरती की ओर बढ़ी चली आ रही है। 

नासा के अनुसार, 10 और 11 मई को 2 शक्तिशाली सोलर फ्लेयर SDO ने रिकॉर्ड किए। इनमें से एक 10 मई, 9:23 p.m. EDT पर उठा था और दूसरा 11 मई को 7:44 a.m. EDT पर अपने पीक पर था। SDO ने इनकी इमेज भी कैप्चर की है। इन्हें X5.8 और X1.5 के सोलर फ्लेयर के रूप में क्लासिफाई किया गया है। 

National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) ने अलर्ट जारी किया है। कई कोरोनल मास इजेक्शन (CME) धरती की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से पहले के लिए NOAA का अलर्ट जारी किया जा चुका है। सौर धमाकों के बाद अंतरिक्ष में अलग ही नजारा देखा गया। धरती पर सौर तूफानों का असर कई बार आसमानी रोशनी के रूप में देखा जाता है। इन धमाकों के बाद दुनियाभर में अंतरिक्ष में रोशनी का खेल देखा गया। इसे ऑरोरा कहते हैं जो धरती के वायुमंडल में बिखर जाती है। इस दौरान आसमान गुलाबी, हरी, और बैंगनी रंग की छटाओं से घिर जाता है। यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक ऑरोरा की घटनाएं आसमान में देखे जाने की बात सामने आई है।  

ये सौर तूफान सूर्य के एक खास एक्टिव हिस्से से निकलते हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि कोरोनल मास इजेक्शन (CME) में ऊर्जा के कण फूटते हैं जो सौर हवाएँ पैदा करते हैं। इससे पृथ्वी के मेग्नेटिक फील्ड पर प्रभाव पड़ता है। ये इसके मेग्नेटिक फील्ड को भेदकर अंदर प्रवेश कर जाते हैं जिससे आसमान में रंगीन छटा देखने को मिलती है। लेकिन कई बार इलेक्ट्रिक नेटवर्क और सैटेलाइट्स को इनसे खतरा पैदा हो जाता है। ये इनकी कार्यप्रणाली को ध्वस्त करने की क्षमता भी रखते हैं। 
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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